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Tuesday, March 31, 2026

महाराष्ट्र के बाबा अशोक खरात की 7 घंटे की प्रेमपुर्वक पूछताछ में पता चलीं यें बातें पढ़ लिजिए 👇


महाराष्ट्र के बाबा अशोक खरात की 7 घंटे की प्रेमपुर्वक पूछताछ में पता चलीं यें बातें पढ़ लिजिए

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वहीं इस मामले में बाबा की भक्तिन रहीं महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रूपाली चाकणकर की तरफ से यें सफाई भी दी गई है कि बाबा के साथ जों उनकी फोटो/वीडियोज है वो उनके आयोग की अध्यक्षा बनने से पहले के हैं, और उन्हें महिला आयोग की अध्यक्षा का पद भी बाबा ने ही दिलवाया था!

यह सवाल अब भी है..??????
बाबा तो रुद्राक्ष वाले बाबा से भी बहुत ज़्यादा श्याणा निकला! बाबा 100 रुपये किलो के इमली बीज को बाबा बना देता था 'चमत्कारी सिद्ध बीज' बाबा बाजार से सौ रुपए किलो में साधारण इमली के बीज खरीदता था। फिर स्टाफ से पॉलिश करवाता था! चमकाता था! फिर पूजा-पाठ का ड्रामा रचता था!
और फिर बाबा भक्तों को बोलता था कि अब “ये बीज भगवान श्रीकृष्ण ने खुद आशीर्वाद में दिएं है! और इन्हें घर में रखो तो सारी परेशानियाँ, ग्रह दोष, दुश्मन सब भाग जाएंगे!” नो दो ग्यारा हो जाएंगे! सुख शांति और समृद्धि आ जाएंगी...
ऐसे में बाबा का एक-एक बीज ₹एक-1 लाख तक में बिकता था, भक्तों को कहता था कि यें बीज अभिमंत्रित है! जैसे रुद्राक्ष होता है! मूर्ख भक्त लोग रुपये देते और खुशी-खुशी यें सोचते हुए बड़े चाव से लेकर जाते थे कि यें ही तो बाबा का असली आशीर्वाद है...
🤔🤔🤔
बाबा कभी कभी नकली सांप का खेल भी दिखाता था जिसे भक्त लोग बड़ें चाव से देखते थे जैसे ही बाबा पुजा अर्चना पर बैठते थे तो अचानक रिमोट कंट्रोल से चलने वाले नकली प्लास्टिक के असली से दिखने वाले सांप हिलते थे तो लोग डर जाते थे और फिर बाबा उनको रिमोट कंट्रोल से कंट्रोल कर लेता था और भक्त लोग जानते थे कि यें देखो बाबा की शक्ति है..
यहीं नहीं बाबा के पास बाघ की खाल, जंगली जानवरों के नकली सामान सहित बाबा के पास पूरा का पुरा तांत्रिक सीन सेट रहता था! जिससे बाबा डर का माहौल बनाकर खुद को 'महान रक्षक' बताता था और फिर भक्तों से लाखों रुपये चढ़ावा में ऐंठ लेता था।


महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रूपाली चाकणकर की तरफ से यें सफाई


यें तो हुईं पुरूषों के साथ खेल खेलने की बाबा की विध्धा.....
अब सुनो बाबा के महिलाओं के साथ तो खेल और भी खतरनाक खेल की दास्तां!
👇
बाबा पहले महिलाओं का भरोसा जीतता था, फिर कुछ महिलाएं तो अपने आप बाबा पर फिदा हो जाती थी और बाबा जो भी उनके साथ करता था उसे आशिर्वाद समझकर खुशी-खुशी ग्रहण कर लिया करती थी और जों नहीं मानती थी उन्हें बाबा नशे की दवा या हिप्नोसिस से बेसुध करके उनके गुप्त कैमरे से वीडियोज बनाता था और फिर उन्हें बाबा ब्लैकमेल करता था। बाबा के पास अब तक ऐसे 58 अश्लील वीडियो पुलिस को पेन ड्राइव में मिल चुके हैं।
बाबा पहले पीड़ित की आर्थिक स्थिति परिस्थितियों को पुरी तरह से देखता था, फिर उसी स्टेंडर्ड से उसके साथ ड्रामा रचता था और उल्लू बनाता था।
बाबा ने अबतक सौ से ज्यादा विदेशी यात्राएँ भी कर लीं है और बाबा के पास करीब 150 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति है बाबा के पास यें सब कुछ अंधविश्वास की आड़ में लोगों से इकट्ठा किया गया धन संपत्ति है।
बाबा के उपर अब-तक 6 शिकायतें तो पुलिस के पास दर्ज़ हो चुकीं और रोज नई-नई बातें भी बाबा की सामने आती जा रही हैं। जरा सोचिये तो सही कि संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम के इलाके में ये सब हुआ है...???????
नोट: बाकी बाबा की छानबीन में पूरी तरीके से पुलिस लगी है और कोई भी ठोस जानकारी आएगी तो आप तक जरूर शेयर की जाएगी।

