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Monday, May 11, 2026

राज्य शासन द्वारा बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश, रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी 3 महीने में देंगे रिपोर्ट


राज्य शासन द्वारा बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश,  रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी 3 महीने में देंगे रिपोर्ट


जबलपुर.  मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर के बरगी बांध में हुई क्रूज दुर्घटना की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. इस जांच के लिए ‘राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम, 1952’ के तहत एक सदस्यीय आयोग नियुक्त किया गया है. उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी इस आयोग की अध्यक्षता करेंगे.



30 अप्रैल को हुआ था हादसा
बरगी बांध में यह दुखद हादसा 30 अप्रैल को हुआ था. इस दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे के बाद कई दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था. इस मामले को लेकर जिला अदालत से लेकर हाई कोर्ट तक में अपील की जा चुकी है. अब सरकार ने आधिकारिक तौर पर न्यायिक जांच के बिंदु तय कर दिए हैं.
जांच के लिए तय किए गए 5 मुख्य बिंदु
शासन ने आयोग के लिए निम्नलिखित कार्यक्षेत्र निर्धारित किए हैं:
1. हादसे के कारण और जिम्मेदारी: आयोग दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाएगा और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों या पक्षों का निर्धारण करेगा.
2. राहत कार्यों की समीक्षा: हादसे के दौरान और उसके बाद किए गए बचाव कार्यों और राहत कार्यों की पर्याप्तता की जांच की जाएगी.
3. सुरक्षा ऑडिट: प्रदेश में चल रही सभी नौकाओं और क्रूज का ऑडिट होगा. यह जांच ‘इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021’ और ‘एनडीएमए बोट सेफ्टी गाइडलाइंस’ के आधार पर होगी.
4. नई एसओपी (SOP): राज्य में क्रूज और नौकाओं के सुरक्षित संचालन और रख-रखाव के लिए एक समान ‘मानक संचालन प्रक्रिया’ (SOP) तैयार की जाएगी.
5. त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT): जल पर्यटन वाले स्थानों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ के गठन की व्यवस्था सुनिश्चित करना.

Sunday, May 10, 2026

3 किलो 110 ग्राम गांजा कीमती लगभग 1 लाख 55 हजार 500 रूपये का एवं 1 मोबाइल, 2 टेªन टिकिट, थैला, गमछा जप्त


मादक पदार्थ गांजा की तस्करी में लिप्त आरोपी पुलिस गिरफ्त में


मादक पदार्थ गांजा की तस्करी में लिप्त आरोपी पुलिस गिरफ्त में

जबलपुर . पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पंु.से.) द्वारा सभी राजपत्रित अधिकारियो एवं थाना प्रभारियो को मादक पदार्थो की तस्करी मे लिप्त आरेापियों की पतासाजी कर उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया है ।

आदेश के परिपालन में नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर श्री एम.डी. नागोतिया के मार्गदर्शन में थाना संजीवनीनगर की टीम को 3 किलो 110 ग्राम गांजा के साथ आरोपी को रंगे हाथ हाथ पकडा गया है।

थाना प्रभारी संजीवनी नगर श्री बी.डी. द्विवेदी ने बताया कि दिनॉक 09-05-2026 को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि अंधमुख वायपास तरफ से जसूजा सिटी के बीच एक व्यक्ति हाथ में सफेद रंग का थैला लिये हुये अवैध मादक पदार्थ गांजा बेचने की फिराक में घूम रहा है, यदि तुरंत दबिश दी गयी तो रंगे हाथों पकड़ा जायेगा।

सूचना पर एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रावधानो के तहत कार्यवाही करते हुये तत्काल योजनाबद्ध तरीके से मुखबिर के बताये स्थान पर दबिश दी गयी जहां मुखबिर के बताये हुलिये का व्यक्ति मचान फैमिली ढाबा ट्रांसफार्मर के पास हाथ में कपड़े का सफेद लाल रंग का थैला लिये घूमते दिखा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा, नाम पता पूछने पर अपना नाम शिवबालक पटेल उम्र 65 वर्ष निवासी पोलीपाथर बागड़ा दफाई रोड ग्वारीघाट बताया, जिसे सूचना से अवगत कराते हुये तलाशी लेने पर कब्जे मे रखे थैला को चैक करने पर थैले के अंदर भगवा रंग के गमछे में लिपटे हुये तीन पैकेट में मादक पदार्थ गांजा रखा हुआ मिला,

तौल करने पर कुल 3 किलो 110 ग्राम गांजा कीमती लगभग 1 लाख 55 हजार 500 रूपये का होना पाया गया, उक्त गांजा के संबंध मेें पूछताछ पर ब्यौहारी जिला शहडोल निवासी शिवे के कहने पर उक्त गांजा लाकर जबलपुर में शिवे द्वारा बताये व्यक्ति को देने हेतु लाना बताया, आरोपी पहने हुये कपड़ोें की जेब में 1 सेमसंग कम्पनी का कीपेड मोबाइल, 2 टेªन टिकिट, पर्स रखे मिला, आरोपी के कब्जे से 3 किलो 110 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा, 1 सेमसंग कम्पनी का कीपेड मोबाइल, 2 टेªन टिकिट, पर्स, भगवा रंग का गमछा जप्त करते हुये आरोपी शिवबालक पटेल के विरूद्ध धारा 8, 20 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

उल्लेखनीय भूमिका

आरोपी को रंगे हाथ गांजे के साथ पकड़ने में उप निरीक्षक दुर्गेेश मरावी चौकी प्रभारी धनवंतरी नगर, सहायक उप निरीक्षक श्रीकांत मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेश तिवारी, आरक्षक आशीष प्रताप सिंह की सराहनीय भूमिका रही।

Saturday, May 2, 2026

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया आपराधिक अवमानना ​​का नोटिस

 


बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के अध्यक्ष, एडवोकेट धन्य कुमार जैन को आपराधिक अवमानना ​​का नोटिस जारी किया।

BCI की रिट याचिका के अनुसार, धन्य कुमार जैन ने जबलपुर के पुलिस अधीक्षक को शिकायत लिखी थी, जिसमें उन्होंने BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज-जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय चुनाव समिति के खिलाफ झूठे आरोप लगाए।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की राज्य बार काउंसिल के चुनाव लड़ने की पात्रता के संबंध में जैन ने अपने पत्र में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत के खिलाफ भी कथित तौर पर टिप्पणियां की थीं। अन्य बातों के अलावा, उन्होंने समिति के प्रमुख के रूप में जस्टिस धूलिया की CJI द्वारा की गई नियुक्ति पर संदेह जताया था, CJI पर उनके प्रति दुर्भावना रखने का आरोप लगाया। साथ ही बार निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण के CJI पीठ के आदेश को "न्यायिक पद का दुरुपयोग" बताते हुए उस पर सवाल उठाया।

