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Monday, June 1, 2020

सत्यकथा : बरसात की वह अंधेरी रात मुझे आज भी याद है....कैसे भुल सकता हूँ उस रात को : मो.रफिक अंसारी

सत्यकथा : बरसात की वह अंधेरी रात मुझे आज भी याद है....कैसे भुल सकता हूँ उस रात को : मो.रफिक अंसारी
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🖋️ विष्णु शर्मा की कलम से... 8305895567

रेल्वे सुरक्षा बल देश के सर्वोत्तम सुरक्षा बलों में से एक है। यह एक ऐसा सुरक्षा बल है जो देश मे रेल्वे यात्रियों की सुरक्षा, भारतीय रेल्वे की सम्पत्तियों मे रेल्वे सुविधाओं के इस्तेमाल की निगरानी रखता है। रेल्वे सुरक्षा बल (RPF) एक सुरक्षा बल है,

जिसे रेल्वे सुरक्षा बल अधिनियम 1957 द्वारा स्थापित किया गया है, इसमे खोज, गिरफ्तारी, जांच और मुकदमा चलाने की शक्ति है। आर पी एफ केन्द्र सरकार के तहत आती है, रेल मंत्रालय के तहत काम करती है। इसका हेड क्वाटर नई दिल्ली मे है। सेवा और निष्ठा मुख्य उद्देश्य है।

मो. रफिक अंसारी रेल्वे सुरक्षा बल नागदा मे निरीक्षक प्रभारी के पद कर कार्यरत है

मो.रफिक का जन्म 05 जुलाई 1966 को एक अत्यंत गरिब परिवार मे हुवा। आठ भाई बहनों मे रफिक सातवें थे। रफीक का पूरा बचपन रतलाम की एक छोटी सी मुस्लिम बस्ती मोमिन पूरा में बीता । रफीक के हंसमुख व व्यवहार कुशल होने की वजह से भाई बहनों के चहेते और माँ के दुलारे थे। पिता द्वारा परिवार मे अनुशासन, कायदे कानून के साथ पारिवारिक नियमों का पालन करवाया जाता ।
मो.रफिक अंसारी के माता पिता के साथ आठ भाई बहन
मो.रफिक अंसारी के माता पिता के साथ आठ भाई बहन
मोमिन पुरा पूर्ण रूप से मुस्लिम मोहल्ला था जहाँ युवा केरम और शतरंज का खेल खेला करते । घर मे पिता के सख्त आदेश थे कि रात में 9:00 बजे के पहले घर आना आवश्यक है मोहल्ले में पढ़े लिखे लोगों की संख्या ना के बराबर थी। पिता को यह डर था कि बच्चे किसी गलत सोहबत मे ना पड़ जाये इसलिए घर मे नीयम और कायदे कानुन का सख्ती से पालन करवाया जाता। पिता ने मुसिबते देखी थी वह अपने बच्चों पर नही आनें देना चाहते थे। पिता जानते थे की शिक्षा से ही परिवार की स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। पिता ने सभी भाईयों को अच्छी से अच्छी तालीम दे कर काबिल बनाया।
पिता हाजी मो. जुनैद रेल्वे रतलाम मंडल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। तन्ख्वाह इतनी नहीं थी की परिवार की सभी जरूरते पुरी कर सके । रेल्वे की नौकरी के अलावा पिता जुनैद दर्जी का काम भी करते।

  करे भी क्यो ना......परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ भी तो इन्हीं के कंधो पर था  

घर और बच्चों की जिम्मेदारी माँ फकरु निशा पर थी। माँ अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने संजोये घर के सारे काम-काज निपटाने के बाद बचे हुवे समय में पगड़ी बुनाई का काम करती, रफिक भी माँ का हाथ बटाते। एक पगड़ी बुनाई पर दो से ढाई रुपय मिल जाया करते थे।
आरक्षक गणपत मीणा घायल युवक को पीठ पर लाद कर लाते हुवे
आरक्षक गणपत मीणा घायल युवक को पीठ पर लाद कर लाते हुये
माता पिता दीन रात मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी तालीम देना चाहते थे। समय बीतता रहा धीरे-धीरे बच्चे बड़े होते गये। माता पिता की मेहनत रंग लाने लगी। परिवार समृद्धि की ओर बढ़ रहा था। और दुखों के बादल छंटने लगे थे।
आरक्षक गणपत मीणा घायल युवक को पीठ पर लाद कर लाते हुवे
आरक्षक गणपत मीणा घायल युवक को पीठ पर लाद कर लाते हुये
दो भाईयो को रेलवे में नौकरी मिल गई, बड़े भाई रेलवे में लोको पायलट के पद पर तो दूसरे विदेश में नौकरी करने चले गये, तीसरे रेल्वे मे लॉबी सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है। तीन बड़ी बहनें है। सातवें मो. रफीक अंसारी रेल्वे सुरक्षा बल में निरीक्षक प्रभारी के पद पर नागदा में पदस्थ हैं आठवें मेडिकल स्टोर का संचालन करते हैं बहनों की शादी हो गई सभी अपने-अपने घरों में खुशहाल जीवन बिता रही हैं।

शिक्षा रह गई अधूरी -

मो.रफिक की प्रारम्भिक शिक्षा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाग क्रमांक 01 माणक चौक रतलाम से हुई । हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा 1984 मे उतीर्ण करने के उपरांत आगे की पढ़ाई के लिये शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रतलाम से बीएससी प्रथम वर्ष मे दाखिला लिया। रफिक ने बचपन से ही पुलिस विभाग में भर्ती होने का मन बना लिया था। पुलिस जवानों को घर के सामने से आता जाता देख रफिक उनमें अपने आप को देखते। मन मे आशा की किरण फुट चूकी थी।