कौन है ये 'बाबा' अशोक खरात, क्यों फंसी महिला आयोग की अध्यक्ष, क्या वायरल वीडियो रूपाली चाकणकर के साथ है?


कौन है ये 'बाबा' अशोक खरात, क्यों फंसी महिला आयोग की अध्यक्ष, क्या वायरल वीडियो रूपाली चाकणकर के साथ है?


🛑 'बाबा' अशोक खरात ये बंदा खुद को बहुत बड़ा ज्योतिषी और नंबरों का खेल जानने वाला (Numerologist) कहता है। नाशिक में इसका अच्छा-खासा रुतबा मन जाता था। कहता था कि मेरे पास आओ, मैं तुम्हारी सारी टेंशन दूर कर दूँगा।
लेकिन ये महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाता था। आरोप है कि ये उन्हें👉 नशीली चीजें खिलाकर उनके साथ गलत काम करता और कैमरे से वीडियो बना लेता था ताकि बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर सके।
🛑 रूपाली चाकणकर का इसमें क्या लेना-देना देखो रूपाली जी महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष थीं (जिनका काम महिलाओं को न्याय दिलाना है)।
अब हुआ ये कि इनका एक पुराना वीडियो (करीब 2021 का) बाहर आ गया। वीडियो में वो इस बाबा के पैर धो रही हैं, आरती उतार रही हैं और उसे 'भगवान' जैसा बता रही हैं।
👉पंगा यहाँ फंसा जनता कहने लगी कि जो महिला खुद औरतों के हक के लिए लड़ती है, वो ऐसे 'ढोंगी' बाबा के सामने नतमस्तक कैसे हो सकती है? लोग कह रहे रूपाली चाकणकर खुद बाबा का शिकार हो चुकी थी। और उन्हें सब पता नहीं था कि ये आदमी क्या गुल खिला रहा है?
🛑 धमाका कब हुआ 👇?
पुलिस ने जब बाबा के फार्महाउस पर छापा मारा, तो वहां 50 से ज्यादा महिलाओं के गंदे वीडियो मिले। जैसे ही बाबा गिरफ्तार हुआ, रूपाली चाकणकर वाला वो पुराना वीडियो फिर से वायरल हो गया और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
🛑 अब क्या हुआ? (इस्तीफा और सियासत)
👉 सोशल मीडिया पर लोगों ने रूपाली चाकणकर को खूब ट्रोल किया। विपक्ष ने भी घेर लिया।
👉 रूपाली जी ने कहा कि मैं तो बस एक सत्संग/प्रोग्राम में गई थी, मुझे बाबा के काले कारनामों का आइडिया नहीं था।
👉 दबाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने 'नैतिकता' (Ethics) के आधार पर महिला आयोग के पद से इस्तीफा दे दिया।
🛑लोग पूछ रहे है 👇
👉 क्या ये बाबा सिर्फ अपने दम पर इतना सब कर रहा था, या इसके पीछे बड़े-बड़े नेताओं का हाथ था?
👉 क्या बड़े लोगों के कनेक्शन की वजह से ही पुलिस इतने सालों तक चुप रही?
👉 क्या सिर्फ इस्तीफा दे देने से उन महिलाओं को न्याय मिल जाएगा जिनका वीडियो इस बाबा के पास है?

