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भोपाल। सीहोर जिले की उस बुदनी तहसील में जो कि मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का स्वयं का विधानसभा क्षेत्र है उस क्षेत्र में वर्षों से रेत के अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है यही नहीं इस तरह के कारोबार में उनके परिजनों के शामिल होने की खबरें भी सुर्खियों में बनी रहती हैं और इसके प्रमाण भी पिछले दिनों एक खनिज महिला अधिकरी रश्मि पाण्डे द्वारा मुख्यमंत्री के भतीजे प्रद्युमन सिंह चौहान के चार डम्पर पकड़े जाने के बाद खुलासा भी हो गया और इसके बाद मुख्यमंत्री ने राज्य में खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये और जब मुख्यमंत्री के इस आदेश के पालन के लिये प्रदेशभर में बैठे प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यवाही शुरू की तो मध्यप्रदेश में व्याप्त माफियाओं की दबंगाई के आगे अधिकारी कुछ कार्यवाही करने से हिचकते नजर आए क्योंकि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद भी मध्यप्रदेश में खनन माफियाओं का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है जिसका जीता जागता उदाहरण है छतरपुर में युवा आईएएस सोनिया मीणा (एसडीएम राजनगर) के द्वारा ट्रैक्टर रोकने की कोशिश की तो ट्रैक्टर चालक ने उनपर बंदूक तान दी।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम खदानों की चेकिंग के बाद वापस लौट रही थीं तो शाम चार बजे जिले के बमीठा थाने से कुछ दूरी पर उन्हें अवैध रेत से भरा एक ट्रैक्टर जाते दिखा एसडीएम ने ट्रैक्टर रुकवाकर पूछताछ के बाद उसे थाने ले जाने के लिये एक नगर सेवक भगवंत सिंह को उस पर बैठा दिया तभी ट्रेक्टर चालक अर्जुनसिंह बुंदेला (दोराया) ने एसडीएम पर बंदूक तान दी, यही नहीें महिला आईएएस को गाली देते हुए नगर सेवक को ट्रेक्टर से उतार दिया और ट्रैक्टर लेकर चलता बना इसके बाद एसडीएम सीधी बमीठा थाने पहुंचें जानकारी मिलते ही टीआई एसपी सिंह सिसौदिया, एसडीओपी इसरार अंसारी थाने पहुंचे और इस मामले के बाद एसडीएम मीडिया से बचतीं रहीं हालाकि सिपाही नरेश चौहान ने माना कि वह ट्रैक्टर चालक से भिड़ गया था लेकिन उसने बंदूक तानी तो वह कुछ नहीं कर सका अधिकारियों ने मामला दर्ज करने के निर्देश दिये हैं, गौरतलब है कि चंदला विधायक आरडी प्रजापति एक लंबे समय से छतरपुर जिले में अवैध उत्खनन को लेकर कई बार विधानसभा में मामले उठा चुके हैं तो वहीं धरना-प्रदर्शन का भी आयोजन कर चुके हैं लेकिन इसके बाद भी जिले में अवैध उत्खनन पर रोक न लगना और माफिया द्वारा महिला आईएएस पर बंदूक तानने जैसे घटना कई सवाल खड़े करती है,
हालांकि प्रदेश में अवैध खनन को लेकर इस तरह की अधिकारियों के साथ घटित घटनाओं का भाजपा के शासनकाल में एक अलग इतिहास है और इस इतिहास में यदि नजर डालें तो मुरैना में अवैध उत्खनन रोकने की कोशिश में आईपीएस अफसर नरेन्द्र कुमार की हत्या भी हुई थी। हाल ही घटी इस घटना के दो दिन पहले ही पन्ना जिले के अजयगढ़ के एसडीएम नाथूराम गौड़ और एसडीओपी जगन्नाथ सिंह पर माफियाओं द्वारा हमला किये जाने की घटना को भी अंजाम दिया गया था तो वहीं शाजापुर के शुजालपुर में माइनिंग इंस्पेक्टर रीना पाठक पर हमला किया गया था।
बालाघाट में खनन से जुड़े लोगों ने पत्रकार संदीप कोठारी का अपहरण कर उन्हें जिंदा जला दिया गया था। कुल मिलाकर राज्य में जिस तरह से खनिज माफियाओं का दबदबा है और उसके चलते राज्य में खनिज माफियाओं पर कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
