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गणतंत्र दिवस पर पुलिस ग्राउंड में आयोजित जिले के मुख्य समारोह के बच्चों के साथ दोपहर भोज किया, भोज में खीर-पुरी, सब्जी के साथ लड्डू परोसे, बाकी 365 दिवस का कुछ पता नहीं |
मुख्य अतिथि ने किया स्कूली बच्चों के साथ दोपहर भोज
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गणतंत्र दिवस पर पुलिस ग्राउंड में आयोजित जिले के मुख्य समारोह के बच्चों के साथ दोपहर भोज किया, भोज में खीर-पुरी, सब्जी के साथ लड्डू परोसे, बाकी 365 दिवस का कुछ पता नहीं |
मुख्य अतिथि ने किया स्कूली बच्चों के साथ दोपहर भोज
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गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने फहराया राष्ट्र ध्वज |
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जबलपुर. राष्ट्र का 77 वाँ गणतंत्र दिवस जिले भर में हर्षोल्लास से मनाया गया। गणतंत्र दिवस का जिले का मुख्य समारोह यहां पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया, जहां मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली।
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महिला ठेकेदार से रूपये छीनने वाला परिचित 'लुटेरा' अभिषेक सोनी गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में गया जेल, छीने हुये नगद 1 लाख 33 हजार 500 रूपये नगद जप्त |
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लेबर पेमेंट हेतु बैग में रूपये लेकर जा रही महिला ठेकेदार से रूपये छीनने वाला आरोपी गिरफ्तार, छीने हुये नगद 1 लाख 33 हजार 500 रूपये नगद जप्त
जबलपुर. थाना कैंट में दिनाँक 25/1/26 को श्रीमति अर्चना मसीह ने लिखित शिकायत की कि वह वेदांत हस्पिटल में ठेकेदार के पद पर काम करती है उसेे लेबर पैमेंट करने हेतु एवं पारिवारिक समस्या के कारण लगभग 2 लाख रुपए की आवश्यकता थी उसने बड़े पिताजी के लड़के कैलाश मौर्या निवासी सप्लाई डिपो के पास एमईएस कलोनी सदर से 2 लाख रुपए उधार मागे थे जिन्होने पैसे दिनाक 24/01/2026 को देने के लिए सदर बुलाया था।
उसने पूर्व के परिचित अभिषेक सोनी निवासी राझी से पैसों के सम्बंध में बात की थी जब उसे भैया का फोन आया तो उसने अभिषेक सोनी को फोन करके बताया कि मेरे भैया ने पैसो की व्यवस्था कर दी है मेैं पैसे लेने सदर ही जा रही हूँ। रात लगभग 8 बजे अपने भैया कैलाश से 2 लाख रुपए लेकर वह मोटर सायकिल होडा शाईन से वापिस घर के लिए निकली तभी एमईएस कालोनी बरगद पेड के पास अभिषेक सोनी मिला जिसने उसे रोका जैसे ही वह रुकी तो अभिषेक सोनी ने उसके पास टंगा कत्थे रंग के बैग को जबरदस्ती छीनकर मुर्गी ग्राउंड के अंदर से होते हुए भाग गया, उसने अपनी मोटर सायकिल से रोड से होते हुए पीछा किया किंतु मेनरोड से अभिषेक सोनी का कुछ पता नहीं चला। बैग में भैया से उधार लिए हुए 2 लाख रुपए नगद और रियलमी कंपनी का मोवाईल था। लिखित शिकायत अवलोकन आरोपी के विरुद्ध धारा 309 (4) बी एन एस का का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा घटित हुई घटना को गम्भीरता से लेते हुये आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु आदेशित किये जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात सुश्री अंजना तिवारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक कैंट श्री उदयभान बागरी के मार्गनिर्देशन में थाना प्रभारी कैंट श्री पुष्पेन्द्र पटले के नेतृत्व में टीम गठित कर लगायी गयी।