समस्त पत्रकार बंधुओं एवं उनके परिवार हेतु शैल्बी अस्पताल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 31 मार्च 2026 को


जबलपुर के समस्त पत्रकार बंधुओं एवं उनके परिवार हेतु शैल्बी अस्पताल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 31 मार्च 2026 को

 *जबलपुर के पत्रकारों के लिए विशेष सूचना* 

 *जबलपुर के समस्त पत्रकार बंधुओं एवं उनके परिवार हेतु शैल्बी अस्पताल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 31 मार्च 2026 को*

 *दिनांक:* 31 मार्च 2026

⏰ *समय:* प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक

पत्रकार बंधुओं के देश के प्रति समर्पण और उनके सेवा भाव को नमन करते हुए, *“जो हैं देश की सेवा में, शैल्बी उनकी सेवा में”* इस विशेष पहल के अंतर्गत एक *विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर* का आयोजन किया जा रहा है।

शैल्बी अस्पताल, अहिंसा चौक, जबलपुर के के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक प्रिंट मीडिया के समस्त वीडियो/फोटो ग्राफर, पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर दिनांक 31 मार्च 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आयोजित किया जा रहा है।


इस शिविर में उपलब्ध निःशुल्क सुविधाएँ :

1. हड्डी, मस्तिष्क, कैंसर, हृदय रोग, शिशु रोग, पेट, छाती आदि समस्त विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श

2. लगभग ₹ 4500 तक की जाँचें पूर्णतः निःशुल्क जिनमें -ECG, PFT, Uric Acid, Blood Sugar आदि शामिल हैं।

3. आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त रेडियोलॉजी एवं पैथोलॉजी जाँचों में 20% तक की छूट

4. दवाओं पर 10% तक की विशेष छूट

आइए, इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य की जांच कराएं।

*आपकी सेवा में सदैव तत्पर – शैल्बी अस्पताल*

इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट का एनुअल एंडोमेंट अवार्ड 2025 : महाकौशल विंध्य और बुंदेलखंड के उत्कृष्ट कार्यो को किया गया सम्मानित


इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट का एनुअल एंडोमेंट अवार्ड 2025 : महाकौशल विंध्य और बुंदेलखंड के उत्कृष्ट कार्यो को किया गया सम्मानित

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इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट का एनुअल एंडोमेंट अवार्ड 2025 कार्यक्रम आयोजित

जबलपुर - क्रीट के क्षेत्र में कार्य रही कार्य कर रही देश की सबसे बड़ी तकनीकी संस्था इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट जबलपुर सेंटर के तत्वावधान में महाकौशल विंध्याचल और बुंदेलखंड क्षेत्र में आउटस्टैंडिंग कंस्ट्रक्शन कार्यों के लिए विभिन्न कैटेगरी में अवार्ड प्रदान किए गए । 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक निर्माण विभाग (भवन) के मुख्य अभियंता इंजीनियर संजय डहरिया ने ऐसे आयोजन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रोत्साहन से दूसरों को भी अच्छे कार्य करने की प्रेरणा मिलती है । विशेष अतिथि के तौर पर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता इंजीनियर आर एल वर्मा ने इस कार्य की प्रशंसा की । 

इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में *इंजीनियर आर पी दुबे रिटायर्ड अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग* को उनके द्वारा ब्रिज, फ्लाई ओवर और कंक्रीट के क्षेत्र में किए गए अतुलनीय कार्यों के लिए *लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड* से सम्मानित किया गया । 

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल के निर्माण से जुड़े अतिथि वक्ता इंजी *मोहम्मद अबु आसिफ* का तकनीकी लेक्चर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा । उन्होंने इसके निर्माण से संबंधित तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया ।

इंजीनियर्स और आर्किटेक्टस को इन केटेगिरी में किया गया है सम्मानित

*रेजिडेंशियल इंडिविजुअल* में आर्किटेक्ट सजल साहू, इंजी राहुल ठाकुर, मोतिफ आर्किटेक्ट एंड डिजाइन एसोसिएट, मल्टी स्टोरी के लिए आर्किटेक्ट दीपक बजाज एवं इंजीनियर चेतन बजाज शहडोल, 

*कमर्शियल बिल्डिंग* के लिए श्रीखंड डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड एवं पंकज खंडेलवाल कटनी एवं आर्किटेक्ट सिंडिकेट जबलपुर, और एम डी एसोसिएटस, 

*इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग* के लिए कलंतरे एसोसिएट्स को अवॉर्ड दिया गया । 

*बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर* निर्माण का अवार्ड लोक निर्माण विभाग जबलपुर एवं नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया जिन्होंने प्रदेश में  सबसे लंबे रानी दुर्गावती फ्लाई ओवर का निर्माण किया । इसके अलावा 29 इंजीनियर और आर्किटेक्ट्स को अप्रिशिएसन सर्टिफिकेट प्रदान किए गए । 