इसके अलावा, जैन ने अपनी शिकायत में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें उसने दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज-जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश नहीं दिया; जस्टिस वर्मा एक विवाद में तब घिर गए, जब आग लगने की एक घटना के बाद उनके आवास पर कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी मिली थी। शिकायत में दावा किया गया कि यह देश के लोकतंत्र के खिलाफ "देश की न्यायपालिका द्वारा किया गया जघन्य अपराध" है।

इसी पृष्ठभूमि में, CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने अवमानना ​​नोटिस का आदेश पारित किया। यह आदेश सीनियर एडवोकेट गुरु कृष्ण कुमार (BCI की ओर से) की दलीलें सुनने के बाद दिया गया। उन्होंने तर्क दिया कि जो कुछ हुआ वह "पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण" था और उस पर किसी न किसी तरह की कार्रवाई होनी चाहिए।

जस्टिस बागची ने टिप्पणी की,

"क्या वकीलों के नेता से इसी तरह के संयम की उम्मीद की जाती है?"

खंडपीठ ने धन्य कुमार जैन को नोटिस जारी कर यह बताने को कहा—

- उन पर 'अदालत की अवमानना ​​अधिनियम' के तहत आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए?

- उनका बार लाइसेंस क्यों न निलंबित कर दिया जाए?

- उन्हें बार एसोसिएशन के पदाधिकारी के पद से क्यों न हटा दिया जाए?

हालांकि, BCI ने राज्य को यह निर्देश देने की प्रार्थना की थी कि वह धन्य कुमार जैन द्वारा की गई शिकायत पर कोई कार्रवाई न करे, लेकिन खंडपीठ ने इस संबंध में कोई एकतरफा (Ex-Parte) आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।

CJI ने कहा,

"उन्हें पेश होने दीजिए... हमें अब भी उम्मीद है कि कुछ बेहतर समझ काम आएगी। आखिर, वकील तो वकील ही होते हैं। लेकिन जब हमें लगता है कि समझदारी की कोई गुंजाइश ही नहीं है तो हमें यह भी पता है कि नासमझ लोगों से कैसे निपटना है।"

Case Title: BAR COUNCIL OF INDIA Versus STATE OF MADHYA PRADESH AND ORS., W.P.(Crl.) No. 157/2026

बरगी क्रूज़ हादसे पर TNP NEWS की नज़रे लगातार बनी रही,TNP ने दिया बड़ी कवरेज़

 बरगी क्रूज़ हादसे पर TNP NEWS की नज़रे लगातार बनी रही,TNP ने दिया बड़ी कवरेज़...

https://www.youtube.com/watch?v=rhOXjJWwyPQ

जबलपुर जिला ब्यूरो विनय जी. डेविड और *बरगी संवाददाता* शिवम अवधिया के साथ
*TNP News*
*Satellite Rashtriya Hindi 24x7 News Channel* को जबलपुर जिले की सभी तहसीलों में तहसील रिपोर्टर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण संवाददाताओं की आवश्यकता है...
जबलपुर एवं मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले एवं तहसील, विज्ञापन, न्यूज़ एवं संवाददाता बनने के लिए संपर्क करें.
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*Vinay G. David*
जिला ब्यूरो चीफ, जबलपुर : 9893221036, 8989655519 ( व्हाट्सएप न. )
पता : 881/A (old), 1293 (new)
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विनय जी. डेविड : 9893221036
जिला ब्यूरो चीफ जबलपुर
*जबलपुर संवाददाता*
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वीरेंद्र भूशेल : 7772983743
अखिलेश सोनी : 9302339947
*बरगी संवाददाता*
शिवम अवधिया : 97533 79999
*सिहोरा संवाददाता*
अमित रजक

Sunday, April 26, 2026

धोखाधड़ी : सेंट मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानेगांव के 65 नियमित 10वीं के विद्यार्थियों में प्राइवेट अंकसूची मिलने से हड़कंप


सेंट मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानेगांव/ मोहनिया रांझी जबलपुर द्वारा वि‌द्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी 

सेंट मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानेगांव/ मोहनिया रांझी जबलपुर द्वारा वि‌द्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी 

सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे  (https://timesofcrime.com/ ) जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036

विनय जी. डेविड // 9893221036

सेंट मदर टेरेसा स्कूल 
में 10वीं के 65 नियमित विद्यार्थियों को 'प्राइवेट' अंकसूची (मार्कशीट) मिलने का मामला काफी गंभीर है। इस स्थिति ने छात्रों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा दिया है क्योंकि नियमित रूप से स्कूल जाने के बावजूद उन्हें व्यक्तिगत (Private) परीक्षार्थी के रूप में सर्टिफिकेट जारी किया गया है।

जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में सेंट मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानेगांव मोहनिया, बड़ा पत्थर थाना क्षेत्र रांझी जिला जबलपुर में स्थित है. यहां पर जहां 10वीं एवं 12वीं कक्षा तक के वि‌द्यार्थी अध्ययन करते हैं। यहां पर दसवीं के 65 एवं 12वीं कक्षा के 19 विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इन करीब 84 विद्यार्थियों ने 2025 में इस स्कूल में नियमित प्रवेश लिया था परंतु आज जब उनके हाथ अंक सूची आई तो वह नियमित की जगह प्राइवेट परीक्षा की प्राप्त हुई जिससे विद्यार्थियों में रोष  उत्पन्न हो गया।


सीमा मिश्रा एवं राज गंगवानी, सह प्राचार्य, सेंट मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानेगांव, रांझी

इस स्कूल में विगत वर्ष शिक्षण सत्र 2025-26 में कक्षा दसवीं में लगभग 65 वि‌द्यार्थी हैं, जो नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययन कर रहे हैं, तथा नियमित वि‌द्यार्थी के रूप में फीस भी वि‌द्यालय प्रबंधन को दे रहे थे, जिनका परीक्षा फॉर्म भी नियमित वि‌द्यार्थी के रूप में माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश भोपाल का भरवाया गया था तथा उन्हें प्रवेश पत्र भी नियमित वि‌द्यार्थी का मिला था, परंतु जब अप्रैल में परीक्षा परिणाम घोषित किया हुआ तो उन्हें ऑनलाइन प्राइवेट वि‌द्यार्थी की अंक सूची प्राप्त हुई है, जिसमें प्रैक्टिकल के नंबर भी नहीं जोड़े गए हैं,। संबंधित अधिकारियों से चर्चा करने पर ज्ञात हुआ है, कि वि‌द्यालय को शिक्षण सत्र वर्ष 2025-26 में मान्यता ही नहीं थी, इसलिए समस्त वि‌द्यार्थियों को प्राइवेट परीक्षार्थी घोषित कर दिया गया है।