गठित टीम द्वारा विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर रांझी बजरंग नगर में दबिश देते हुये आरोपी अभिषेक सोनी उम्र 40 वर्ष निवासी बजरंग नगर रांझी को अभिरक्षा में लेते हुये पूछताछ करने पर अभिषेक सोनी ने घटना कारित करना स्वीकार करते हुये बताया कि अर्चना मसीह द्वारा अधिक रूपये लेकर जाने की जानकारी मिलने पर स्वयं की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने से मन में लालच आ जाने के कारण कैंट स्थित स्पलाई डिपो रोड आटो से पहुंचा एवं श्रीमति अर्चना मसीह को रोककर बैग जिसमे रूपये रखे थे छीनकर तेजी से भाग, भागते समय मुर्गी ग्रांउड में बैग में से रूपयों की गड्डी निकालकर अपनी जेब मे रख ली तथा बैग वहीं ग्राउंड में फेंकर तेजी से भाग कर रोड पर आकर आटो से रांझी स्थित अपने घर आ गया एवं रूपयों को घर में रखे कूलर मे छिपाकर रख दिया है। आरोपी की निशादेही पर घर में कूलर के अंदर छिपाकर रखे हुये नगद 1 लाख 33 हजार 500 रूपये जप्त करते हुये, आरोपी को प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार कर मान्नीय न्यायालय के समक्ष पेश करते हुये न्यायिक अभिरक्षा में जेल निरूद्ध किया गया।
नगद रूपये छीनने वाले लुटेरे को पकडने में थाना प्रभारी केण्ट श्री पुष्पेन्द्र पटले, उप निरीक्षक जागेश्वरी, सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी बेन, प्रधान आरक्षक राजेश शर्मा, जयंत नामदेव, भूपेन्द्र पटेल, आरक्षक संदीप की सराहनीय भूमिका रही।
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कटनी कलेक्टरआशीष तिवारी ने वित्तीय अनियमितता घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं उदासीनता पर स्वास्थ्य विभाग के लेखापाल को किया निलंबित |
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कटनी – वित्तीय अनियमितता और पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरतने पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बहोरीबंद अस्पताल में पदस्थ तत्कालीन प्रभारी लेखापाल (वर्तमान में जिला अस्पताल में पदस्थ) श्री राहुल मिश्रा, सहायक ग्रेड-3 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कलेक्टर श्री तिवारी को बीते मंगलवार को बहोरीबंद में आयोजित जनसुनवाई में मिली शिकायत पर, कलेक्टर ने तत्काल जांच कराने के बाद यह कार्रवाई की है।
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स्वदेश के स्टूडियो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनाई निजी बातें, चाय-पोहे बेचे, परिवार को लेकर भावुक हैं मोहन यादव |
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स्वदेश के स्टूडियो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनाई निजी बातें, चाय-पोहे बेचे, परिवार को लेकर भावुक हैं मोहन यादव
पिता के कहने से चाय-पोहे बेचे, परिवार को लेकर भावुक हैं मोहन यादव
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव धुरंधर मुख्यमंत्री होने के साथ एक धुरंधर स्वयंसेवक भी है। वे आसानी से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंचे हैं। एक समय अपने पिता की सलाह पर उन्होंने चाप पोहे बेचे, होटल चलाया और मकान बनाकर भी बेचे। लेकिन अब उन्होंने प्रदेश को ही अपना परिवार मान लिया है। वे मुख्यमंत्री हैं। वे काम में हमेशा इतने व्यस्त रहे कि उनको मह भी नहीं पता था कि निवास में भी अकेले राते उनकी छोटी सी बिटिया कब बैठना और चलना सीख गई। वे ऐसे पहले मुख्यमंत्री है जिन्होंने अपने बच्चों तक से कहा कि किसी को बोलना नहीं कि तुम्हारे पित्ता मुख्यमंत्री हैं। परिवार के किस्सों को लेकर अब वे बहुत भावुक हो जाते हैं।