रफिक बताते है कि-

मैं दोस्तों के साथ इंदौर घूमने गया था । मैने वहाँ देखा की पुलिस की भर्ती चल रही है,पहले ओपन भर्ती हुवा करती थी...। जानकारी निकाली तो पता चला कि मै भी भर्ती का लाभ ले सकता हूं। फिर क्या था मन की इच्छा शक्ति ने कहाँ एक बार आजमा कर देखो........। और मेरे कदम उस ओर चल दिये जहाँ से मेरा भविष्य बदलने वाला था।
गणपत मीणा घायल माधव वर्मन के साथ इलाज के वक्त
गणपत मीणा घायल माधव वर्मन के साथ इलाज के वक्त
मैने चयन प्रक्रिया मे हिस्सा लिया , मेरी किस्मत ने मेरा साथ दिया। मै आर पी एफ की उस चयन प्रक्रिया मे चुन लिया गया। मेरे खुशी का ठिकाना न रहा। कयों कि मै प्रथम बार के प्रयास मे ही चयनित हुवा था।
1986 मे ट्रेनिंग पुरी करने के बाद मै आर पी एफ से जुड़ चुका था। ट्रेनिंग पुरी करने बाद मुझे रतलाम में आरक्षक के पद पर नियुक्त कर दिया गया।

घर मे बजी शहनाई -

आर पी एफ में नौकरी मिलने के दो वर्ष के भीतर 01 जुन 1988 में परिवार वालों ने मिल कर मेरा निकाह रतलाम के ही शिक्षक परिवार की बेटी शहनाज बी से कर मेरे कन्धों पर जिम्मेदारी का बोझ डाल दिया।

मो. रफिक बताते है.

की मेरा सबसे खास मित्र बाबूलाल डांगर है।जो जाट परिवार से है। मेरी मित्रता आरपीएफ ट्रेनिंग के दौरान उससे हुई। बाबू और मैं आरपीएफ ट्रेनिंग के दौरान साथ ही थे हमने एक साथ ट्रेनिग पुरी की है। ट्रेनिंग के दौरान हम दोनो एक दूसरे के सुख-दुख के साथी थे। उस समय बाबू से हुई दोस्ती , आज तक हम मित्र है एक दूसरे के परिवारों के हर कार्यक्रमों मे साथ खड़े दिखते है। ट्रेनिंग समाप्त होने के उपरांत बाबूलाल डागर और मुझे प्रमोशन के साथ रतलाम पदस्थ कर दिया गया। बाबू अभी मंदसौर टीआई है। रफीक अपने मित्र के बारे में बताते हुए खुशी जाहिर करते है और कहते है मेरा बस एक ही मित्र है।

स्थानांतरण और पदोन्नति-

मो.रफिक को चार बार पदोन्नति मिली है , दो बार इंदौर से ओर दो बार मेघनगर से ली है। ट्रेनिंग पुरी करने के बाद आरक्षक के पद पर रतलाम मे चार वर्ष रहे,चित्तौड़ मे दो वर्ष,मेघ नगर मे दो वर्ष,इंदौर मे तीन वर्ष,गांधीधाम मे दो फिर दुबारा मेघ नगर मे दो वर्ष,गोधरा मे दो वर्ष,महू मे पाँच वर्ष फिर इंदौर मे दो वर्ष,कलोल के तीन वर्ष के बाद वर्तमान मे नागदा जं. मे दो वर्ष हो चुके है। नागदा मे 15 मार्च 2018 मे पदस्थ हुवे थे। प्रमोसन- कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल से ए एस आई, ए एस आई से सब इंस्पेक्टर ।

  हादसे ने झकझोर दिया था मुझे  

बरसात की वह अंधेरी रात मुझे आज भी याद है मै कैसे भुल सकता हूँ उस रात को.