सेंट मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन द्वारा वि‌द्यार्थियों के साथ धोखाधडी कि गई है, वि‌द्यार्थियों को प्राइवेट घोषित कर दिए जाने के कारण प्रैक्टिकल के नंबर नहीं जोड़े गए हैं, जिसके कारण परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ है, तथा वि‌द्यार्थियों का परीक्षा परिणाम में प्रतिशत कम हो गया है, तथा श्रेणी भी प्रभावित हुई है, एवं विद्यार्थियों की पूरक परीक्षा आई है. उन्हें भी अब 100 नंबर के अनुसार परीक्षा देनी होगी, जबकि नियमित विद्यार्थियों को 75 नंबर के अनुसार परीक्षा देनी होती है, क्योंकि नियमित विद्यार्थियों को 25 नंबर प्रैक्टिकल के प्राप्त हो जाते हैं।

फोटो :  उमेश गुल्हानी, थाना प्रभारी, थाना रांझी

पीड़ित विद्यार्थियों ने की रांझी थाने में धोखेधड़ी की शिकायत

पीड़ित विद्यार्थियों ने एकजुट होकर थाना प्रभारी  थाना रांझी को इस गंभीर धोखाधड़ी की लिखित शिकायत की है उक्त प्रकरण में जांच कर दोषियों के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज दर्ज कर उचित कार्रवाई करने का निवेदन किया हैं। इस मामले में थाना प्रभारी उमेश गुल्हानी ने बताया है कि विद्यार्थियों की तरह धोखाधड़ी के लिखित शिकायत प्राप्त हुई है जिसकी वैधानिक जांच कर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।


सेंट मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानेगांव के कक्षा दसवीं के पीड़ित विद्यार्थी 


स्कूल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखने से किया माना 

सेंट मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानेगांव मोहनिया रांझी जबलपुर स्कूल प्रबंधन से TOC न्यूज़ चैनल ने उनका पक्ष जानने के लिए स्कूल का स्कूल कार्यालय पहुंचे। पीड़ित विद्यार्थियों की शिकायत पर स्कूल के प्राचार्य अजय कुमार दास एवं से एवं स्कूल की सह प्राचार्य सीमा मिश्रा एवं राज गंगवानी शिकायत के संबंध में चर्चा की तो उन्होंने मीडिया से स्पष्ट कह दिया कि हम इस मामले में किसी भी प्रकार की सफाई नहीं देना चाहते ना ही अपना पक्ष रखना चाहते हैं। इस मामले में स्कूल प्रबंधन की समिति जो निर्णय देगी वह हम करेंगे।


कक्षा दसवीं के पीड़ित विद्यार्थी 

भविष्य सोनी पिता संदेश सोनी 

राज पटेल पिता विजय पटेल 

तरुण दुबे पिता विकास दुबे

हनी सिंह पिता प्रेम सिंह 

कृष्णा सोनी पिता प्रदीप सोनी 

प्रिंस काछी पिता बसंत काछी

अंश कुशवाहा पिता गोपाल कुशवाहा 

गौरव ठाकुर पिता जितेंद्र ठाकुर 


फोटो :  सीमा मिश्रा एवं राज गंगवानी, सह प्राचार्य, सेंट मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानेगांव, रांझी 

फोटो :  उमेश गुल्हानी, थाना प्रभारी, थाना रांझी

Friday, April 3, 2026

93 लाख के घोटाले में जबलपुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा निलंबित


93 लाख के घोटाले में जबलपुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा निलंबित

सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे  (https://timesofcrime.com/ ) जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036

जबलपुर। लगातार घोटाले दर घोटाले की आंच आखिरकार सीएमएचओ जबलपुर डा संजय मिश्रा तक पहुंच गई और तत्काल प्रभाव से आयुक्त लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। प्रभारी मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, जिला जबलपुर सह क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग यानी दो प्रमुख पदों से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही निलंबन काल में मिश्रा का मुख्यालय कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल संभाग नियत किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

जबलपुर सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने किया भ्रष्टाचार, विभागीय अफसरों पर हैं जांच दबाने के आरोप

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा फर्जी देयकों से भुगतान मामले में जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर भोपाल मुख्यालय से यह आदेश जारी किए गए हैं। इस पूरे मामले में सरकारी खजाने को करोडों रुपये की चपत लगाने के साथ ही महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के गायब होने की पुष्टि हुई है। जांच में पाया गया कि विभागीय स्तर पर वित्तीय नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई और बिना सामग्री प्राप्त किए ही निजी कंपनियों को भुगतान कर दिया गया।


93 लाख के घोटाले में जबलपुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा निलंबित

उल्लेखनीय है कि कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय में फर्जी देयक लगाकर भुगतान किये जाने के प्रकरण में दोषी पाये जाने पर स्‍टोर कीपर का दायित्‍व संभाल रहे फार्मासिस्‍ट नीरज कौरव को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था‌। वही इसी मामले में संविदा आधार पर नियुक्‍त जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्‍य तिवारी एवं फार्मासिस्‍ट जवाहर लोधी को मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय से हटाकर जांच पूरी होने तक सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सिहोरा में पदस्‍थ किया है।

डॉ. राहुल अग्रवाल एवं डॉ. आकाश जैन द्वारा संचालित क्‍लीनिकों का पंजीयन तत्‍काल प्रभाव से निरस्‍त

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संविदा आधार पर इन दोनों कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्‍ताव डायरेक्‍टर एनएचएम को भेजा गया था। ज्ञात हो कि कलेक्‍टर श्री सिंह द्वारा मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी कार्यालय में फर्जी देयकों के माध्‍यम से साईनेज निर्माण तथा स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामग्री के नाम से भोपाल की निजी कंपनी को बिना सामग्री प्राप्त हुए भुगतान किये जाने की शिकायतें प्राप्‍त होने पर डिप्‍टी कलेक्‍टर रघुवीर सिंह मरावी के नेतृत्‍व में जांच दल गठित किया था।

स्वास्तिक हॉस्पिटल को नहीं मिली नगर निगम की NOC : दस्तावेज़ों ने खोली सच्चाई

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जांच में पाया गया था 12 फर्जी देयकों के माध्‍यम से भोपाल की सिंह एंटरप्राइजे़ज को साइनेज एवं स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामग्री के नाम से 93 लाख 04 हजार 998 रूपये का भुगतान किया जा चुका है। जबकि, भौतिक रूप से यह सामग्री प्राप्‍त ही नहीं हुई थी। जांच रिपोर्ट को आगे की कार्यवाही के लिए डायरेक्‍टर एनएचएम भोपाल को प्रेषित कर दिया गया था।