अवसर था स्वदेश के स्टूडियो के उद्घाटन का। स्वयंसेवक से मुख्यमंत्री बने डॉ. मोहन यादव कुछ सवालों पर भावनाओं में बहते हुए भी दिखाई दिए। उन्होंने अपने जीवन के कुछ ऐसे पहलुओं को उजागर किया जो उनके मन मस्तिष्क में तैरते रहते हैं। मंत्री और मुख्यमंत्री बनने के बाद उनहोंने अपने परिवार को कुछ हिदायते भी दी और कुछ स्वनियमन का पालन भी किया।
परिवार की चर्चा पर मुख्यमंत्री की भायुक्ता उन्हें एक अलग दुनिया में ले जाती है। मुख्यमंत्री बताते है जब मेरा विवाह किया तो सबसे पहले संथ का परिवार वावा साहब नातू ने देखा। वहां मेरी पत्नी सीमा के पिठाली महलय मेरे
राजनीति और अध्यात्म दो ही रास्ते
80 के दशक में डॉ. मोहन गादा ने अखिल भारतीय विद्यायों परिषद के कार्यों में खुद को व्यस्त कर लिया था। ऐसे में उनके पिताजी की जायज चिंता थी कि मोहन कैसे कमाएमा और अपना घर कैसे चलाएगा? तब एक ज्योतिषी से उनके परिवार ने विमर्श किया तो पता चला मोहन यादव या तो धुरंधर राजनेता बनेंगे या अध्यात्म की राह पकड़ लेंगे। वया ये वाक्या सही है? इस पर ये कहते हैं कि उनकी अपनी कैलकुलेशन थी। उनहोंने कहा था कि जीवन में परमात्मा ने थोड़ा सा जिस प्रकार का सबका भाग्य बना दिया है तो तुम्हाने दो मार्ग हैं। या तो राजनीति के क्षेत्र में तुम अच्छे स्थान पर पहुंचोगे और अगर अध्यात्म की वृति रही ती एक अवस्था के बाद वहां अवसर है।
होटल चलाया, मकान
मुख्यमंत्री बताते हैं इस बीच बाहूजी का आग्रह था कि थोड़ा बांध के भी रखी, ये पुराने लोगों की अच्छी पद्धति रहती है। नौकरी मिल जाए तब भी अपना काम बंधा करी। बहूजी का भी था कि अगर आप कॉलेज जा रहे हो तो आप कोई अपना काम शुरू करो। एक दुकान जरूर चलाओ। उसके पीछे भाव रहता था कि पढ़ी तो पढ़ो या मत पढ़ो, लेकिन अपने काम धंधे से जीवन आप अच्छे से चलाओ। बाबूजी की बात का पालन मैंने तो फर्स्ट ईयर से ही किया। उन्नीस सी बयासी में मैंने चाय-पोहे की होटल खोली और तीन सखाल उसे चलाया। उसके बाद मुझे लगा कि समय बोड़ा कम पड़ रहा है. मैं पीएमटी में भी सिलेक्ट हो गया। लेकिन परिषद ने कहा कि चुनाव लड़ना है तो तुम बीएससी करों, फिर बीएससी सेकंड ईयर में प्रेसिडेंट लड गया, बहां जीत गया। दुकान भी चल रही थी। बाबूजी सब देख रहे थे। बोले- तुमको बिजनेस तो करने हैं तो ऐसा कनी। तुम्हें सुबह से लेकर रात तक चाय की दुकान में टाइम लगता है। तुम खाने का होटल बोल तो। होटल में फायदा है कि सुबह ग्यारह बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगा, फिर तुम्हें गैध मिल जाएगा। इसके बाद शाम को सात बजे बाद होटल चालू होगी। दस म्यारह बजे तक चलेगी। फिर दो तीन साल होटल चली. पर तब तक में प्रदेश मंत्री बन गया। मेरे प्रवास होने लगे, समय नहीं था तब चाबूजी ने कहा ये छोड़ी प्राइवेट मकान बनाकर बेचों। तो फिर हमने प्राइवेट मकान बनाए और बेचे। उसमें एक फायदा मकान रोज नहीं बेचना पड़ता, रोज ग्राहक नहीं करना पड़ता ती सब काम जम गया। बाबूजी के कारण में आर्थिक रूप से स्वावलंबी रहा। उनका कहना था किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना।
बेटी कब बैठने लगी, पता ही नहीं चला
ससुर जी, वे संघ में कार्य करते रहे। वह घर से आठ-आठ दिन्न, दस-दस दिन प्रवास पर निकलते थे। तो उनके घर में आदत थी कि संघ कार्य में जाने में कोई आपति नहीं। यही देख मेरा विवाह हुआ कि यह घर में टाइम कम