यह घटना 29 अगस्त 1918 की रात्रि की है। गोवाहाटी ओखा एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15636 नागदा रेल्वे स्टेशन पर रात 10.10 बजे आगमन का समय है किन्तु उस दीन ट्रेन दो घंटे विलंब से आई , दो मिनिट रुकने के बाद अपने गंतव्य की ओर चल दी। सब कूछ सामान्य था किन्तु सात किलोमीटर चलने के बाद रोक दी गई। ट्रेन के गार्ड द्वारा रेल्वे कंट्रोल रूम रतलाम को सूचना दी जाती है......।
तेज मुसलाधार बारिस हो रही थी मैने अपनी मोटरसाइकिल उठाई और जहाँ ट्रेन को रोका गया था चल दिया। रात का अंधेरा सुनसान सड़क और तेज बारिश मानों किसी अनहोनी की ओर ईशारा कर रही हो
स्लिपर कोच के S-1 में चेन पुलिंग हुई है। ट्रेन 08 मिनिट रुकने के बाद चल देती है। मेरे फोन की घंटी बजती है फोन उठाने पर मुझे रेल्वे कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त होती है की गोवाहाटी ओखा ट्रेन को नागदा और बेडावन्या के बिच चेन पुलिंग कर रोका गया । यह एक असामान्य घटना थी।
सूचना मिलते ही मन मे अजीब सी बैचेनी होने लगी तेज मुसलाधार बारिस हो रही थी मैने अपनी मोटरसाइकिल उठाई और जहाँ ट्रेन को रोका गया था चल दिया। रात का अंधेरा सुनसान सड़क और तेज बारिश मानों किसी अनहोनी की ओर ईशारा कर रही हो। मन मे कई सवाल लिये बिरिया खेड़ि के पास 100 नम्बर गेट के पास मोटरसाइकिल खड़ी कर दी। क्योंकि आगे मोटरसाइकिल नही जा सकती थीं। और वहाँ से पैदल चलते हुवे लगभग दो किलोमीटर के बाद ए.सी.पी. (अलार्म चेन पुलिंग) वाली जगह पहुचें जहाँ ट्रेन को रोका गया था।
रेल्वे ट्रेक पर मो.रफिक अंसारी समझाते हुये
रेल्वे ट्रेक पर मो.रफिक अंसारी समझाते हुये
उस समय रात के लगभग 01 बजे होंगे। घटना वाली जगह का बड़ी ही बारीकी से मौका मुआयना किया, और देखा वहाँ कोई रास्ता ही नही है जहाँ कोई आ सके । वहाँ की स्थिति देख मन मे आशंका हुई, हो ना हो कूछ तो हुवा है।
मैने तुरंत रेल्वे कंट्रोल रूम रतलाम के माध्यम से आर पी एफ थाना रतलाम और ड्यूटी स्टाफ आर पी एफ द्वारा उक्त एस- 01 कोच को अटैंड करवा कर यात्रा कर रहे यात्रियों से चेन पुलिंग किये जाने के कारणों का पता लगाने को कहाँ ।
रतलाम स्टेशन पर उक्त ट्रेन के एस-1 कोच मे चेन पुलिंग की जानकारी निकाली गई तो सिट नम्बर 23 पर समसुमा नामक व्यक्ति रंगिया से वड़ोदरा की यात्रा कर रहा था। उसने बताया .....एक यात्री दरवाजे पर खड़े हो कर बाहर देख रहा था, तभी अचानक उसका हाथ दरवाजे के हेंडल से फिसला और वह चलती ट्रेन से निचे गिर गया।
मो. रफिक अंसारी
मो. रफिक अंसारी
यात्री युवक को निचे गिरता देख समसुमा ने ट्रेन को रोकने के लिये अलार्म चेन खींच दी।
मुझें आर पी एफ स्टाफ रतलाम के द्वारा यह जानकारी दे दी गई । मेरे पास यात्रा कर रहे यात्री का मोबाईल नम्बर भी आ चुका था । यात्री के ट्रेन से गिरने की दिशा ,स्थान आदी की जानकारी मिल चूकी थी।
समसुमा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सम्भावित दिशा और स्थानों तक लाईन सर्च करवाया गया। नागदा स्टेशन तक इजिनियरिंग विभाग के लाईन मेन से सर्च कराया परंतु कोई भी घायल,जिन्दा या मृत अवस्था मे नही मिला।
ट्रेन के रतलाम स्टेशन ने निकलने के बाद भी मै एस 01 कोच मे यात्रा कर रहे यात्री से सम्पर्क मे था जिसने पुरी जानकारी आर पी एफ स्टाफ रतलाम को दी थी। चार घंटो तक खोजने के बाद भी कोई व्यक्ति नही मिला था । हम लोग वहाँ से लौट आए पर मन मे कई सवाल थे की आखिर गिरने वाला व्यक्ति कहाँ चला गया। अनहोनी तो हुई है।
अपने ऑफिस की कुर्सी पर बैठे बैठे मै सुबह होने का इंतजार कर रहा था। रात का अन्धेरा छटे और सुबह हो जाये। आँखो मे नींद का भारीपन था किन्तु मुझे सुबह होने का इंतजार था मन बैचैन हो रहा था ।
यात्री से नियमित रूप से मोबाइल पर बात कर रहा था,उसने बताया की गिरने वाले यात्री के कुछ सहयात्री भी थे जो की उसी कोच की सीट नम्बर 29,30 ओर 31 पर यात्रा कर रहे है जिससे सम्पर्क कर उन्होने गिरने वाले व्यक्ति का नाम माधव वर्मन उम्र 46 वर्ष निवासी आसाम बताया। अब इस बात से नकारा नही जा सकता था की अनहोनी घटना रात मे घटीत हुई है। मै आराम की मुद्रा मे आँखे बन्द कर घटना के बारे मे सोच ही रहा था कि ऑफिस का दरवाजा खुलने की आवाज कानो मे पड़ी.......।
मो.रफिक द्वारा चलाये गये जन अभियान
मो.रफिक द्वारा चलाये गये जन अभियान

आरक्षक गणपत राम मीणा का ऑफिस मे आना हुवा .............सर सुबह हो गई है।

जैसे गणपत ने मुझे नींद से जगाया हो। सुबह हो चूकी थी अन्धेरा छट चुका था । मैने गणपत को साथ मे लिया और पैदल ही चल दिये, रात को जहाँ ट्रेन को रोका गया था। क्यो कि अब मामला यात्री की सुरक्षा से संबंधीत था अत: मामले की गंभीरता को देखते हुवे मैने मन ही मन फैसला लिया की मै ही जाऊँगा। मै और गणपत लाईनों की दोनो ओर देखते हुवे चले जा रहे थे घटना के बारे से सोचते हुवे गिरने वाले व्यक्ति की तलाश मे लगभग सात किलोमीटर पैदल चलने के बाद रेल्वे लाईन की बाई तरफ रेल लाईन से करीब 50 मिटर की दुरी पर खेत की सीमा पर झाडियों मे एक व्यक्ति अर्ध मूर्च्छा अवस्था मे पड़ा दिखाई दिया।पास जा कर देखा तो सिर फटा हुवा था जख्मी अवस्था मे किचड़ और खुन मे सना पूरा शरीर।
पूछने पर उसने अपना नाम माधव वर्मन बताया। ट्रेन से गिरे घायल व्यक्ति की पुष्टि हो चूकी थी । घायल व्यक्ति को आरक्षक गणपत राम मीणा ने अपनी पीठ पर लाद कर बिरिया खेड़ि गावँ के सरकारी स्कूल पर ले जा कर हेंडपम्प के पानी से युवक के शरीर पर लगे कीचड़ ओर चेहरे को धोकर साफ किया। घायल युवक को स्कूल मे ही रख 108 अम्बुलेंस को बुलाया कर सिविल अस्पताल नागदा मे भर्ती कराया गया। तथा घायल युवक के पास एक हेड कॉन्स्टेबल को तैनात किया गया।
रेल्वे सुरक्षा बल नागदा के निरीक्षक प्रभारी मो.रफिक अंसारी के नेतृत्व में नागदा रेलवे स्टेशन और रेल गाड़ियों में जांच अभियान चलाए गए, जहर खुरानी जैसी वारदातों की रोकथाम के लिये अभियान चलाया, जानमाल को लेकर, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई जागरूकता अभियान यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुवे चलाये है।
कोरोड 19 के कारण लॉक डाऊन लगने पर मो. रफीक अंसारी ने मानवता को देखते हुवे हर संभव प्रयास किये हैं रेलवे ट्रैक पर पैदल चलने वालों को समझाते नजर आए। नंगे पांव जा रहे युवक की परेशानी को समझते हुवे युवक को जूते पनाना, मंदसौर जिले से पैदल जोधपुर जा रहे युवक को रोक कर भोजन करवाना, डॉक्टर द्वारा जांच करवा कर दवाईया दिलवाना,संकट में फंसे राहगीरों को मदद करते रहे हैं ट्रेनों में आने जाने वाले मुसाफिरों को पानी भोजन और अन्य सुविधाओं के लिए लगातार प्रयासरत है.
कोशिश रहती है कि हर यात्री को पानी और भोजन उपलब्ध हो सके। नागदा आरपीएफ के प्रभारी मोहम्मद रफीक अंसारी कोरोंना योद्धाओं में शुमार है जिसने मानवता की मिसाल पेश की है। रेल्वे सुरक्षा बल में होने के कारण अती व्यस्थता होने के बावजूद भी मो.रफिक अंसारी समाज से जुड़े है आवश्यकता अनुशार सामाजिक लोंगो की मदद भी करते है जिससे समाज मे प्रतिष्ठा बनी हुई है।