  • भोपाल की एक फर्म को 82.51 लाख का क्रय आदेश जारी कर भुगतान भी कर दिया, जबकि सामग्री आज तक रिसीव नहीं हुई। 
  • शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं में बिना रंगाई-पुताई किए एवं बिना कम्प्यूटर सुधार किए 51.30 लाख का फर्जी भुगतान।
  • जबलपुर की एक फर्म को 25 लाख का भुगतान, इसमें वर्क ऑर्डर 2 मार्च को जारी हुआ और 3 दिन में बिल लगा दिया गया। 
  • जबलपुर की फर्मों से कम्प्यूटर सामग्री नहीं ली गई, सीएमएचओ स्टोर में इससे जुड़ी एंट्री नहीं है, फिर भी भुगतान किया गया।

Thursday, April 2, 2026

फर्जी बिलों पर 93 लाख का भुगतान मामले में जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्‍य तिवारी को हटाया और फार्मासिस्‍ट नीरज कौरव निलंबित



12 फर्जी बिलों पर 93 लाख का भुगतान मामले में जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्‍य तिवारी को सीएमएचओ कार्यालय से हटाया और फार्मासिस्‍ट नीरज कौरव निलंबित

12 फर्जी देयकों के माध्‍यम से भोपाल की सिंह एंटरप्राइजे़ज को साइनेज एवं स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामग्री के नाम से 93 लाख 04 हजार भुगतान 

*जांच रिपोर्ट अग्रिम कार्यवाही के लिए भेजा भोपाल*

जबलपुर-कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय में फर्जी देयक लगाकर भुगतान किये जाने के प्रकरण में दोषी पाये जाने पर स्‍टोर कीपर का दायित्‍व संभाल रहे फार्मासिस्‍ट नीरज कौरव को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है तथा निलंबन काल में उनका मुख्‍यालय सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कुंडम नियत किया है। 

कलेक्‍टर श्री सिंह ने इसी मामले में संविदा आधार पर नियुक्‍त जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्‍य तिवारी एवं फार्मासिस्‍ट जवाहर लोधी को मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय से हटाकर जांच पूरी होने तक सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सिहोरा में पदस्‍थ किया है। संविदा आधार पर इन दोनों कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्‍ताव डायरेक्‍टर एनएचएम को भेजा गया है। 

एक अन्य आदेश में कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने जिला चिकित्‍सालय में पदस्‍थ नोडल एनसीडी डॉ. सारिका को वर्तमान कार्यों के साथ-साथ जांच पूरी होने तक अथवा वैकल्‍पिक व्‍यवस्‍था होने तक अस्‍थाई रूप से जिला कार्यक्रम प्रबंधक का दायित्‍व सौंपा है। 

ज्ञात हो कि कलेक्‍टर श्री सिंह द्वारा मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी कार्यालय में फर्जी देयकों के माध्‍यम से साईनेज निर्माण तथा स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामग्री के नाम से भोपाल की निजी कंपनी को बिना सामग्री प्राप्त हुये भुगतान किये जाने की शिकायतें प्राप्‍त होने पर डिप्‍टी कलेक्‍टर रघुवीर सिंह मरावी के नेतृत्‍व में जांच दल गठित किया था। जांच में पाया गया था 12 फर्जी देयकों के माध्‍यम से भोपाल की सिंह एंटरप्राइजे़ज को साइनेज एवं स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामग्री के नाम से 93 लाख 04 हजार 998 रूपये का भुगतान किया जा चुका है। जबकि, भौतिक रूप से यह सामग्री प्राप्‍त ही नहीं हुई थी। जांच रिपोर्ट को आगे की कार्यवाही के लिए डायरेक्‍टर एनएचएम भोपाल को प्रेषित कर दिया गया है।

भड़पुरा में शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप को परिवर्तित कर कॉलोनी निर्माण के प्रकरण में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का फैसला, 4 करोड़ रुपये का अर्थदंड अधिरोपित


कॉलोनाइजर और भूमि स्वामियों पर 4 करोड़ रुपये का अर्थदंड अधिरोपित.


कॉलोनाइजर और भूमि स्वामियों पर 4 करोड़ रुपये का अर्थदंड अधिरोपित.

भड़पुरा में शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप को परिवर्तित कर कॉलोनी निर्माण के प्रकरण में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का फैसला

गूगल अर्थ की डिजिटल इमेज भी बनी साक्ष्य.

जबलपुर - राँझी तहसील के अंतर्गत ग्राम भड़पुरा में शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप में परिवर्तन करने तथा बिना अनुमति के मिट्टी, मुरम और बोल्डर का खनन कर आवासीय कॉलोनी के निर्माण में उपयोग करने के प्रकरण में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कॉलोनाइजर सीओडी कॉलोनी निवासी अभिलाष तिवारी एवं भूमि स्वामी न्यू शोभापुर निवासी श्रीमती शोभना सिंह, मुकेश सिंह, महेश सिंह, नरेंद्र सिंह, श्रीमती रागिनी सिंह एवं रमेश सिंह के विरुद्ध 4 करोड़ 08 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।

कलेक्टर श्री सिंह ने प्रकरण में पारित आदेश में तय समय के भीतर अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर वसूली के लिये आरआरसी जारी करने तथा इसके बावजूद भी अर्थदंड की राशि जमा नहीं किये जाने की स्थिति में तहसीलदार के माध्यम से कुर्की की कार्यवाही करने के आदेश खनिज अधिकारी को दिये हैं।

कलेक्टर कोर्ट में यह प्रकरण ग्राम भड़पुरा में पटवारी हल्का नम्बर 02 की खसरा नम्बर 391/13 क एवं अन्य खसरे की 4.24 हेक्टेयर भूमि में से 2.58 हेक्टेयर निजी भूमि पर अवैध उत्खनन और कॉलोनी निर्माण किये जाने की प्राप्त शिकायत पर तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं खनिज निरीक्षकों द्वारा संयुक्त निरीक्षण के बाद दिये गये प्रतिवेदन के आधार पर प्रारंभ किया गया था।

राजस्व एवं खनिज विभाग को टीम ने जांच कर इस प्रकरण में भूमि स्वामी नरेंद्र सिंह ठाकुर के पुत्र निशांत सिंह एवं कॉलोनाइजर अभिलाष तिवारी द्वारा खनिज का अवैध भंडारण किये जाने पर एक हजार घनमीटर मुरम एवं एक हजार घनमीटर बोल्डर के लिये 50 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करना प्रस्तावित किया था। जिसके आधार पर भूमि स्वामियों और कॉलोनाइजर को नोटिस जारी तथा सुनवाई के बाद कलेक्टर कोर्ट ने आदेश जारी कर 50 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया था। कलेक्टर कोर्ट के इस आदेश इस आदेश के विरुद्ध  कमिश्नर न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई थी तथा कमिश्नर द्वारा कलेक्टर  के आदेश को यथावत रखा गया था।