देगा। मुझे इस बात का सरोष है कि मेरे परिवार ने कभी इसे अन्यथा नहीं लिया। एक उदाहरण दूंगा मेरी बेटी कर जी आज एक माइनोलोजिस्ट है हॉस्पिटल चलाती है। शादी के बाद में आमतौर पर संगठन के काम से सुबह
सात आठ बजे से घर से निकलता और रात ग्यारह बारह बजे घर पहुंचता। एक दिन में अपने एक दोस्त रावल के बर गया। तब मेरी बेटी छोटी थी आठ महीने की। उनकी माता जी ने मुझसे पूछा बेटा वो बेटी बैठने लगी है क्या? सी
बताना मत कि मुख्यमंत्री के बच्चे हो
डॉ. यादव बताते है कि आनंद ता आया, जब शादी के बाद बच्ची ने कहा उन्हें शादी के बाद हनीमून पर नहीं नर्मदा परिक्रमा पर जाना है। हमने कहा जाओ। तो बड़े बेटे ने कहा कि मैं भी क्या पापा नर्मदा परिक्रमा कर हूँ। मैंने कहा कर लो। तब मेरी बेटी दामाद जो डॉक्टर है, वो बोले हम भी जागने, हमने कहा तुम भी जाओ। लेकिन दी शर्त हैं। तुम जाओ, कोई दिक्कत नहीं। लेकिन तुम लोग कहीं भी यह परिचय नहीं देना कि मुख्यमंत्री वी बेटे-बेटी हो। स्थानीय विधायक, सांसद मंत्री इनको अपनी यात्रा की खबर नहीं करना। नर्मदा परिक्रमा में कोई धर्मशाला या कोई छोटा स्थान लेना और अपनी पूजा पट्टी पूरी करना। मुख्यमंत्री कहते है मुझे सतीध है सब अच्छे से हुआ और इनकी नर्मदा परिक्रमा का जब ओंकारेश्वर में समापन हुआ तब भी में ओंकारेश्वर नहीं गया। मैंने अपने आपकी इस पास से दूर रखा, क्योंकि ये उनकी आत्म याह है।
मेरे को एकदम झटका लगा। मैंने का एक मिनट, एक मिनट मामी। मैं जरा कुछ के बताऊँगा कि मैं जब सुबह निकलता हूँ तो वो सोए रहती है। रात को जब आता हूँ तो सो रही होती है। वो बैठती है. नहीं बैठती। मेरे की नहीं
सामूहिक विवाह में बेटे की शादी
मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव ने अपने दोनों पुत्री का मिसाल कायम की। एक बेटे का
विवाह सामूहिक विवाह में किया। इस पर उन्होंने कहा मेरे दोनों बेटों का विवाह जब मुख्यमंत्री हूँ. तभी हुआ है। हमारे यहां जब हम संघ में सीखते हैं कि हमारे लिए काम बढ़ा है, लेकिन व्यक्तिमत जीवन में लॉक दिखादे से बचना चाहिए। में भाषण में भी कहता हूँ शादी विवाह में दिखावा मत करो।
क्योंकि बड़ा आदमी बा कार्यक्रम करता तो छोटे पर गलत असर होता है। इसलिए जब बड़े बेटे का विवाह किया तो मैंने पुष्कर में जाकर पचास लोगों के साथ किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल जी बोले, मैं
आऊ क्या? इस कार्यक्रम में मेरी इच्छा है। तो मैंने उनको दिनसला से हाथ जोड़कर कहा, आप मत आना, क्योंकि अगर एक मुख्यमंत्री आएंगे तो फिर लाव लश्कर सब आ जाएगा और मजा बिगड़ जाएगा। इसके बाद छोटे बेटे के विवाह की बारी आई। हमने उसे सामूहिक विवाह की
बात बताई। उसने कहा कि पापा मजाक कर रहे है। हमने पूछा तुम्हारी क्या इच्छा है? तो उसने हो की। सामूहिक विवाह करना था तो हमारी मित्र के एक होटल है. उसके वेटर के यहां विवाह होना था, उसे जोड़ा। फिर एक किसान परिवार से बात की। ऐसे करते-करते मेरे ड्राइवर ने कहा, साहब आप हमाले बच्चे का विवाह भी सम्मेलन में कर दी। ऐसे करके इक्कीस जोड़े हो गए और बाइसवां मेरा बेटा, अन्तर आनंद आया। जब यह शादी का मामला बना तो मेरे सारे मुख्यमंत्री मित्रों ने कहा, हम आए क्या? हमने सबसे कहा, भाई साहब, हमने आपको सूचना दी है। आना नहीं है. आओगे तो हमारा सब काम बिगड़ जाएगा।