Wednesday, May 27, 2020

रतलाम स्टेशन पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में गुंजी किलकारी, सूरत से प्रतापगढ़ जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन मे बच्चे को दिया जन्म

रतलाम स्टेशन पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में गुंजी किलकारी, सूरत से प्रतापगढ़ जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन मे बच्चे को दिया जन्म

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रतलाम जं.। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के रतलाम जंक्शन रेलवे स्टेशन पर श्रमिक स्पेशल गाड़ी संख्या 09637 में एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा के उपरांत रेलवे डॉक्टर की टीम द्वारा कोच में ही प्रसव कराया गया।
इसकी जानकारी देते हुए मंडल रेल प्रवक्ता ने बताया कि दिनांक 27.05.2020 को एक महिला यात्री पूजा देवी उम्र 28 वर्ष पति आनंद कुमार के साथ सूरत से प्रतापगढ़ जाने वाली श्रमिक स्पेशल गाड़ी संख्या 09637 में इंजन से चौथे कोच में सपरिवार यात्रा कर रही थीं ।
यात्रा के दौरान महिला यात्री को प्रसव पीड़ा आरंभ हुआ तो एक सहयात्री द्वारा मंडल रेल प्रबंधक के ट्विटर आई डी पर इस संबंध में ट्विट किया गया कि महोदय ट्रेन संख्या 09637 में एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा हो रही है । उक्त ट्विट पर कार्यवाही करते हुए वाणिज्य कंट्रोल एवं ट्विटर सेल द्वारा इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रतलाम को दी गई एवं जिला चिकित्सालय को सूचित कर एम्बुलेंस भी मंगा लिया गया था ।
गाड़ी के रतलाम स्टेशन पर आगमन के उपरांत रेलवे चिकित्सक डॉ. अंकिता मेहता एवं उनकी टीम जो गाड़ी आने से पहले ही स्टेशन पहुंच चुकी थी , महिला की पूरी सावधानी के साथ कोच में ही प्रसव कराया । महिला यात्री ने एक स्वस्थ्य पुत्र को जन्म दिया । एहतियात के तौर पर महिला एवं बच्चे को जिला चिकित्सालय में भेज दिया गया है ।
रेलवे द्वारा किए गए इस व्यवस्था पर महिला के पति एवं सहयात्री ने काफी प्रसन्नता व्यक्त की तथा सहयोग के लिए रेलवे तथा उसकी पूरे टीम को धन्यवाद दिया । ट्विटर के माध्यम से इस प्रकार की सहायता अक्सर की जाती रही है तथा पूर्व में भी इस प्रकार के कई आवश्यक सहायता यात्रियों को प्रदान की गई है ।

Sunday, May 3, 2020

दुनिया के सबसे जहरीले साँप में से एक रसेल वाइपर साँप का रेस्क्यू, वीडियो

दुनिया के सबसे जहरीले साँप में से एक रसेल वाइपर साँप का रेस्क्यू, वीडियो

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जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़  // उत्सव वैश्य : 9827482822 
रायगढ़. रायगढ़ में किया गया दुनिया के सबसे जहरीले साँप में से एक रसेल वाइपर साँप का रेस्क्यू
आज सुबह 10 बजे छोटे अतरमुड़ा क्षेत्र में टीवी टावर के पास अफरा तफरी मच गई कुछ लोगो ने बताया कि वहाँ पर दुनिया के सबसे जहरीले सांपो में से एक रसेल वाइपर सांप दिखाई दिया। जिसकी सूचना आस पास के दुकानदारों ने रेस्क्यू ऑपरेशन टीम को दिया ।
सूचना मिलते ही सांप रेस्क्यू करने रायगढ़ की सर्पमित्र रेस्क्यू ऑपरेशन टीम के दो लोग जयनारायण खर्रा व सूरज साहू मौके पर पहुँच गए। और उन्होंने 10-- 15 मिनट में रसेल वाइपर साँप का रेस्क्यू ऑपरेशन कर के बचा लिया गया । रेस्क्यू टीम के सदस्य श्री जयनारायण खर्रा जी ने बताया कि इस साँप को किसी घनघोर जंगल मे ले जाकर छोर दिया जाएगा ।