पहाड़ी के मूल स्वरूप में परिवर्तन कर कॉलोनी का निर्माण किये जाने की इस शिकायत पर बाद में कलेक्टर द्वारा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी राँझी एवं जिला खनिज अधिकारी से भी शिकायत की जांच कराई गई थी। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं जिला खनिज अधिकारी अपने जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया था कि इस प्रकरण में समस्त अनुमतियां प्राप्त कर कॉलोनी के विकास कार्य हेतु समतलीकरण किया गया है। इसके बावजूद कमर्शियल प्रोजेक्ट होने से कॉलोनाइजर और भूमि स्वामी को खनिज का उपयोग किये जाने के पूर्व उपयोग किये गये खनिज की रॉयल्टी अग्रिम रूप से जमा करनी थी। किंतु, उनके द्वारा ऐसा न करके समतलीकरण के कार्य के दौरान निकले खनिज का उपयोग बिना रॉयल्टी का भुगतान किये किया गया, जो मध्यप्रदेश खनिज ( अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के प्रावधानों का उल्लंघन है। 

अनुविभागीय राजस्व अधिकारी राँझी एवं जिला खनिज अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेख किया था कि बिना अनुमति उपयोग किये गये 13 हजार 600 घनमीटर खनिज (मिट्टी, मुरम और बोल्डर) की 6 लाख 80 हजार रुपये की रॉयल्टी की पंद्रह गुना 1 करोड़ 02 लाख रुपये अर्थदण्ड के रूप में तथा पर्यावरण क्षतिपूर्ती के 1 करोड़ 02 लाख रुपये और इस प्रकार कुल 2 करोड़ 04 लाख रुपये की राशि, एक हजार रुपये के प्रशमन शुल्क के साथ कॉलोनाइजर तथा भूमि स्वामियों से जमा कराकर प्रकरण का निराकरण किया जा सकता है।

गूगल अर्थ डिजिटल इमेज से भी हुई पहाड़ी के स्वरूप में परिवर्तन की पुष्टि :-


भड़पुरा में शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप में परिवर्तन कर कॉलोनी के विकास करने के इस प्रकरण में कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह द्वारा पारित आदेश में खनिज निरीक्षक द्वारा दिये गये जांच प्रतिवेदन के साथ संलग्न की गई गूगल अर्थ से प्राप्त डिजिटल इमेज का भी उल्लेख किया गया है। आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2019 से वर्ष 2025 की गूगल अर्थ की डिजिटल इमेज के अवलोकन से भी यह स्पष्ट है कि वर्ष 2019 में प्रश्नाधीन भूमि का भौतिक स्वरूप पहाड़ीनुमा आकृति का था, जिसे वर्ष 2020, 2021 एवं वर्ष 2022 में परिवर्तित कर यहां निर्माण आदि की गतिविधियां की गई हैं।

Tuesday, March 31, 2026

समस्त पत्रकार बंधुओं एवं उनके परिवार हेतु शैल्बी अस्पताल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 31 मार्च 2026 को


जबलपुर के समस्त पत्रकार बंधुओं एवं उनके परिवार हेतु शैल्बी अस्पताल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 31 मार्च 2026 को

 *जबलपुर के पत्रकारों के लिए विशेष सूचना* 

 *जबलपुर के समस्त पत्रकार बंधुओं एवं उनके परिवार हेतु शैल्बी अस्पताल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 31 मार्च 2026 को*

 *दिनांक:* 31 मार्च 2026

⏰ *समय:* प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक

पत्रकार बंधुओं के देश के प्रति समर्पण और उनके सेवा भाव को नमन करते हुए, *“जो हैं देश की सेवा में, शैल्बी उनकी सेवा में”* इस विशेष पहल के अंतर्गत एक *विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर* का आयोजन किया जा रहा है।

शैल्बी अस्पताल, अहिंसा चौक, जबलपुर के के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक प्रिंट मीडिया के समस्त वीडियो/फोटो ग्राफर, पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर दिनांक 31 मार्च 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आयोजित किया जा रहा है।


इस शिविर में उपलब्ध निःशुल्क सुविधाएँ :

1. हड्डी, मस्तिष्क, कैंसर, हृदय रोग, शिशु रोग, पेट, छाती आदि समस्त विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श

2. लगभग ₹ 4500 तक की जाँचें पूर्णतः निःशुल्क जिनमें -ECG, PFT, Uric Acid, Blood Sugar आदि शामिल हैं।

3. आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त रेडियोलॉजी एवं पैथोलॉजी जाँचों में 20% तक की छूट

4. दवाओं पर 10% तक की विशेष छूट

आइए, इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य की जांच कराएं।

*आपकी सेवा में सदैव तत्पर – शैल्बी अस्पताल*

इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट का एनुअल एंडोमेंट अवार्ड 2025 : महाकौशल विंध्य और बुंदेलखंड के उत्कृष्ट कार्यो को किया गया सम्मानित


इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट का एनुअल एंडोमेंट अवार्ड 2025 : महाकौशल विंध्य और बुंदेलखंड के उत्कृष्ट कार्यो को किया गया सम्मानित

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इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट का एनुअल एंडोमेंट अवार्ड 2025 कार्यक्रम आयोजित

जबलपुर - क्रीट के क्षेत्र में कार्य रही कार्य कर रही देश की सबसे बड़ी तकनीकी संस्था इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट जबलपुर सेंटर के तत्वावधान में महाकौशल विंध्याचल और बुंदेलखंड क्षेत्र में आउटस्टैंडिंग कंस्ट्रक्शन कार्यों के लिए विभिन्न कैटेगरी में अवार्ड प्रदान किए गए । 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक निर्माण विभाग (भवन) के मुख्य अभियंता इंजीनियर संजय डहरिया ने ऐसे आयोजन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रोत्साहन से दूसरों को भी अच्छे कार्य करने की प्रेरणा मिलती है । विशेष अतिथि के तौर पर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता इंजीनियर आर एल वर्मा ने इस कार्य की प्रशंसा की । 

इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में *इंजीनियर आर पी दुबे रिटायर्ड अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग* को उनके द्वारा ब्रिज, फ्लाई ओवर और कंक्रीट के क्षेत्र में किए गए अतुलनीय कार्यों के लिए *लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड* से सम्मानित किया गया । 

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल के निर्माण से जुड़े अतिथि वक्ता इंजी *मोहम्मद अबु आसिफ* का तकनीकी लेक्चर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा । उन्होंने इसके निर्माण से संबंधित तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया ।