मालूम। फिर जब में रात को घर गदा मैंने फनी सीमा से पूछा, सीमा ये आकाक्षा बैठने लगी है क्या? जवाब मिता दो महीने पहले से बैठने सीख गई है। यह सब सेक्रिफाइस परिवार में हो जाता है। ये अच्छी बात है।
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कूट रचित दास्तावेज तैयार कर बैंक से 4 लाख रूपयें का लोन लेकर धोखाधडी, 10-10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रूपये के अर्थदंड |
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जबलपुर. थाना अधारताल अन्तर्गत धोखाधडी के प्रकरण में कूट रचित दास्तावेज तैयार कर किसी और की जमीन को अपना बताकर लोन वाले पति-पत्नि का सहयोग करने वाले आरोपियों को सारगर्भित विवेचना एवं मान्नीय न्यायालय में विचारण के दौरान सशक्त पैरवी के परिणाम स्वरूप 10-10 वर्ष सश्रम कारावास एवं अर्थ दण्ड से किया गया दण्डितथाना अधारताल में गौरव प्रसाद तिवारी उम्र 32 वर्ष निवासी रिछाई रांझी ने लिखित शिकायत की थी कि उसके दादाजी गौरीशंकर तिवारी के नाम पर दर्ज जमीन मौजा बघेली रकवा 2.760 हैक्यिर भूमि है उसके दादा की मृत्यु 27-5-13 में हो चुकी है, दादाजी के स्वर्गवास के बाद जमीन पर बुआई उसके पिता एवं चाचा नारायण प्रसाद करते है। जुलाई महीने मे फौती चढवाने एवं खसरे की नकल लेने तहसील पनागर गया था जहॉ पता चला उसके दादा जी के नाम पर दर्ज जमीन पर आई.सी.आई.सी बेैंक आधारताल द्वारा 408100 रूपये दिनॉक 23-12-16 को किसान क्रैडिट कार्ड बनाकर लोन स्वीकृत किया गया है.जब वह आईसीआईसी बैंक शाखा जाकर पता किया तो ब्लूम चौक शास्त्री ब्रज उसे भेजा गया जहॉ जाकर उसने पता कि के.सी.सी. बनाने वाले मैनेजर से मिला एवं सम्पूर्ण दस्तावेजों की छाया प्रति दी जिसमे के.सी.सी. लोन लेने वाले गौरी शंकर यादव और उनकी पत्नि रेखा यादव निवासी सुमन नगर रिछाई एंव जमानतदार राजकुमार यादव, निवासी अधारताल, विजय मिश्रा निवासी रिछाई के नाम के हस्ताक्षरित दस्तावेज थे।इन्हें भी पढ़ें:- हाईकोर्ट ने कहा- झूठी FIR कराने वालों पर पुलिस को करना होगा केसहम लोगो ने किसी बैंक से कोई लोन नहीं लिये है उसके दादा श्री गौरी शंकर तिवारी के नाम की उक्त भूमि पर गौरी शंकर यादव, रेखा बाई यादव द्वारा षणयंत्र पूर्वक जमीन की फर्जी कूट रचित खाता बही तैयार बैंक से 4 लाख 8 हजार 100 रूपयें का के.सी.सी. लोन लेकर रकम हडप लिये है, जमानतदार के रूप में राजकुमार यादव निवासी सुभाष नगर महाराजपुर एवं विजय कुमार मिश्रा रिछाई द्वारा मिली भगत कर रकम निकालने मे सहयोग किये हैं ।शिकायत जांच पर गौरी शंकर यादव, श्रीमति रेखा बाई यादव, दोनों निवासी सुमन निगर रिछाई, तथा जमानतदार राजकुमार यादव निवासी सुभाष नगर महाराजपुर एवं विजय कुमार मिश्रा निवासी रिछाईं के विरूद्ध दिनॉक 9-5-19 को अपराध क्रमांक 375/2019, धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी,34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी राजकुमार यादव निवासी सुभाष नगर महाराजपुर एवं विजय कुमार मिश्रा निवासी रिछाईं को अभिरक्षा में लेते हुये प्रकरण मे गिरफ्तार किया गया।उप निरीक्षक टेकचंद शर्मा द्वारा उक्त मामले की सारगर्भित विवेचना कर चालान पेश करते हुये न्यायालय द्वारा जारी समंस वारंट की तामीली समय पर कराई जाकर समय पर साक्षियों को मान्नीय न्यायालय उपस्थित कराया गया। प्रकरण की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री अरविंद जैन द्वारा की गई।