इस साँप के अंदर हिमोटोक्सिक जहर पाया जाता है जो किसी भी इंसान और जानवरों के लिए बहुत ही खतरनाक है इससे बचने के लिए अगर तुरंत डॉक्टर से चेक अप करा लिया जाए तो जान बच सकती है अन्यथा जान बचने में बहुत मुश्किल हो सकती है ।
श्री जय नारायण खर्रा ने ANI News India को बताया कि उनकी टीम "सर्पमित्र" ने लॉकडाउन के दौरान उनकी टीम ने लगभग 250 साँपो का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया जिनमे मुख्यतः अहिराज, नाग, करैत, रसेल वाइपर , धमना , अजगर, सेंड बोआ, इत्यादि साँपो का रेस्क्यू किया गया ।

Wednesday, April 8, 2020

अनिश्चित काल के लिये नागदा में लगा कर्फ्यू सभी सीमाएं हुई सील, घर से निकलने पर लगी पाबंदी

अनिश्चित काल के लिये नागदा में लगा कर्फ्यू सभी सीमाएं हुई सील, घर से निकलने पर लगी पाबंदी

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ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567
नागदा जं.। पहला कोरोना पॉजिटिव केस मिला नागदा में लगा कर्फ्यू, सभी सीमाएं हुई सील। अनिश्चित काल के लिये लगाया कर्फ्यू । परिस्थितियो को देख कर दी जायेगी कर्फ्यू मे ढील।
औद्योगिक शहर नागदा मे कोरोना से संक्रमित व्यक्ति मिलते ही पूरे शहर मे हडकंप मच गया। युवक को 4 अप्रैल को सांस लेने में तकलीफ होने पर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था तथा 6- 7 अप्रैल की दरमियानी रात को उक्त युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिससे प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए नागदा में पुर्ण रुप से कर्फ्यू का ऐलान कर दिया.

पुलिस एव प्रशासनिक अमले ने बाजार पहुंच सभी दुकानें बंद करा दी। केवल मेडिकल की दुकाने ही खुले रहेंगे। उक्त युवक 2 अप्रैल को इंदौर के चंदन नगर से ट्रक में सवार होकर नागदा पहुंचा था,पॉजिटिव युवक के परिवार के 9 सदस्य को भी आइसोलेट किया गया है।
नागदा शहर के नई दिल्ली क्षेत्र मे कोरोना का पोजिटिव मिलने की जानकारी सामने आते ही संबंधीत क्षेत्र को चिन्हित कर सी एस पी मनोज रत्नाकर एव नागदा थाना प्रभारी श्याम चन्द्र शर्मा द्वारा सर्वे कर पूरे क्षेत्र को कंटेनमेंट ऐरिया घोषित कर दिया गया है। जो भी यहा प्रभावित इलाके है उन्हे चिन्हित किया गया है। वही इस क्षेत्र से कोई भी व्यक्ति अन्दर से बाहर या बाहर से अन्दर नही जा सकता है पुरे क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। इसी के साथ अनावश्यक किसी भी चिज की तकलिफ ना हो प्रशासन उसकी सम्पुर्ण व्यवस्था भी केरेगा।

Thursday, April 2, 2020

लो इनको मिल गया कोरोना भगाने का टोटका, घर-घर हो रहा टोना टोटका, उपाय का वीडियो वायरल

लो इनको मिल गया कोरोना भगाने का टोटका, घर-घर हो रहा टोना टोटका, उपाय का वीडियो वायरल 

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ब्यूरो चीफ मालथौन, जिला सागर
कोरोना भगाने सिल उठाने का घर घर हो रहा टोना टोटका
मालथौन - मध्य प्रदेश के सागर जिले की तहसील मालथौन मुख्यालय एवं क्षेत्र में टोना टोटको की भरमार चल रही है। बतलाया जा रहा है कि इससे कोरोना घरो मे प्रवेश नहीं कर पायेगा।
हमारे रिपोर्टर द्बारा क्षेत्र में भ्रमण के दौरान एक अनोखी जानकारी हासिल की है। घर के दरवाजे के बाहर आटा का चौक लगाकर उस पर मशाला बाँटने बाली पत्थर की सिल रखते हैं। सिल के उपर स्टील की कैन रखकर कैन के चारो ओर नीचे गाय का गोवर गीला कर लगाते हैं।

फिर कैन का हैडिल पकड़कर उठाते है। सिल कैन के साथ उपर हवा में उठ जाती है। बतलाया जा रहा है कि इससे कोरोना वायरस घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पायेगा।

Sunday, March 1, 2020

यह है दुनिया का सबसे गंदा आदमी, जो नहीं नहाया 60 सालों से

यह है दुनिया का सबसे गंदा आदमी, जो नहीं नहाया 60 सालों से

दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपनी हरकतों और करतूतों से फेमस हुए हैं। उनमें से एक इंसान ऐसा भी है जो दुनिया का सबसे गंदा माना जाता है।

इरान के रहने वाले अमु हाजी का कहना है कि वह पिछले 60 सालों से नहीं नहाया है और वह 80 साल के है। वह यह भी कहता है कि उसने 60 साल से अपने शरीर पर पानी की एक बूंद तक नहीं डाली है क्योंकि उसे पानी से डर लगता है। वह यह भी कहता है कि अगर वह नहायेगा तो बीमार पड़ जाएगा। हाजी कभी भी अपने खाने पीने की चीजों को साफ-सुथरा नहीं रखता क्योंकि उसे साफ-सुथरी चीजें पसंद नहीं है। वह पीने के लिए गंदे पानी का प्रयोग करता है और खाने के लिए भी जानवरों का सड़ा गला मांस खाता है।

 
 
