Showing posts with label राष्ट्रीय. Show all posts
Showing posts with label राष्ट्रीय. Show all posts

Friday, April 3, 2026

93 लाख के घोटाले में जबलपुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा निलंबित


93 लाख के घोटाले में जबलपुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा निलंबित

सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे  (https://timesofcrime.com/ ) जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036

जबलपुर। लगातार घोटाले दर घोटाले की आंच आखिरकार सीएमएचओ जबलपुर डा संजय मिश्रा तक पहुंच गई और तत्काल प्रभाव से आयुक्त लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। प्रभारी मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, जिला जबलपुर सह क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग यानी दो प्रमुख पदों से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही निलंबन काल में मिश्रा का मुख्यालय कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल संभाग नियत किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

जबलपुर सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने किया भ्रष्टाचार, विभागीय अफसरों पर हैं जांच दबाने के आरोप

इसे भी पढ़ें :- जबलपुर सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने किया भ्रष्टाचार, विभागीय अफसरों पर हैं जांच दबाने के आरोप

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा फर्जी देयकों से भुगतान मामले में जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर भोपाल मुख्यालय से यह आदेश जारी किए गए हैं। इस पूरे मामले में सरकारी खजाने को करोडों रुपये की चपत लगाने के साथ ही महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के गायब होने की पुष्टि हुई है। जांच में पाया गया कि विभागीय स्तर पर वित्तीय नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई और बिना सामग्री प्राप्त किए ही निजी कंपनियों को भुगतान कर दिया गया।


93 लाख के घोटाले में जबलपुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा निलंबित

उल्लेखनीय है कि कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय में फर्जी देयक लगाकर भुगतान किये जाने के प्रकरण में दोषी पाये जाने पर स्‍टोर कीपर का दायित्‍व संभाल रहे फार्मासिस्‍ट नीरज कौरव को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था‌। वही इसी मामले में संविदा आधार पर नियुक्‍त जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्‍य तिवारी एवं फार्मासिस्‍ट जवाहर लोधी को मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय से हटाकर जांच पूरी होने तक सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सिहोरा में पदस्‍थ किया है।

डॉ. राहुल अग्रवाल एवं डॉ. आकाश जैन द्वारा संचालित क्‍लीनिकों का पंजीयन तत्‍काल प्रभाव से निरस्‍त

इसे भी पढ़ें :-डॉक्‍टर्स हाउस सहित तीन क्‍लीनिकों का पंजीयन निरस्‍त, मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी ने जारी किया आदेश

संविदा आधार पर इन दोनों कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्‍ताव डायरेक्‍टर एनएचएम को भेजा गया था। ज्ञात हो कि कलेक्‍टर श्री सिंह द्वारा मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी कार्यालय में फर्जी देयकों के माध्‍यम से साईनेज निर्माण तथा स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामग्री के नाम से भोपाल की निजी कंपनी को बिना सामग्री प्राप्त हुए भुगतान किये जाने की शिकायतें प्राप्‍त होने पर डिप्‍टी कलेक्‍टर रघुवीर सिंह मरावी के नेतृत्‍व में जांच दल गठित किया था।

स्वास्तिक हॉस्पिटल को नहीं मिली नगर निगम की NOC : दस्तावेज़ों ने खोली सच्चाई

इसे भी पढ़ें :-स्वास्तिक हॉस्पिटल को नहीं मिली नगर निगम की NOC : दस्तावेज़ों ने खोली सच्चाई

जांच में पाया गया था 12 फर्जी देयकों के माध्‍यम से भोपाल की सिंह एंटरप्राइजे़ज को साइनेज एवं स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामग्री के नाम से 93 लाख 04 हजार 998 रूपये का भुगतान किया जा चुका है। जबकि, भौतिक रूप से यह सामग्री प्राप्‍त ही नहीं हुई थी। जांच रिपोर्ट को आगे की कार्यवाही के लिए डायरेक्‍टर एनएचएम भोपाल को प्रेषित कर दिया गया था।