सारगर्भित विवेचना एवं माननीय न्यायालय मे विचारण के दौरान सशक्त पैरवी के परिणाम स्वरूप दिनांक 22.1.2026 को मान्नीय न्यायालय श्रीमती प्रीति शिखा अग्निहोत्री तेईसवें अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा आरोपी 1-राजकुमार यादव उम्र 62 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सुभाष नगर महाराजपुर, थाना आधारताल, 2-विजय कुमार यादव, उम्र 55 वर्ष, निवासीः कांचघर स्टेशन रोड खेरमाई मंदिर के पास थाना घमापुर, को धारा 467, 471, भा.द.वि. में 10-10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रूपये के अर्थदंड एवं धारा 420, 468, 120 बी, भा.द.वि में 7-7 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रूपये अर्थदंड से दण्डित किया गया।
नीमच। हनी ट्रेप गिरोह के मुख्य सरगना अविनाश जाजपुरा की कलेक्ट्रेट चौराहे के समीप ग्रीन बेल्ट की भूमि पर स्कीम नंबर३६ में लगी अवैध गुमटी को नगरपालिका प्रशासन ने शुक्रवार को हटा दिया। लंबे समय से अवैध गुमटी लगाकर आरोपी जाजपुरा यहां पर हनी ट्रेप सहित कई अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। बीज व्यापारी की शिकायत पर नीमच कैंट पुलिस ने हनी ट्रेप सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले में नरेंद्र गेहलोत सहित नौ आरोपी गिरफ्तार हो चुके है, लेकिन अविनाश जाजपुरा व दिलीप भारद्वाज व अन्य आरोपी अभी तक फरार है। सबसे बड़ी बात है कि अवैध तरीके से लंबे समय से इन लोगों ने गुमटी लगा रखी थी, लेकिन प्रशासन ने कभी इसको हटाने की जहमत नहीं उठाई।
नगर पालिका अधिकारी विश्वास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर हुई शिकायतों के चलते आज नगर पालिका द्वारा अवैध गुमटिया हटाने की कार्रवाई की है। नगर पालिका द्वारा जवाहर नगर एवं 36 नंबर ग्रीन बेल्ट के समीप से लगभग 4 गुमटिया हटाई है। यह कार्यवाही शाम तक जारी रहेगी, जसमें अन्य गुमटिया भी हटाई जानी है। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका के स्वस्थ अधिकारी विश्वास शर्मा, राजस्व अधिकारी दिनेश चांदना,ओपी परमार सहित बड़ी संख्या में नपाकर्मी स्कीम नंबर- 36 स्थित मुख्य चौराहे पर पहुंचे थे। जिसके बाद यहां मौजूद एक लाइन से जमी गुमटियों को जसीबी की मदद से हटाया गया, और ट्रैक्टर में लोड कर नियत स्थान पर पहुंचाया गया।
हनी ट्रेप के मामले में आरोपी नरेंद्र गहलोत सहित पांच जेल में बंद
नीमच जिले में हनी ट्रेप में लोगों को फंसाकर पैसे वसूलने का गंदा खेल खेलने वाले एवं ब्लैकमेलिंग कर लोगों से वसूली करने वाले तीन फर्जी पत्रकारों के गिरोह के मुख्या नरेंद्र गेहलोत व दो महिला आरोपी सहित पांच को गिरफ्तार कर कैंट पुलिस ने सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। जिन्हें न्यायालय ने २६ अक्टूबर को जेल भेज दिया। आपको बता दें कि दिनांक 30 सितंबर २०21 की शाम करीब 6 बजे सांध्य दैनिक जय मालवा के पत्रकार अरूण पिता रमेशचन्द्र यादव जाति जाटव को आरोपी नरेन्द्र पिता हरीराम गेहलोत अपनी कार पर सवार होकर होटल भारत पेलेस के पास से बहला फुसला कर बिठा कर इंदिरा नगर के पीछे सांवरिया कॉलोनी निवास पर ले गया था। जहां पहले से मौजुद आरोपीगण अविनाश पिता कुबैरकांत जाजपुरा एवं दिलीप पिता मनोहर भारद्वाज पत्रकार अरूण यादव को कमरे में बंधक बनाकर मारपीट करते है। इतने में कमरे में पहले से मौजुद नरेन्द्र गेहलोत की तीन लड़किया भी अरूण यादव के हाथ पकड़ लेती है, और बलात्कार के झुठे आरोप में फंसाने की धमकी देती है और दिलीप भारद्वाज अपने मोबाईल से अरूण यादव के साथ कारीत घटनाक्रम का वीडियो भी बनाता है और धमकी देता है कि आज तुझे यही जान से खत्म कर देंगे। इतने में नरेन्द्र गेहलोत घर में रखी पिस्टल अपनी लडक़ी से मंगवाता है और अरूण यादव के सर पर तान देता है। अविनाश और दिलीप भारद्वाज, अरूण यादव को अभद्र और जातिसूचक गालिया देते है। जिसके बाद अरूण यादव के मोबाईल पर उनके मित्र का कॉल आता है, डरी सहमी आवाज में अरूण यादव नरेन्द्र गेहलोत के घर जल्दी आने की बात अपने मित्र से कहते है, इतने में नरेन्द्र गेहलोत की ल?