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हाजी को जब आराम करने का मन होता है तब वह सिगार पीता है। जिसमें तंबाकू की जगह जानवरों का मल-मूत्र भरा हुआ होता है। हाजी को जमीन में गड्ढा खोदकर सोने में बहुत खुशी मिलती है। इसके अलावा वह ईट के बनाए हुए ढांचो में भी सोता है। उसे बाल रखने से भी परहेज है जब उसके सर के बाल बड़े हो जाते हैं तो वह इन्हें जला देता है और उसे फटे कपड़े पहनना ही पसंद हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार हाजी शुरुआत से ऐसा नहीं था लेकिन उसकी जिंदगी में कुछ ऐसे पल आए हैं जिसके बाद वह ऐसा हो गया।
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Saturday, February 22, 2020

पुरुष नसबंदी का आदेश पर गरमाई राजनीति, संचालक छवि भारद्वाज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हटाया

पुरुष नसबंदी का आदेश पर गरमाई राजनीति, संचालक छवि भारद्वाज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हटाया 

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भोपाल : पुरुष नसबंदी का टारगेट पूरा करने में सख्ती बरतने का ऑर्डर देने वाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश की संचालक आईएएस अफसर (IAS) छवि भारद्वाज पर एक्शन हो गया है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग से हटा दिया गया है।
शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार छवि भारद्वाज को अब मंत्रालय में OSD बनाया गया है। वो इससे पहले कलेक्टर जबलपुर और भोपाल में नगर निगम कमिश्नर रह चुकी हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश की संचालक आईएएस अफसर छवि भारद्वाज को स्वास्थ्य मंत्रालय से हटा दिया गया है. पुरुष नसबंदी का टार्गेट हासिल करने के लिए सख्त आदेश देने के बाद इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था और सियायत शुरू हो गयी थी।
चित्र में ये शामिल हो सकता है: पाठ
मीडिया में खबर आने पर इस पर राजनीति तेज हो गयी थी. उसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये आदेश वापस ले लिया और मिशन संचालक छवि भारद्वाज को स्वास्थ्य मंत्रालय से हटाकर मंत्रालय में OSD बना दिया गया है।
मंत्री तुलसीराम सिलावट ने दी सफाई : राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने जारी सर्कुलर पर कहा था कि किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
प्रदेश में किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं होगी। केंद्र सरकार ने सर्कुलर जारी किया है। प्रदेश सरकार पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद फैसला लेगी। पुरुष नसबंदी के आदेश को लेकर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने सफाई दी थी कि ये रूटीन आदेश है। आज देश-विदेश में सभी परिवार को लेकर सजग हैं। सभी जानते हैं कि छोटा परिवार, सुखी परिवार।
अपनी संतान की परवरिश ठीक से कर सकें. कम बच्चे होने पर परिवार उन्हें ज्यादा अच्छी परवरिश दे सकता है। अनिवार्य सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) पर कर्मचारियों के डर पर मंत्री ने कहा था कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। वो अपना काम ईमानदारी से करें।
मध्यप्रदेश में पुरुषों की होगी नसबंदी, कमलनाथ ने हेल्थ वर्कर्स को सौंपी जिम्मेदारी, नसबंदी नही की तो जाएगी नौकरी
सरकार ने किया रोल बैक, आदेश वापस लिया :
परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के आदेश पर हाय-तौबा मचने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने इसे वापस ले लिया है। अब टार्गेट पूरा ना करने पर ना तो किसी की नौकरी जाएगी और न ही सैलरी वापस ली जाएगी।
इससे पहले सरकार ने पुरुष बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (MPHWs) की सूची तैयार करने का आदेश दिया था, जो साल 2019-20 में एक भी पुरुष की नसबंदी नहीं करा पाए। सरकार ने ऐसे कार्यकर्ताओं का वेतन रोकने और उन्हें जबरन रिटायरमेंट देने की चेतावनी दी थी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक छवि भारद्वाज को हटाया
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वीआरएस देने की चेतावनी
ये आदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने राज्य के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि जो नसबंदी का टारगेट पूरा न करने पर हैल्थ वर्कर्स को वीआरएस यानी सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा.
से 10 पुरूषों की नसबंदी कराना जरुरी
मध्यप्रदेश में परिवार नियोजन कार्यक्रम में कर्मचारियों के लिए 5 से 10 पुरूषों की नसबंदी कराना अनिवार्य किया गया है. मध्य प्रदेश हैल्थ मिशन की वेबसाईट पर बताया गया है कि जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के उद्देश्य से भारत वह पहला देश था, जिसनें इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में साल 1952 में ही अपना लिया था. इसमें लिखा है कि इस कार्यक्रम में पुरुषों की सहभागिता बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती है.

Friday, January 24, 2020

यहां कम उम्र की लड़कियों को जबरन बनाया जाता है मां

यहां कम उम्र की लड़कियों को जबरन बनाया जाता है मां

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अफ्रीकी देश नाइजीरिया में बच्चा पैदा करने वाली फैक्ट्रियां चल रही हैं। ‘बेबी फार्मिंग’ नाम का गोरख धंधा यहां जोरों पर है। यहां किसी और की खुशी के नाम पर हो रहे इस धंधे ने भयानक रूप ले लिया है।
कम उम्र की अफ्रीकी और विदेशी लड़कियों को यहां जबरन प्रेग्नेंट कर बच्चे पैदा किए जाते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं यहां की दर्दनाक कहानी। दरअसल, बेऔलाद कपल्स को बच्चा बेचने के लिए शुरु किया गया ये धंधा तेजी से पनप रहा है। इसके लिए बेऔलाद कपल्स मोटी रकम चुकाने तैयार होते हैं।
ऐसे में कुछ महिलाएं और लड़कियां यहां पैसे के लालच में मर्जी से आती हैं, तो वहीं इसी की आड़ में कई लड़कियों को खरीद कर यहां लाया जाता है और फिर उन्हें जबरन मां बनने पर मजबूर किया जाता है। सिर्फ नाइजीरिया ही नहीं इंडोनेशिया समेत कई और देशों में भी बेबी फार्मिंग अस्पतालों और अनाथालायों जैसी जगहों में चोरी-छिपे की जाती है।