  • भोपाल की एक फर्म को 82.51 लाख का क्रय आदेश जारी कर भुगतान भी कर दिया, जबकि सामग्री आज तक रिसीव नहीं हुई। 
  • शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं में बिना रंगाई-पुताई किए एवं बिना कम्प्यूटर सुधार किए 51.30 लाख का फर्जी भुगतान।
  • जबलपुर की एक फर्म को 25 लाख का भुगतान, इसमें वर्क ऑर्डर 2 मार्च को जारी हुआ और 3 दिन में बिल लगा दिया गया। 
  • जबलपुर की फर्मों से कम्प्यूटर सामग्री नहीं ली गई, सीएमएचओ स्टोर में इससे जुड़ी एंट्री नहीं है, फिर भी भुगतान किया गया।

Thursday, April 2, 2026

भड़पुरा में शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप को परिवर्तित कर कॉलोनी निर्माण के प्रकरण में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का फैसला, 4 करोड़ रुपये का अर्थदंड अधिरोपित


कॉलोनाइजर और भूमि स्वामियों पर 4 करोड़ रुपये का अर्थदंड अधिरोपित.


कॉलोनाइजर और भूमि स्वामियों पर 4 करोड़ रुपये का अर्थदंड अधिरोपित.

भड़पुरा में शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप को परिवर्तित कर कॉलोनी निर्माण के प्रकरण में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का फैसला

गूगल अर्थ की डिजिटल इमेज भी बनी साक्ष्य.

जबलपुर - राँझी तहसील के अंतर्गत ग्राम भड़पुरा में शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप में परिवर्तन करने तथा बिना अनुमति के मिट्टी, मुरम और बोल्डर का खनन कर आवासीय कॉलोनी के निर्माण में उपयोग करने के प्रकरण में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कॉलोनाइजर सीओडी कॉलोनी निवासी अभिलाष तिवारी एवं भूमि स्वामी न्यू शोभापुर निवासी श्रीमती शोभना सिंह, मुकेश सिंह, महेश सिंह, नरेंद्र सिंह, श्रीमती रागिनी सिंह एवं रमेश सिंह के विरुद्ध 4 करोड़ 08 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।

कलेक्टर श्री सिंह ने प्रकरण में पारित आदेश में तय समय के भीतर अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर वसूली के लिये आरआरसी जारी करने तथा इसके बावजूद भी अर्थदंड की राशि जमा नहीं किये जाने की स्थिति में तहसीलदार के माध्यम से कुर्की की कार्यवाही करने के आदेश खनिज अधिकारी को दिये हैं।

कलेक्टर कोर्ट में यह प्रकरण ग्राम भड़पुरा में पटवारी हल्का नम्बर 02 की खसरा नम्बर 391/13 क एवं अन्य खसरे की 4.24 हेक्टेयर भूमि में से 2.58 हेक्टेयर निजी भूमि पर अवैध उत्खनन और कॉलोनी निर्माण किये जाने की प्राप्त शिकायत पर तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं खनिज निरीक्षकों द्वारा संयुक्त निरीक्षण के बाद दिये गये प्रतिवेदन के आधार पर प्रारंभ किया गया था।

राजस्व एवं खनिज विभाग को टीम ने जांच कर इस प्रकरण में भूमि स्वामी नरेंद्र सिंह ठाकुर के पुत्र निशांत सिंह एवं कॉलोनाइजर अभिलाष तिवारी द्वारा खनिज का अवैध भंडारण किये जाने पर एक हजार घनमीटर मुरम एवं एक हजार घनमीटर बोल्डर के लिये 50 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करना प्रस्तावित किया था। जिसके आधार पर भूमि स्वामियों और कॉलोनाइजर को नोटिस जारी तथा सुनवाई के बाद कलेक्टर कोर्ट ने आदेश जारी कर 50 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया था। कलेक्टर कोर्ट के इस आदेश इस आदेश के विरुद्ध  कमिश्नर न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई थी तथा कमिश्नर द्वारा कलेक्टर  के आदेश को यथावत रखा गया था।