इन अवॉर्ड्स के चयन हेतु विशेष जूरी समिति बनाई गई थी जिसमें *डॉ राजीव चांडक, लव राघव सी टी एस नेशनल हेड, इंजी गोपाल गुप्ता, इंजी मनीष दुबे, आर्किटेक्ट सुजीत कलंतरे, प्रोफेसर आर के ग्रोवर, इंजी सिद्धार्थ सिंह* ने इन अवार्ड  हेतु उत्कृष्ट प्रविष्टियों का चयन किया । कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन संस्था सचिव *डॉ संजय वर्मा* द्वारा किया गया एवं कार्यकारिणी समिति के *इंजी सुधीर मिश्रा सी टी एस जोनल हेड, इंजी नीरज ब्यौत्रा, वैभव सिंघई, संजय विश्वकर्मा, प्रभात श्रीवास्तव* का विशेष सहयोग रहा इस कार्यक्रम में 25 जिलों से लगभग 200 इंजीनियर और आर्किटेक्ट्स की उपस्थिति रही  I कार्यक्रम के आयोजन में जे के सीमेंट लिमिटेड का विशेष योगदान रहा  I 


Saturday, March 28, 2026

शराब का कारोबार मौलिक अधिकार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डिस्टिलरी के लाइसेंस सस्पेंड करने का फैसले सही ठहराया

जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने :
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज़ के कई लाइसेंस सस्पेंड करने के फैसले को सही ठहराया

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जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज़ के कई लाइसेंस सस्पेंड करने के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि शराब का कारोबार कोई मौलिक अधिकार नहीं है और यह सख्त कानूनी नियमों के अधीन है।

जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने कहा:

"पहली बात तो यह कि शराब का कारोबार कोई मौलिक अधिकार नहीं है। दूसरी बात यह कि जब आनुपातिकता (Proportionality) की कसौटी पर इसे परखा जाता है तो उस आधार पर भी अथॉरिटी का फैसला एक्साइज एक्ट और उसके तहत बनाए गए नियमों के दायरे में है, इसलिए इसमें कोई गलती नहीं निकाली जा सकती।"

याचिकाकर्ताओं ने 4 फरवरी, 2026 को एक्साइज कमिश्नर द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें दो संस्थाओं - सोम डिस्टिलरीज़ प्राइवेट लिमिटेड और सोम डिस्टिलरीज़ एंड ब्रूअरीज़ प्राइवेट लिमिटेड - को दिए गए आठ लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए।

यह कार्रवाई फरवरी 2024 में जारी एक 'कारण बताओ नोटिस' (Show-Cause Notice) के आधार पर की गई। यह नोटिस, जाली परमिट का इस्तेमाल करके अवैध रूप से शराब की ढुलाई करने के मामले में हुई आपराधिक सज़ाओं के चलते जारी किया गया। जिन लाइसेंसों की बात हो रही है, उनकी मूल समय सीमा 31 मार्च, 2024 को खत्म हो गई, लेकिन बाद में उन्हें अगले सालों के लिए रिन्यू कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि 'कारण बताओ नोटिस' मूल लाइसेंस की अवधि खत्म होने के बाद लागू नहीं रह सकता और इसे रिन्यू किए गए लाइसेंसों पर लागू नहीं किया जा सकता।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि पुराने लाइसेंसों की अवधि खत्म होते ही 'कारण बताओ नोटिस' बेअसर हो गया। इसे अगले सालों के लिए रिन्यू किए गए लाइसेंसों पर लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे यह भी कहा कि चूंकि आपराधिक मामलों में अपील दायर की जा चुकी है और सज़ाओं पर रोक लगा दी गई, इसलिए 'कारण बताओ नोटिस' का मूल आधार ही खत्म हो गया।

वकील ने आगे तर्क दिया कि इसमें 'प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों' का उल्लंघन हुआ। इसमें सुनवाई का उचित मौका न मिलना और दो अलग-अलग संस्थाओं के खिलाफ एक ही (संयुक्त) 'कारण बताओ नोटिस' जारी करना शामिल है।

इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि कर्मचारियों को मिली सज़ाओं के लिए कंपनियों को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यह कि संबंधित कानूनी प्रावधानों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।