यहां कम उम्र की लड़कियों को मां बनने के लिए मजबूर किया जाता है। इनमें से ज्यादातर अनाथ या गरीब होती हैं, इसलिए वो मजबूरी में इसके लिए राजी हो जाती हैं।
नाइजीरिया में चोरी छिपे चल रहा बच्चा पैदा करने का व्यापार बेहद खतरनाक हो चुका है। यहां जन्म देने वाली लड़कियों की उम्र 14 से 17 साल होती है और वो चाहकर भी अबॉर्शन नहीं करा सकती, क्योंकि नाइजीरिया के कानून में इसकी इजाजत नहीं है।
इसी बात का फायदा माफिया यानी ‘बेबी फार्मर्स’ उठाते हैं और बच्चों को तीन से चार लाख रुपए में बेचते हैं। वहीं, बच्चे की ख्वाहिश रखने वाले लोग इसका विरोध नहीं करते, क्योंकि मेडिकल ट्रीटमेंट के बजाय ये तरीका ज्यादा सस्ता होता है।

Friday, November 1, 2019

ऐसे जल्लादों को क्या सज़ा दी जाये : इस खूबसूरत मासूम नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में खेत में फेंका

ऐसे जल्लादों को क्या सज़ा दी जाये : इस खूबसूरत मासूम नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में खेत में फेंका

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राजगढ़ में सड़क किनारे परित्यक्त अवस्था में मिली नवजात बच्ची को डायल-100 ने अस्पताल में कराया भर्ती
राजगढ़. दिनांक 01 नवम्बर 2019 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-100 भोपाल में सूचना प्राप्त हुई कि जिला राजगढ़, थाना तलेन के अंतर्गत पीपल्या गाँव के पास मेन रोड़ पर सड़क किनारे एक नवजात बच्ची मिली है, जो अभी जीवित है ।
राज्य स्तरीय पुलिस कन्ट्रोल रूम ने सूचना मिलते ही जिले की डायल-100 एफ़आरवी क्र. 10 को घटना का विवरण देकर रवाना किया गया । पुलिस स्टाफ नें मौके पर पहुँचकर बच्ची को अपने संरक्षण मे लिया व बच्ची को तत्काल डायल-100 वाहन से शासकीय अस्पताल शुजालपुर मे भर्ती कराया ।
प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम पीपल्या थाना तलेन के अन्तर्गत तलेन – इकलेरा रोड़ पर एक नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में एक बच्ची सड़क किनारे खेत में मिली थी । जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा डायल-100 को दी गई मौके पर पहुँचकर डायल-100 सेवा में तैनात प्रधान आरक्षक बापूलाल एवं पायलेट सत्यनारायण यादव द्वारा बच्ची को उपचार हेतु तत्काल डायल-100 वाहन से ले जाकर शासकीय चिकित्सालय शुजालपुर में भर्ती कराया गया । 
डायल-100 सेवा द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही से एक नवजात बच्ची का जीवन बचाया जा सका.

Saturday, August 17, 2019

दुनिया का सबसे अमीर शख्स ये था, अंबानी की दौलत से ज्यादा सोना एक दिन में करता था दान !


ये था दुनिया का सबसे अमीर शख्स, अंबानी की दौलत से ज्यादा सोना एक दिन में करता था दान !
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दुनिया के सबसे अमीर राजा के बारे में आज हम आपको अवगत करवाएंगे, जिसके उपहारों ने एक देश की अर्थव्यवस्था नष्ट कर दी थी। लेकिन उस शासक का खुद का देश अब आर्थिक संकट से लड़ रहा है। वर्तमान में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस की संपत्ति 9028 अरब रुपये से भी ज्यादा है, लेकिन वह इस राजा के आसपास भी नहीं है। हम बात आकर रहे है 14वीं सदी में माली देश के राजा रहे मनसा मूसा की। मनसा मूसा इतिहास के सबसे दानी शासकोंमें से एक थे। वह जहां जाते, वहां आम लोगों को इतना दान करते थे कि उस देश की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगती थी।

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मनसा मूसा के राज्य में सोने और अन्य सामानों का आयात निर्यात करने वाले मुख्य व्यापारिक केंद्र थे, इस व्यापार से उन्हें काफी लाभ होता था , उस वक्त में इस राजा के पास पूरी दुनिया के सोने का लगभग आधा हिस्सा था। एक बार मूसा ने सहारा रेगिस्तान और मिस्र से होते हुए मक्का में हज यात्रा पर जाने का निर्णय लिया। माली से हज के लिए निकलते समय उनके कारवां में 60,000 से अधिक लोग, हाथी, घोड़े, ऊंट व अन्य कई प्रकार के जानवर और भारी मात्रा में साजो-सामान समलित था। यात्रा के समय उन्होंने काहिरा में अपने लाव-लश्कर के साथ तीन माह का प्रवास किया था।

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इस बीच उन्होंने वहां के लोगों को उपहार में इतना सोना दे दिया कि मिस्र की अर्थव्यवस्था ही ख़त्म हो गई थी। मूसा के सोने के उपहारों के कारण पूरे 10 वर्ष तक मिस्र में सोने की कीमतें गिरी रही। तीर्थ यात्रा के चलते मूसा ने इतने स्वर्ण उपहार बांटे कि पूरे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) क्षेत्र को लगभग 100 अरब रुपये से ज्यादा का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था। जब वह हज यात्रा से वापसी कर रहे थे तो मिस्र से होकर गुजरे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्होंने सोने को प्रचलन से बाहर करने का यत्न किया। इसके लिए उन्होंने सोने को ब्याज पर वापस लेना शुरू कर दिया था।TOC NEWS @ www.tocnews.org
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दुनिया के सबसे अमीर राजा के बारे में आज हम आपको अवगत करवाएंगे, जिसके उपहारों ने एक देश की अर्थव्यवस्था नष्ट कर दी थी। लेकिन उस शासक का खुद का देश अब आर्थिक संकट से लड़ रहा है। वर्तमान में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस की संपत्ति 9028 अरब रुपये से भी ज्यादा है, लेकिन वह इस राजा के आसपास भी नहीं है।
हम बात आकर रहे है 14वीं सदी में माली देश के राजा रहे मनसा मूसा की। मनसा मूसा इतिहास के सबसे दानी शासकोंमें से एक थे। वह जहां जाते, वहां आम लोगों को इतना दान करते थे कि उस देश की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगती थी।
 