पहाड़ी के मूल स्वरूप में परिवर्तन कर कॉलोनी का निर्माण किये जाने की इस शिकायत पर बाद में कलेक्टर द्वारा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी राँझी एवं जिला खनिज अधिकारी से भी शिकायत की जांच कराई गई थी। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं जिला खनिज अधिकारी अपने जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया था कि इस प्रकरण में समस्त अनुमतियां प्राप्त कर कॉलोनी के विकास कार्य हेतु समतलीकरण किया गया है। इसके बावजूद कमर्शियल प्रोजेक्ट होने से कॉलोनाइजर और भूमि स्वामी को खनिज का उपयोग किये जाने के पूर्व उपयोग किये गये खनिज की रॉयल्टी अग्रिम रूप से जमा करनी थी। किंतु, उनके द्वारा ऐसा न करके समतलीकरण के कार्य के दौरान निकले खनिज का उपयोग बिना रॉयल्टी का भुगतान किये किया गया, जो मध्यप्रदेश खनिज ( अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के प्रावधानों का उल्लंघन है। 

अनुविभागीय राजस्व अधिकारी राँझी एवं जिला खनिज अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेख किया था कि बिना अनुमति उपयोग किये गये 13 हजार 600 घनमीटर खनिज (मिट्टी, मुरम और बोल्डर) की 6 लाख 80 हजार रुपये की रॉयल्टी की पंद्रह गुना 1 करोड़ 02 लाख रुपये अर्थदण्ड के रूप में तथा पर्यावरण क्षतिपूर्ती के 1 करोड़ 02 लाख रुपये और इस प्रकार कुल 2 करोड़ 04 लाख रुपये की राशि, एक हजार रुपये के प्रशमन शुल्क के साथ कॉलोनाइजर तथा भूमि स्वामियों से जमा कराकर प्रकरण का निराकरण किया जा सकता है।

गूगल अर्थ डिजिटल इमेज से भी हुई पहाड़ी के स्वरूप में परिवर्तन की पुष्टि :-


भड़पुरा में शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप में परिवर्तन कर कॉलोनी के विकास करने के इस प्रकरण में कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह द्वारा पारित आदेश में खनिज निरीक्षक द्वारा दिये गये जांच प्रतिवेदन के साथ संलग्न की गई गूगल अर्थ से प्राप्त डिजिटल इमेज का भी उल्लेख किया गया है। आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2019 से वर्ष 2025 की गूगल अर्थ की डिजिटल इमेज के अवलोकन से भी यह स्पष्ट है कि वर्ष 2019 में प्रश्नाधीन भूमि का भौतिक स्वरूप पहाड़ीनुमा आकृति का था, जिसे वर्ष 2020, 2021 एवं वर्ष 2022 में परिवर्तित कर यहां निर्माण आदि की गतिविधियां की गई हैं।

Tuesday, March 31, 2026

महाराष्ट्र के बाबा अशोक खरात की 7 घंटे की प्रेमपुर्वक पूछताछ में पता चलीं यें बातें पढ़ लिजिए 👇


महाराष्ट्र के बाबा अशोक खरात की 7 घंटे की प्रेमपुर्वक पूछताछ में पता चलीं यें बातें पढ़ लिजिए

सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे  (https://timesofcrime.com/ ) जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036 

वहीं इस मामले में बाबा की भक्तिन रहीं महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रूपाली चाकणकर की तरफ से यें सफाई भी दी गई है कि बाबा के साथ जों उनकी फोटो/वीडियोज है वो उनके आयोग की अध्यक्षा बनने से पहले के हैं, और उन्हें महिला आयोग की अध्यक्षा का पद भी बाबा ने ही दिलवाया था!