इंजीनियर्स और आर्किटेक्टस को इन केटेगिरी में किया गया है सम्मानित

*रेजिडेंशियल इंडिविजुअल* में आर्किटेक्ट सजल साहू, इंजी राहुल ठाकुर, मोतिफ आर्किटेक्ट एंड डिजाइन एसोसिएट, मल्टी स्टोरी के लिए आर्किटेक्ट दीपक बजाज एवं इंजीनियर चेतन बजाज शहडोल, 

*कमर्शियल बिल्डिंग* के लिए श्रीखंड डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड एवं पंकज खंडेलवाल कटनी एवं आर्किटेक्ट सिंडिकेट जबलपुर, और एम डी एसोसिएटस, 

*इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग* के लिए कलंतरे एसोसिएट्स को अवॉर्ड दिया गया । 

*बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर* निर्माण का अवार्ड लोक निर्माण विभाग जबलपुर एवं नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया जिन्होंने प्रदेश में  सबसे लंबे रानी दुर्गावती फ्लाई ओवर का निर्माण किया । इसके अलावा 29 इंजीनियर और आर्किटेक्ट्स को अप्रिशिएसन सर्टिफिकेट प्रदान किए गए । 

इन अवॉर्ड्स के चयन हेतु विशेष जूरी समिति बनाई गई थी जिसमें *डॉ राजीव चांडक, लव राघव सी टी एस नेशनल हेड, इंजी गोपाल गुप्ता, इंजी मनीष दुबे, आर्किटेक्ट सुजीत कलंतरे, प्रोफेसर आर के ग्रोवर, इंजी सिद्धार्थ सिंह* ने इन अवार्ड  हेतु उत्कृष्ट प्रविष्टियों का चयन किया । कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन संस्था सचिव *डॉ संजय वर्मा* द्वारा किया गया एवं कार्यकारिणी समिति के *इंजी सुधीर मिश्रा सी टी एस जोनल हेड, इंजी नीरज ब्यौत्रा, वैभव सिंघई, संजय विश्वकर्मा, प्रभात श्रीवास्तव* का विशेष सहयोग रहा इस कार्यक्रम में 25 जिलों से लगभग 200 इंजीनियर और आर्किटेक्ट्स की उपस्थिति रही  I कार्यक्रम के आयोजन में जे के सीमेंट लिमिटेड का विशेष योगदान रहा  I 


Saturday, March 28, 2026

शराब का कारोबार मौलिक अधिकार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डिस्टिलरी के लाइसेंस सस्पेंड करने का फैसले सही ठहराया

जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने :
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज़ के कई लाइसेंस सस्पेंड करने के फैसले को सही ठहराया

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जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज़ के कई लाइसेंस सस्पेंड करने के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि शराब का कारोबार कोई मौलिक अधिकार नहीं है और यह सख्त कानूनी नियमों के अधीन है।

जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने कहा:

"पहली बात तो यह कि शराब का कारोबार कोई मौलिक अधिकार नहीं है। दूसरी बात यह कि जब आनुपातिकता (Proportionality) की कसौटी पर इसे परखा जाता है तो उस आधार पर भी अथॉरिटी का फैसला एक्साइज एक्ट और उसके तहत बनाए गए नियमों के दायरे में है, इसलिए इसमें कोई गलती नहीं निकाली जा सकती।"

याचिकाकर्ताओं ने 4 फरवरी, 2026 को एक्साइज कमिश्नर द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें दो संस्थाओं - सोम डिस्टिलरीज़ प्राइवेट लिमिटेड और सोम डिस्टिलरीज़ एंड ब्रूअरीज़ प्राइवेट लिमिटेड - को दिए गए आठ लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए।

यह कार्रवाई फरवरी 2024 में जारी एक 'कारण बताओ नोटिस' (Show-Cause Notice) के आधार पर की गई। यह नोटिस, जाली परमिट का इस्तेमाल करके अवैध रूप से शराब की ढुलाई करने के मामले में हुई आपराधिक सज़ाओं के चलते जारी किया गया। जिन लाइसेंसों की बात हो रही है, उनकी मूल समय सीमा 31 मार्च, 2024 को खत्म हो गई, लेकिन बाद में उन्हें अगले सालों के लिए रिन्यू कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि 'कारण बताओ नोटिस' मूल लाइसेंस की अवधि खत्म होने के बाद लागू नहीं रह सकता और इसे रिन्यू किए गए लाइसेंसों पर लागू नहीं किया जा सकता।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि पुराने लाइसेंसों की अवधि खत्म होते ही 'कारण बताओ नोटिस' बेअसर हो गया। इसे अगले सालों के लिए रिन्यू किए गए लाइसेंसों पर लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे यह भी कहा कि चूंकि आपराधिक मामलों में अपील दायर की जा चुकी है और सज़ाओं पर रोक लगा दी गई, इसलिए 'कारण बताओ नोटिस' का मूल आधार ही खत्म हो गया।

वकील ने आगे तर्क दिया कि इसमें 'प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों' का उल्लंघन हुआ। इसमें सुनवाई का उचित मौका न मिलना और दो अलग-अलग संस्थाओं के खिलाफ एक ही (संयुक्त) 'कारण बताओ नोटिस' जारी करना शामिल है।

इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि कर्मचारियों को मिली सज़ाओं के लिए कंपनियों को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यह कि संबंधित कानूनी प्रावधानों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।

राज्य सरकार के वकील ने तर्क दिया कि लाइसेंसों का सालाना रिन्यूअल इस शर्त पर होता है कि कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाएगा। इसलिए पहले किए गए उल्लंघनों के कानूनी परिणाम अभी भी लागू रहेंगे। उन्होंने आगे यह भी तर्क दिया कि आपराधिक सज़ा पर कोई रोक (Stay) नहीं लगी है। सिर्फ सज़ा को सस्पेंड कर देने से यह साबित नहीं हो जाता कि वे दोषी नहीं हैं।

अदालत ने याचिकाकर्ता के तर्कों को खारिज कर दिया, यह मानते हुए कि लाइसेंस नए सिरे से दिए गए अनुदान नहीं थे, बल्कि अधिनियम और नियमों के पालन की शर्त पर उनका नवीनीकरण किया गया। इसलिए नवीनीकरण होने पर पिछली अनियमितताओं का महत्व समाप्त नहीं हो गया।

इसके अलावा, अदालत ने स्पष्ट किया कि सज़ा का निलंबन दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक के बराबर नहीं होता; अदालत ने यह भी कहा कि ऐसा कोई भी साक्ष्य पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि दोषसिद्धि पर ही रोक लगा दी गई।