 
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मनसा मूसा के राज्य में सोने और अन्य सामानों का आयात निर्यात करने वाले मुख्य व्यापारिक केंद्र थे, इस व्यापार से उन्हें काफी लाभ होता था , उस वक्त में इस राजा के पास पूरी दुनिया के सोने का लगभग आधा हिस्सा था। एक बार मूसा ने सहारा रेगिस्तान और मिस्र से होते हुए मक्का में हज यात्रा पर जाने का निर्णय लिया।
माली से हज के लिए निकलते समय उनके कारवां में 60,000 से अधिक लोग, हाथी, घोड़े, ऊंट व अन्य कई प्रकार के जानवर और भारी मात्रा में साजो-सामान समलित था। यात्रा के समय उन्होंने काहिरा में अपने लाव-लश्कर के साथ तीन माह का प्रवास किया था।
 
 
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इस बीच उन्होंने वहां के लोगों को उपहार में इतना सोना दे दिया कि मिस्र की अर्थव्यवस्था ही ख़त्म हो गई थी। मूसा के सोने के उपहारों के कारण पूरे 10 वर्ष तक मिस्र में सोने की कीमतें गिरी रही। तीर्थ यात्रा के चलते मूसा ने इतने स्वर्ण उपहार बांटे कि पूरे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) क्षेत्र को लगभग 100 अरब रुपये से ज्यादा का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था।
जब वह हज यात्रा से वापसी कर रहे थे तो मिस्र से होकर गुजरे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्होंने सोने को प्रचलन से बाहर करने का यत्न किया। इसके लिए उन्होंने सोने को ब्याज पर वापस लेना शुरू कर दिया था।

Monday, July 29, 2019

पुरुषों से थक चुकी मॉडल एलिजाबेथ अब करेगी इस कुत्ते से शादी, 220 लोगों को कर चुकीं डेट

पुरुषों से थक चुकी मॉडल एलिजाबेथ अब करेगी इस कुत्ते से शादी, 220 लोगों को कर चुकीं डेट

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ब्रिटेन की एक मॉडल कुत्ते के साथ शादी रचाने जा रही हैं। इस अजब- गजब शादी के लिए चर्च के पादरी को मनाने की बात की जा रही हैं। ब्रिटेन के बर्क्स की निवासी एलिजाबेथ होड एक मॉडल रह चुकी हैं। उन्होंने ही अपने 6 साल के गोल्डेन रिट्रीवर कुत्ते लोगन से शादी करने का फैसला किया है। उन्हें उम्मीद है इस शादी के लिए वह चर्च के फादर को जरूर मना लेंगी। लेकिन सवाल यह है कि एलिजाबेथ ने एक कुत्ते के संग शादी रचाने का फैसला क्यों किया है।
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सुनने में अजीब जरूर लग रहा है लेकिन हाल ही में ये बात सामने आई है कि मॉडल रह चुकी एक महिला ने अपने कुत्ते से 'शादी' करने का फैसला किया है. इस बारे में मॉडल का कहना है कि पुरुषों के साथ डेट करने का अनुभव अच्छा नहीं था और इसी के बाद उन्होंने कुत्ते से शादी करने की ठानी है.
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जानकर हैरानी होगी कि मॉडल ने यह फैसला 220 पुरुषों के साथ डेट करने के बाद लिया है. अपनी लाइफ में ये पूरे 220 पुरुषों को डेट कर चुकी है और इसका अनुभव भी काफी खराब रहा जिसके कारण उन्होंने कुत्ते से शादी का फैसला किया.
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वहीं एलिजाबेथ होड को उम्मीद है कि वह एक चर्च के पादरी को अपने 6 साल के गोल्डेन रिट्रीवर कुत्ते लोगन से शादी कराने के लिए मना लेगी. जानकारी के अनुसार ब्रिटेन के बर्क्स की रहने वाली एलिजाबेथ की इससे पहले दो बार एन्गेजमेंट हो चुकी है. लेकिन शादी नहीं हुई. इस बारे में उनका कहना है कि वो पुरुषों से थक चुकी हैं. उन्होंने कहा- मैं बीते 8 सालों में 6 डेटिंग साइट के जरिए 220 पुरुषों के साथ डेट पर गई. लेकिन ये अच्छा नहीं रहा.' बता दें कि, ब्रिटेन के बर्क्स में जीवन बिताने वाली एलिजाबेथ की इससे पहले दो बार सगाई हो चुकी है। किन्तु विवाह नहीं हो पाया। इसके सम्बन्ध में उनका कहना है कि वो पुरुषों से थक चुकी हैं।.
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इसके अलावा अजीब बात ये है एलिजाबेथ ने कुत्ते से शादी के लिए प्लानिंग भी कर ली है. एक रिपोर्ट के अनुसार, शादी के दौरान महिला वेडिंग रिंग पहनेगी, जबकि लोगन रिस्टबैंड पहनेगा. शादी के दौरान सिर्फ 20 लोगों को बुलाया जाएगा. इसके बाद एलिजाबेथ डॉग फ्रेंडली होटल में हनीमून के लिए जाएगी. इस बट से एलिज़ाबेथ काफी खुश भी है.

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