यह सवाल अब भी है..??????
बाबा तो रुद्राक्ष वाले बाबा से भी बहुत ज़्यादा श्याणा निकला! बाबा 100 रुपये किलो के इमली बीज को बाबा बना देता था 'चमत्कारी सिद्ध बीज' बाबा बाजार से सौ रुपए किलो में साधारण इमली के बीज खरीदता था। फिर स्टाफ से पॉलिश करवाता था! चमकाता था! फिर पूजा-पाठ का ड्रामा रचता था!
और फिर बाबा भक्तों को बोलता था कि अब “ये बीज भगवान श्रीकृष्ण ने खुद आशीर्वाद में दिएं है! और इन्हें घर में रखो तो सारी परेशानियाँ, ग्रह दोष, दुश्मन सब भाग जाएंगे!” नो दो ग्यारा हो जाएंगे! सुख शांति और समृद्धि आ जाएंगी...
ऐसे में बाबा का एक-एक बीज ₹एक-1 लाख तक में बिकता था, भक्तों को कहता था कि यें बीज अभिमंत्रित है! जैसे रुद्राक्ष होता है! मूर्ख भक्त लोग रुपये देते और खुशी-खुशी यें सोचते हुए बड़े चाव से लेकर जाते थे कि यें ही तो बाबा का असली आशीर्वाद है...
🤔🤔🤔
बाबा कभी कभी नकली सांप का खेल भी दिखाता था जिसे भक्त लोग बड़ें चाव से देखते थे जैसे ही बाबा पुजा अर्चना पर बैठते थे तो अचानक रिमोट कंट्रोल से चलने वाले नकली प्लास्टिक के असली से दिखने वाले सांप हिलते थे तो लोग डर जाते थे और फिर बाबा उनको रिमोट कंट्रोल से कंट्रोल कर लेता था और भक्त लोग जानते थे कि यें देखो बाबा की शक्ति है..
यहीं नहीं बाबा के पास बाघ की खाल, जंगली जानवरों के नकली सामान सहित बाबा के पास पूरा का पुरा तांत्रिक सीन सेट रहता था! जिससे बाबा डर का माहौल बनाकर खुद को 'महान रक्षक' बताता था और फिर भक्तों से लाखों रुपये चढ़ावा में ऐंठ लेता था।


महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रूपाली चाकणकर की तरफ से यें सफाई


यें तो हुईं पुरूषों के साथ खेल खेलने की बाबा की विध्धा.....
अब सुनो बाबा के महिलाओं के साथ तो खेल और भी खतरनाक खेल की दास्तां!
👇
बाबा पहले महिलाओं का भरोसा जीतता था, फिर कुछ महिलाएं तो अपने आप बाबा पर फिदा हो जाती थी और बाबा जो भी उनके साथ करता था उसे आशिर्वाद समझकर खुशी-खुशी ग्रहण कर लिया करती थी और जों नहीं मानती थी उन्हें बाबा नशे की दवा या हिप्नोसिस से बेसुध करके उनके गुप्त कैमरे से वीडियोज बनाता था और फिर उन्हें बाबा ब्लैकमेल करता था। बाबा के पास अब तक ऐसे 58 अश्लील वीडियो पुलिस को पेन ड्राइव में मिल चुके हैं।
बाबा पहले पीड़ित की आर्थिक स्थिति परिस्थितियों को पुरी तरह से देखता था, फिर उसी स्टेंडर्ड से उसके साथ ड्रामा रचता था और उल्लू बनाता था।
बाबा ने अबतक सौ से ज्यादा विदेशी यात्राएँ भी कर लीं है और बाबा के पास करीब 150 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति है बाबा के पास यें सब कुछ अंधविश्वास की आड़ में लोगों से इकट्ठा किया गया धन संपत्ति है।
बाबा के उपर अब-तक 6 शिकायतें तो पुलिस के पास दर्ज़ हो चुकीं और रोज नई-नई बातें भी बाबा की सामने आती जा रही हैं। जरा सोचिये तो सही कि संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम के इलाके में ये सब हुआ है...???????
नोट: बाकी बाबा की छानबीन में पूरी तरीके से पुलिस लगी है और कोई भी ठोस जानकारी आएगी तो आप तक जरूर शेयर की जाएगी।

कौन है ये 'बाबा' अशोक खरात, क्यों फंसी महिला आयोग की अध्यक्ष, क्या वायरल वीडियो रूपाली चाकणकर के साथ है?