राज्य सरकार के वकील ने तर्क दिया कि लाइसेंसों का सालाना रिन्यूअल इस शर्त पर होता है कि कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाएगा। इसलिए पहले किए गए उल्लंघनों के कानूनी परिणाम अभी भी लागू रहेंगे। उन्होंने आगे यह भी तर्क दिया कि आपराधिक सज़ा पर कोई रोक (Stay) नहीं लगी है। सिर्फ सज़ा को सस्पेंड कर देने से यह साबित नहीं हो जाता कि वे दोषी नहीं हैं।

अदालत ने याचिकाकर्ता के तर्कों को खारिज कर दिया, यह मानते हुए कि लाइसेंस नए सिरे से दिए गए अनुदान नहीं थे, बल्कि अधिनियम और नियमों के पालन की शर्त पर उनका नवीनीकरण किया गया। इसलिए नवीनीकरण होने पर पिछली अनियमितताओं का महत्व समाप्त नहीं हो गया।

इसके अलावा, अदालत ने स्पष्ट किया कि सज़ा का निलंबन दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक के बराबर नहीं होता; अदालत ने यह भी कहा कि ऐसा कोई भी साक्ष्य पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि दोषसिद्धि पर ही रोक लगा दी गई।

नैसर्गिक न्याय के मुद्दे पर अदालत ने पाया कि धारा 31(1-A) के तहत वैधानिक आवश्यकताओं का विधिवत पालन किया गया, क्योंकि कारण बताओ नोटिस में कारणों का उल्लेख था, आवश्यक विवरण दिए गए और जवाब देने का अवसर भी प्रदान किया गया। अदालत ने आगे यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अपने जवाबों में जाली परमिट का उपयोग करके शराब की ढुलाई करने के मुख्य आरोप से इनकार करने में विफल रहे, जो उनके खिलाफ गया।

अदालत ने फैसला सुनाया,

"यहां तक ​​कि लाइसेंस के खंड V में भी शर्तों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। इसलिए इस कसौटी पर भी आबकारी आयुक्त के कार्य में कोई दोष नहीं निकाला जा सकता।"

अदालत ने आगे यह भी कहा कि आबकारी अधिनियम की धारा 31(1)(c) और 44 के तहत कर्मचारियों, एजेंटों और लाइसेंस धारक की ओर से कार्य करने वाले व्यक्तियों के कार्यों के लिए लाइसेंस धारक को ही जिम्मेदार माना जाता है। इस प्रकार, ड्राइवर, क्लीनर और अन्य संबंधित व्यक्तियों की दोषसिद्धि ही वैधानिक परिणामों को लागू करने के लिए पर्याप्त थी।

पीठ ने कहा,

"इस प्रकार, 'कोई भी व्यक्ति जो उसकी (लाइसेंस धारक की) ओर से उसकी स्पष्ट या निहित अनुमति से कार्य कर रहा हो' - इस वाक्यांश में उस ट्रक का ड्राइवर और क्लीनर भी शामिल होगा, जिसमें सामग्री की ढुलाई की गई। इसलिए मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत उनकी दोषसिद्धि, आबकारी अधिनियम की धारा 31 की उप-धारा (1) के खंड (c) की भाषा के अनुसार, लाइसेंस धारक पर भी बाध्यकारी होगी।"

आनुपातिकता के सिद्धांत (Doctrine of Proportionality) को लागू करते हुए अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए - जिसमें जाली परमिट का उपयोग और आबकारी राजस्व की हानि शामिल थी - राज्य द्वारा की गई कार्रवाई उचित और न्यायसंगत थी।

पीठ ने टिप्पणी की,

"इसलिए विदेशी शराब की ढुलाई के लिए जाली परमिट का उपयोग करके की गई धोखाधड़ी के संदर्भ में प्रतिवादियों के विवादित कार्यों को जब आनुपातिकता के सिद्धांत की कसौटी पर परखा जाता है, तो उनमें कोई दोष नहीं निकाला जा सकता।"

इस प्रकार, अदालत ने रिट याचिका खारिज की।

Case Title: Som Distilleries v State of Madhya Pradesh [WP-4915-2026]


Friday, March 27, 2026

थाना लार्डगंज पुलिस की कार्यवाही, 2 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार चुराये हुये 12 दुपहिया वाहन जप्त