कीया अरूण यादव का मोबाईल छीन लेती है और नरेन्द्र गेहलोत घर में पड़ी बियर की बोटल को फोडक़र अरूण यादव के पेट के करीब लाकर डराता-धमकाता है। उक्त घटना के बीच जब अरूण यादव के मोबाईल पर जिस मित्र का फोन आता है उन्हे वहां हो रही चिल्लाचोट की आवाज से आभास हो जाता है कि अरूण यादव के साथ कुछ तो घटनाक्रम घटित हो रहा है। आनन-फानन में अरूण यादव के मित्र नरेन्द्र गेहलोत के निवास पर पहुंचते है, लेकिन घर के बाहर पहले से मौजूद नरेन्द्र की लडकी उन्हे भी डरा-धमका कर वहां से रवाना कर देती है। अरूण यादव के मित्र के वहां से चले जाने से अविनाश जाजपुरा और दिलीप भारद्वाज कहते ही कि आज तो इसे छोड़ दो, अगली बार हत्थे चढ़ा तो जान से मार देंगे। इतने में नरेन्द्र गेहलोत बोलता है कि पुलिस के पास जायेगा तो तेरे घर अफीम रखवा देंगे। इसलिए खेरियत में रहकर यहां से चुपचाप निकल जा, और घर के बाहर भी किसी को यहां के घटनाक्रम का पता नही चलना चाहिए, इसलिए गले मिलते हुए जा। इतने में नरेन्द्र एक लडक़ी भी घर के बाहर आती है और अरूण यादव को उनका मोबाईल हाथ में थमाकर अंदर चली जाती है। पत्रकार अरूण यादव घटनाक्रम वाले दिन ही नरेन्द्र के घर से कुछ दुर छुपकर डायल-100 बुलाते है ओर सिधे पुलिस थाने पहुंचकर सारे घटनाक्रम से अवगत करवाते है, तीनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया था। वहीं दिनांक ८ अक्टूबर २०२१ को बीज व्यापारी रविंद्र पालीवाल ने आरोपीगणों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कराया था कि यशोदा बाई उसके यहां बीज खरीदने आई और उससे परिचय बढ़ाकर नंबर लेकर गई थी। जिसके बाद फोन पर बातचीत करना शुरू कर दिया और मिलने बुलाया। इस दौरान उसका पति आ गया और उसकी पत्नी से बातचीत करने का आरोप लगाकर मारपीट करने लगा। तभी कथित पत्रकार नरेंद्र गेहलोत आया और दोनों पहचानते हुए समझौत की बात करते हुए पांच लाख की डिमांड रखी, जिसमें करीब १.९० लाख वसूल भी कर लिए। इस पर पुलिस ने हनीट्रेप और ब्लेकमेलिंग का प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।
फरारआरोपियों की संपत्ति कुर्क की तैयारी
हनी ट्रेप के माध्यम से लोगों से लाखों की वसूली करने एवं पत्रकार अरूण यादव के साथ मारपीट की घटना के मामले में फर्जी पत्रकार अविनाश जाजपुरा, दिलीप भारद्वाज लंबे समय से फरार है। नीमच कैंट पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दे रही है, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल रहा है। ऐसी स्थिति में पुलिस फरार आरोपियों की चल—अचल संपत्ति कोर्ट से कुर्क करवाने की तैयारी शुरू कर है। पुलिस ने आरोपी दिलीपसिंह पिता मनोहरसिंह भारद्वाज निवासी खेरमालिया छोटीसादडी की चल—अचल संपत्ति की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए ग्राम पंचायत खेरमालिया को पत्र भेजा है। इसी प्रकार अविनाश जाजपुरिया के लिए नीमच नगरपालिका व पंजीयक विभाग को सूचना पत्र भेजा है।
- राकेश मोहन शुक्ल, सीएसपी नीमच।