नैसर्गिक न्याय के मुद्दे पर अदालत ने पाया कि धारा 31(1-A) के तहत वैधानिक आवश्यकताओं का विधिवत पालन किया गया, क्योंकि कारण बताओ नोटिस में कारणों का उल्लेख था, आवश्यक विवरण दिए गए और जवाब देने का अवसर भी प्रदान किया गया। अदालत ने आगे यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अपने जवाबों में जाली परमिट का उपयोग करके शराब की ढुलाई करने के मुख्य आरोप से इनकार करने में विफल रहे, जो उनके खिलाफ गया।

अदालत ने फैसला सुनाया,

"यहां तक ​​कि लाइसेंस के खंड V में भी शर्तों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। इसलिए इस कसौटी पर भी आबकारी आयुक्त के कार्य में कोई दोष नहीं निकाला जा सकता।"

अदालत ने आगे यह भी कहा कि आबकारी अधिनियम की धारा 31(1)(c) और 44 के तहत कर्मचारियों, एजेंटों और लाइसेंस धारक की ओर से कार्य करने वाले व्यक्तियों के कार्यों के लिए लाइसेंस धारक को ही जिम्मेदार माना जाता है। इस प्रकार, ड्राइवर, क्लीनर और अन्य संबंधित व्यक्तियों की दोषसिद्धि ही वैधानिक परिणामों को लागू करने के लिए पर्याप्त थी।

पीठ ने कहा,

"इस प्रकार, 'कोई भी व्यक्ति जो उसकी (लाइसेंस धारक की) ओर से उसकी स्पष्ट या निहित अनुमति से कार्य कर रहा हो' - इस वाक्यांश में उस ट्रक का ड्राइवर और क्लीनर भी शामिल होगा, जिसमें सामग्री की ढुलाई की गई। इसलिए मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत उनकी दोषसिद्धि, आबकारी अधिनियम की धारा 31 की उप-धारा (1) के खंड (c) की भाषा के अनुसार, लाइसेंस धारक पर भी बाध्यकारी होगी।"

आनुपातिकता के सिद्धांत (Doctrine of Proportionality) को लागू करते हुए अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए - जिसमें जाली परमिट का उपयोग और आबकारी राजस्व की हानि शामिल थी - राज्य द्वारा की गई कार्रवाई उचित और न्यायसंगत थी।

पीठ ने टिप्पणी की,

"इसलिए विदेशी शराब की ढुलाई के लिए जाली परमिट का उपयोग करके की गई धोखाधड़ी के संदर्भ में प्रतिवादियों के विवादित कार्यों को जब आनुपातिकता के सिद्धांत की कसौटी पर परखा जाता है, तो उनमें कोई दोष नहीं निकाला जा सकता।"

इस प्रकार, अदालत ने रिट याचिका खारिज की।

Case Title: Som Distilleries v State of Madhya Pradesh [WP-4915-2026]


Friday, March 27, 2026

थाना लार्डगंज पुलिस की कार्यवाही, 2 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार चुराये हुये 12 दुपहिया वाहन जप्त


थाना लार्डगंज पुलिस की कार्यवाही, 2 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार चुराये हुये 12 दुपहिया वाहन जप्त


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जबलपुर. पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा जिले में पदस्थ समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को लूट, झपटमारी, नकबजनी, वाहन चोरी की घटनाओ पर अंकुश लगाने हेतु जेल से रिहा हुये सम्पत्ति सम्बंधी अपराधियों एवं पूर्व में पकडे गए संपत्ति संबंधी अपराधियों से सघन पूछताछ एवं उनकी गुजर बसर की जांच तथा घटित हुई चोरी एवं नकबजनी में आरोपियों की पतासाजी करते हुए चोरी गए मशरूका की बरामदगी हेतु  आदेशित किया गया है।

आदेश के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री आयुष गुप्ता (भा.पु.से.)  एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री रीतेश कुमार शिव के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी लार्डगंज श्री नवल आर्य के नेतृत्व मे गठित टीम द्वारा 2 शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर आरोपियेां के कब्जे से चुराये हुये 12 दुपहिये वाहन जप्त किये गये है।   

थाना लार्डगंज की टीम द्वारा 1-कासिम खान पिता मोह. अतीक खान उम्र 25 साल रजा चौक, न्यू आनंद नगर, थाना गोहलपुर , 2-फैजान अंसारी उर्फ तोता पिता महमूद अहमद उम्र 23 साल निवासी मक्का नगर गली न 01 हनुमानताल  को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने थाना लार्डगंज, कोतवाली, ओमती, विजयनगर, घमापुर एवं कटनी क्षेत्र से दुपहिया वाहन चोरी करना स्वीकार किये।

 नाम पता गिरफ्तार आरोपी -

1-कासिम खान पिता मोह. अतीक खान उम्र 25 साल रजा चौक, न्यू आनंद नगर, थाना गोहलपुर  

2-फैजान अंसारी उर्फ तोता पिता महमूद अहमद उम्र 23 साल निवासी मक्का नगर गली न 01 हनुमानताल

आरोपियेां के कब्जे से चुराये हुये 12 दुपहिये वाहन  एक्सेस क्रमांक एमपी 20   एसएन 7110, प्लेटीना क्रमांक एमपी 49 एम 9528, एक्सेस क्रमांक एमपी 20 यूए 4288, एक्सेस क्रमांक एमपी 20 एसटी 4577,  पैशन प्रो क्रमांक एमपी 20 एनक्यू 5681, स्प्लेंडर क्रमांक एमपी 09 क्यूटी 9499, एक्सेस क्रमांक एमपी 20  एसटी 8958, एक्सेस क्रमांक एमपी 20  एसआर 8581, एक्टीवा क्रमांक एमपी 20 एस एन 3623, एक्टीवा क्रमांक एमपी 20 एसडब्ल्यू 6552,   स्प्लेण्डर क्रमांक एमपी 20 एमक्यू 4836, स्प्लेण्डर क्रमांक एमपी 20 एमवाय 2837 जप्त करते किये गये।

वाहनों के सम्बंध में पतसाजी करने पर एक्सेस क्रमांक एमपी 20   एसएन 7110, प्लेटीना क्रमांक एमपी 49 एम 9528,के चोरी जाने की रिपोर्ट थाना लार्डगंज मे पजीबद्ध होना पायी गयी।  दोनों आरोपियो को थाना लार्डगंज के अप क्र 106/26  एवं 202/26  में गिरफ्तार करते हुये इस्तगासा 01/26 धारा 35(1)(ड) बीएनएसएस के तहत कार्यवाही कर अन्य वाहनो के सम्बंध मे पतासाजी की जा रही है। 

शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर चुराये हुये वाहन जप्त करने में थाना प्रभारी लार्डगंज श्री नवल आर्य, उप निरीक्षक राहुल बघेल, उप निरीक्षक रामेश्वर गोस्वामी, सहायक उप निरीक्षक राजेश वर्मा, प्रधान आरक्षक ब्रम्हप्रकाश मिश्रा, आरक्षक पंकज सनोडिया, आरक्षक शुभम पटेल, आरक्षक हूलेश परस्ते, आरक्षक आदर्श दुबे, आरक्षक श्याम गुर्जर, आरक्षक कुंदन सिंह की सराहनीय भूमिका रही।

Sunday, March 22, 2026

गुना हवाला कांड में बड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री ने गुना SP अंकित सोनी को हटाया, थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड


गुना हवाला कांड में बड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री ने गुना SP अंकित सोनी को हटाया, थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड 

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1 करोड़ केश राशि को 20 लाख रुपये लेकर छोड़ देने के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एसपी अंकित सोनी को हटा दिया है और पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच कर दिया है। नई एसपी हितिका वासल होगी। थाना प्रभारी एसआई प्रभात कटारे, एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह शिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन को पहले ही सस्पेंड कर दिया है।

गुना जिले में नेशनल हाईवे 46 पर एक करोड़ रुपये की नकद राशि पकड़ने और फिर 'डील' कर उसे छोड़ने के मामले ने प्रदेश की राजनीति और पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए गुना पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक शिथिलता और अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


गुना हवाला कांड में बड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री ने गुना SP अंकित सोनी को हटाया, थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड


मामले के मुख्य बिंदु:
  • घटनास्थल और समय: मामला 19 मार्च (गुरुवार-शुक्रवार की रात) को गुना के धरनावदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रूठियाई पुलिस चौकी का है।
  • घटना का विवरण: पुलिस ने गुजरात पासिंग की एक स्कॉर्पियो (GJ 05 RK 9351) को रोका, जो एक जीरा व्यापारी की बताई जा रही है। तलाशी के दौरान गाड़ी से करीब 1 करोड़ रुपये नकद मिले।
  • वसूली का आरोप: आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उच्च अधिकारियों को सूचना देने के बजाय व्यापारी से 20 लाख रुपये का 'सेटलमेंट' (रिश्वत) लिया और उसे बाकी 80 लाख रुपये के साथ छोड़ दिया।
  • कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर रेंज के DIG अमित सांघी ने रात में जांच की। इसके बाद धरनावदा थाना प्रभारी प्रभात कटारे सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
  • IPS का फोन: खबरों के अनुसार, जब गुजरात के एक IPS अधिकारी का फोन आया, तो पुलिस ने कथित तौर पर लिए गए 20 लाख रुपये वापस कर दिए।
  • CM का एक्शन: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए गुना एसपी अंकित सोनी को हटाने के निर्देश दिए हैं और यतिका बंसल को नया एसपी नियुक्त किया है।

​ ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने रूठियाई चौकी और धरनावदा थाने पहुंचकर मामले की गहन पड़ताल की थी। जांच में  दोषी पाए जाने पर चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सस्पेंड होने वालों में धरनावदा थाना प्रभारी एसआई प्रभात कटारे, रूठियाई चौकी प्रभारी एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन शामिल हैं। मामला 20 लाख की 'डील' और 'रिफंड' की चर्चा

मध्यप्रदेश शासन द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी


​यह पूरा घटनाक्रम नेशनल हाईवे-46 पर गुजरात पासिंग स्कॉर्पियो को रोकने से शुरू हुआ था। वाहन से करीब 1 करोड़ रुपये बरामद हुए थे, जिसे नियमानुसार जब्त करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये लेकर रफा-दफा कर दिया।  मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और उस व्यापारी की भी तलाश की जा रही है जिससे यह 'सेटलमेंट' किया गया था। 

​मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में केवल निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि जिले के मुखिया की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

Wednesday, March 18, 2026

डायवर्सन की बकाया राशि नहीं चुकाने पर होटल गुलजार और मेथोडिस्ट चर्च की संपत्ति कुर्क.


डायवर्सन की बकाया राशि नहीं चुकाने पर होटल गुलजार और मेथोडिस्ट चर्च की संपत्ति कुर्क.


  • कुर्क की गई संपत्ति के क्रय-विक्रय पर रोक.
  • राशि नहीं चुकाने पर होगी नीलामी की कार्यवाही.

जबलपुर। राजस्व विभाग ने डायवर्सन की बकाया राशि नहीं जमा करने पर गोरखपुर स्थित होटल गुलजार और हवाबाग स्थित मेथोडिस्ट चर्च की संपत्ति को कुर्क कर लिया है तथा कुर्क की गई संपत्ति के क्रय-विक्रय, अनुबंध आदि को निषेधित कर दिया गया है। ज्ञात हो कि अपर कलेक्टर अभिषेक गहलोत ने गत दिवस आयोजित राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में मांग जारी करने और समयावधि बीत जाने के बाद भी भू-राजस्व नहीं जमा करने वाले बड़े बकायादारों पर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिये थे।

अनुविभागीय राजस्व अधिकारी गोरखपुर अनुराग सिंह के अनुसार तहसील गोरखपुर मौजा गोरखपुर स्थित होटल गुलजार के संचालक संजय भाटिया, गुलजारी लाल भाटिया द्वारा व्यावसायिक प्रयोजन में लाये जा रहे होटल गुलजार एवं अन्य भूमियों पर डायवर्सन की 8 लाख 50 हजार रुपये की राशि मांग जारी होने के बाद भी जमा नहीं करने पर अचल संपत्ति की कुर्की का वारंट जारी किया गया है तथा कुर्क की गई संपत्ति पर किसी भी प्रकार का संव्यवहार जैसे कि क्रय-विक्रय, अनुबंध इत्यादि को भी निषेधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बकाया राशि जमा नहीं करने पर कुर्क शुदा संपत्ति की नीलामी कर भू-राजस्व की राशि वसूल की जायेगी।

अनुविभागीय राजस्व अधिकारी गोरखपुर ने बताया कि भू-राजस्व वसूली के सिलसिले में ही 15 लाख रुपये की डायवर्सन की बकाया राशि नहीं जमा करने पर आज बुधवार को हवाबाग स्थित मेथोडिस्ट चर्च की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया है। मेथोडिस्ट चर्च द्वारा भी बकाया जमा नहीं किये जाने पर चल-अचल संपत्ति की नीलामी कर भू-राजस्व की वसूली की जायेगी।

अनुविभागीय राजस्व अधिकारी गोरखपुर के मुताबिक गोरखपुर तहसील के अंतर्गत शासन को भू-राजस्व जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों को चिन्हित किया गया है तथा उन पर भी वसूली की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

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