कौन है ये 'बाबा' अशोक खरात, क्यों फंसी महिला आयोग की अध्यक्ष, क्या वायरल वीडियो रूपाली चाकणकर के साथ है?


🛑 'बाबा' अशोक खरात ये बंदा खुद को बहुत बड़ा ज्योतिषी और नंबरों का खेल जानने वाला (Numerologist) कहता है। नाशिक में इसका अच्छा-खासा रुतबा मन जाता था। कहता था कि मेरे पास आओ, मैं तुम्हारी सारी टेंशन दूर कर दूँगा।
लेकिन ये महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाता था। आरोप है कि ये उन्हें👉 नशीली चीजें खिलाकर उनके साथ गलत काम करता और कैमरे से वीडियो बना लेता था ताकि बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर सके।
🛑 रूपाली चाकणकर का इसमें क्या लेना-देना देखो रूपाली जी महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष थीं (जिनका काम महिलाओं को न्याय दिलाना है)।
अब हुआ ये कि इनका एक पुराना वीडियो (करीब 2021 का) बाहर आ गया। वीडियो में वो इस बाबा के पैर धो रही हैं, आरती उतार रही हैं और उसे 'भगवान' जैसा बता रही हैं।
👉पंगा यहाँ फंसा जनता कहने लगी कि जो महिला खुद औरतों के हक के लिए लड़ती है, वो ऐसे 'ढोंगी' बाबा के सामने नतमस्तक कैसे हो सकती है? लोग कह रहे रूपाली चाकणकर खुद बाबा का शिकार हो चुकी थी। और उन्हें सब पता नहीं था कि ये आदमी क्या गुल खिला रहा है?
🛑 धमाका कब हुआ 👇?
पुलिस ने जब बाबा के फार्महाउस पर छापा मारा, तो वहां 50 से ज्यादा महिलाओं के गंदे वीडियो मिले। जैसे ही बाबा गिरफ्तार हुआ, रूपाली चाकणकर वाला वो पुराना वीडियो फिर से वायरल हो गया और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
🛑 अब क्या हुआ? (इस्तीफा और सियासत)
👉 सोशल मीडिया पर लोगों ने रूपाली चाकणकर को खूब ट्रोल किया। विपक्ष ने भी घेर लिया।
👉 रूपाली जी ने कहा कि मैं तो बस एक सत्संग/प्रोग्राम में गई थी, मुझे बाबा के काले कारनामों का आइडिया नहीं था।
👉 दबाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने 'नैतिकता' (Ethics) के आधार पर महिला आयोग के पद से इस्तीफा दे दिया।
🛑लोग पूछ रहे है 👇
👉 क्या ये बाबा सिर्फ अपने दम पर इतना सब कर रहा था, या इसके पीछे बड़े-बड़े नेताओं का हाथ था?
👉 क्या बड़े लोगों के कनेक्शन की वजह से ही पुलिस इतने सालों तक चुप रही?
👉 क्या सिर्फ इस्तीफा दे देने से उन महिलाओं को न्याय मिल जाएगा जिनका वीडियो इस बाबा के पास है?