थाना लार्डगंज पुलिस की कार्यवाही, 2 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार चुराये हुये 12 दुपहिया वाहन जप्त


सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे  (https://timesofcrime.com/ ) जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036 

जबलपुर. पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा जिले में पदस्थ समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को लूट, झपटमारी, नकबजनी, वाहन चोरी की घटनाओ पर अंकुश लगाने हेतु जेल से रिहा हुये सम्पत्ति सम्बंधी अपराधियों एवं पूर्व में पकडे गए संपत्ति संबंधी अपराधियों से सघन पूछताछ एवं उनकी गुजर बसर की जांच तथा घटित हुई चोरी एवं नकबजनी में आरोपियों की पतासाजी करते हुए चोरी गए मशरूका की बरामदगी हेतु  आदेशित किया गया है।

आदेश के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री आयुष गुप्ता (भा.पु.से.)  एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री रीतेश कुमार शिव के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी लार्डगंज श्री नवल आर्य के नेतृत्व मे गठित टीम द्वारा 2 शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर आरोपियेां के कब्जे से चुराये हुये 12 दुपहिये वाहन जप्त किये गये है।   

थाना लार्डगंज की टीम द्वारा 1-कासिम खान पिता मोह. अतीक खान उम्र 25 साल रजा चौक, न्यू आनंद नगर, थाना गोहलपुर , 2-फैजान अंसारी उर्फ तोता पिता महमूद अहमद उम्र 23 साल निवासी मक्का नगर गली न 01 हनुमानताल  को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने थाना लार्डगंज, कोतवाली, ओमती, विजयनगर, घमापुर एवं कटनी क्षेत्र से दुपहिया वाहन चोरी करना स्वीकार किये।

 नाम पता गिरफ्तार आरोपी -

1-कासिम खान पिता मोह. अतीक खान उम्र 25 साल रजा चौक, न्यू आनंद नगर, थाना गोहलपुर  

2-फैजान अंसारी उर्फ तोता पिता महमूद अहमद उम्र 23 साल निवासी मक्का नगर गली न 01 हनुमानताल

आरोपियेां के कब्जे से चुराये हुये 12 दुपहिये वाहन  एक्सेस क्रमांक एमपी 20   एसएन 7110, प्लेटीना क्रमांक एमपी 49 एम 9528, एक्सेस क्रमांक एमपी 20 यूए 4288, एक्सेस क्रमांक एमपी 20 एसटी 4577,  पैशन प्रो क्रमांक एमपी 20 एनक्यू 5681, स्प्लेंडर क्रमांक एमपी 09 क्यूटी 9499, एक्सेस क्रमांक एमपी 20  एसटी 8958, एक्सेस क्रमांक एमपी 20  एसआर 8581, एक्टीवा क्रमांक एमपी 20 एस एन 3623, एक्टीवा क्रमांक एमपी 20 एसडब्ल्यू 6552,   स्प्लेण्डर क्रमांक एमपी 20 एमक्यू 4836, स्प्लेण्डर क्रमांक एमपी 20 एमवाय 2837 जप्त करते किये गये।

वाहनों के सम्बंध में पतसाजी करने पर एक्सेस क्रमांक एमपी 20   एसएन 7110, प्लेटीना क्रमांक एमपी 49 एम 9528,के चोरी जाने की रिपोर्ट थाना लार्डगंज मे पजीबद्ध होना पायी गयी।  दोनों आरोपियो को थाना लार्डगंज के अप क्र 106/26  एवं 202/26  में गिरफ्तार करते हुये इस्तगासा 01/26 धारा 35(1)(ड) बीएनएसएस के तहत कार्यवाही कर अन्य वाहनो के सम्बंध मे पतासाजी की जा रही है। 

शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर चुराये हुये वाहन जप्त करने में थाना प्रभारी लार्डगंज श्री नवल आर्य, उप निरीक्षक राहुल बघेल, उप निरीक्षक रामेश्वर गोस्वामी, सहायक उप निरीक्षक राजेश वर्मा, प्रधान आरक्षक ब्रम्हप्रकाश मिश्रा, आरक्षक पंकज सनोडिया, आरक्षक शुभम पटेल, आरक्षक हूलेश परस्ते, आरक्षक आदर्श दुबे, आरक्षक श्याम गुर्जर, आरक्षक कुंदन सिंह की सराहनीय भूमिका रही।