Sunday, March 22, 2026

ढोंगी बाबा, तंत्र-मंत्र, सम्मोहन और 58 अश्लील वीडियो नासिक में हाई-प्रोफाइल ज्योतिषी अशोक खरात की गिरफ्तारी ने कई चौंकाने वाले खुलासे


एक 35 वर्षीय महिला ने खुद को “तांत्रिक” बताने वाले अशोक खरात उर्फ “कैप्टन” पर बार-बार रेप और ब्लैकमेल करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

एक स्वयंभू ज्योतिष को पुलिस ने गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है, जिससे जुड़ा मामला अब सुर्खियों में आ गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के पास से कई आपत्तिजनक वीडियो और डिजिटल सामग्री बरामद की गई है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

महाराष्ट्र के एक ज्योतिषी का कल से अश्लील वीडियो वायरल है। वीडियो को वायरल कर यहाँ भी पंडित-पुजारियों-ब्राह्मणों पर अभद्र अश्लील-आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है। तब जरूरी है कि सच्चाई बताई जाए:- इस ज्योतिषी का नाम “अशोक खरात” है। इसके फ़ोन से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं।

ढोंगी बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी ने कई चौंकाने वाले खुलासे : 58 अश्लील वीडियो और बडे नेताओं के साथ तस्वीरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया


प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खुद को भविष्य बताने वाला विशेषज्ञ बताकर लोगों को प्रभावित करता था। वह कथित रूप से लोगों के निजी जीवन और समस्याओं का समाधान देने के नाम पर उनसे संपर्क बनाता था।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी के संपर्क कुछ प्रभावशाली लोगों, राजनीतिक व्यक्तियों और चर्चित हस्तियों तक भी रहे हैं, जिससे इस मामले ने और तूल पकड़ लिया है।



पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और आरोपी के संपर्कों की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह मामला समाज में बढ़ती ऐसी गतिविधियों पर भी सवाल खड़े करता है, जहां लोग अंधविश्वास का फायदा उठाकर दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं।


तंत्र-मंत्र, सम्मोहन और 58 अश्लील वीडियो नासिक में हाई-प्रोफाइल ज्योतिषी अशोक खरात गिरफ्तार


नासिक से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 67 साल के एक रसूखदार ज्योतिषी अशोक खरात को आध्यात्म और पूजा-पाठ की आड़ में एक महिला के साथ बार-बार रेप करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मर्चेंट नेवी के रिटायर्ड अफसर और अपने समर्थकों के बीच ‘कैप्टन’ के नाम से मशहूर इस आरोपी के तार दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र के सत्ता के गलियारों तक जुड़े होने की बात सामने आ रही है. आरोपी खरात को बुधवार तड़के उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया और कोर्ट ने उसे 24 मार्च तक की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.

कैसे बिछाता था शिकार का जाल?

पुलिस एफआईआर के मुताबिक, खरात महिलाओं को उनकी निजी समस्याओं को सुलझाने का झांसा देकर अपने ऑफिस बुलाता था. पूजा-पाठ के नाम पर वह उन्हें नशीला पदार्थ देता और सम्मोहित यानी हिप्नोटाइज कर लेता था. आरोपी महिलाओं की आस्था और डर का फायदा उठाता था. वह तंत्र-मंत्र का खौफ दिखाकर या उनके पतियों की जान को खतरा बताकर उनके साथ शारीरिक शोषण करता था.
हिडन कैमरे और 58 वीडियो: सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि खरात ने अपने ऑफिस में खुफिया सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे. नासिक क्राइम ब्रांच यूनिट 1 की जांच में अब तक 58 अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं, जिससे यह साफ है कि उसने एक नहीं, बल्कि कई महिलाओं को अपना शिकार बनाया है.

SIT करेगी इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच

मामले की गंभीरता और आरोपी की राजनीतिक पहुंच को देखते हुए राज्य सरकार ने IPS अधिकारी तेजस्विनी सातपुते के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है. पुलिस आरोपी के पास से जब्त किए गए वीडियो और दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है.

सवाल यह है कि उसे कौन बचा रहा था?

पुणे के सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुंभार ने इसे महज़ एक अपराध नहीं, बल्कि एक ‘हाई-प्रोफाइल शोषण रैकेट’ करार दिया. कुंभार ने एक्स पर लिखा, सालों तक उसने ज्योतिष के जरिए राजनेताओं, मशहूर हस्तियों और एलिट्स तक अपनी पहुंच बनाई और बंद दरवाजों के पीछे महिलाओं का शोषण करता रहा. सत्ता के करीब होने से अंधा विश्वास पनपता है, जिससे सिस्टम में चुप्पी छा जाती है. अब सवाल यह नहीं है कि खरात कौन है, बल्कि सवाल यह है कि उसे किसने संरक्षण दिया, और उन 58 वीडियो में और कौन-कौन है?

Popular Posts

dhamaal Posts

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

ANI NEWS INDIA

‘‘ANI NEWS INDIA’’ सर्वश्रेष्ठ, निर्भीक, निष्पक्ष व खोजपूर्ण ‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया ऑनलाइन नेटवर्क’’ हेतु को स्थानीय स्तर पर कर्मठ, ईमानदार एवं जुझारू कर्मचारियों की सम्पूर्ण मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले एवं तहसीलों में जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों / संवाददाताओं की आवश्यकता है।

कार्य क्षेत्र :- जो अपने कार्य क्षेत्र में समाचार / विज्ञापन सम्बन्धी नेटवर्क का संचालन कर सके । आवेदक के आवासीय क्षेत्र के समीपस्थ स्थानीय नियुक्ति।
आवेदन आमन्त्रित :- सम्पूर्ण विवरण बायोडाटा, योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के स्मार्ट नवीनतम 2 फोटोग्राफ सहित अधिकतम अन्तिम तिथि 30 मई 2019 शाम 5 बजे तक स्वंय / डाक / कोरियर द्वारा आवेदन करें।
नियुक्ति :- सामान्य कार्य परीक्षण, सीधे प्रवेश ( प्रथम आये प्रथम पाये )

पारिश्रमिक :- पारिश्रमिक क्षेत्रिय स्तरीय योग्यतानुसार। ( पांच अंकों मे + )

कार्य :- उम्मीदवार को समाचार तैयार करना आना चाहिए प्रतिदिन न्यूज़ कवरेज अनिवार्य / विज्ञापन (व्यापार) मे रूचि होना अनिवार्य है.
आवश्यक सामग्री :- संसथान तय नियमों के अनुसार आवश्यक सामग्री देगा, परिचय पत्र, पीआरओ लेटर, व्यूज हेतु माइक एवं माइक आईडी दी जाएगी।
प्रशिक्षण :- चयनित उम्मीदवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण भोपाल स्थानीय कार्यालय मे दिया जायेगा, प्रशिक्षण के उपरांत ही तय कार्यक्षेत्र की जबाबदारी दी जावेगी।
पता :- ‘‘ANI NEWS INDIA’’
‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया नेटवर्क’’
23/टी-7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, प्रेस काम्पलेक्स,
नीयर दैनिक भास्कर प्रेस, जोन-1, एम. पी. नगर, भोपाल (म.प्र.)
मोबाइल : 098932 21036


क्र. पद का नाम योग्यता
1. जिला ब्यूरो प्रमुख स्नातक
2. तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / हायर सेकेंडरी (12 वीं )
3. क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
4. क्राइम रिपोर्टरों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
5. ग्रामीण संवाददाता हाई स्कूल (10 वीं )

SUPER HIT POSTS

TIOC

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

''टाइम्स ऑफ क्राइम''


23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1,

प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011

Mobile No

98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।

http://tocnewsindia.blogspot.com




यदि आपको किसी विभाग में हुए भ्रष्टाचार या फिर मीडिया जगत में खबरों को लेकर हुई सौदेबाजी की खबर है तो हमें जानकारी मेल करें. हम उसे वेबसाइट पर प्रमुखता से स्थान देंगे. किसी भी तरह की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा.
हमारा mob no 09893221036, 8989655519 & हमारा मेल है E-mail: timesofcrime@gmail.com, toc_news@yahoo.co.in, toc_news@rediffmail.com

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1, प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011
फोन नं. - 98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।





Followers

toc news