Sunday, September 20, 2026

"ब्रह्माकुमारीज की वरिष्ठ राजयोगिनी अवधेश दीदी की प्रथम पुण्य तिथि पर मनाया वरदानी दिवस, सेवाओं और प्रेरणादायी जीवन को किया नमन"

 


*"ब्रह्माकुमारीज की वरिष्ठ राजयोगिनी अवधेश दीदी की प्रथम पुण्य तिथि पर मनाया वरदानी दिवस, सेवाओं और प्रेरणादायी जीवन को किया नमन"*

*"त्याग, तपस्या और ईश्वरीय सेवा की मिसाल थीं अवधेश दीदी, प्रथम पुण्य तिथि पर वरदानी दिवस में किया स्मरण"*

*"अवधेश दीदी के स्नेह, संस्कार और सेवाओं को किया याद, प्रथम पुण्य तिथि पर मनाया वरदानी दिवस"*

*"ब्रह्माकुमारीज भोपाल जोन की पूर्व अध्यक्षा अवधेश दीदी की प्रथम पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि, जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान"*

*"अवधेश दीदी ने अपने जीवन से सिखाया सेवा और समर्पण का मार्ग, प्रथम पुण्य तिथि पर मनाया वरदानी दिवस"*



भोपाल। सुख-शांति भवन, नीलबड़ में *ब्रह्माकुमारीज भोपाल जोन की पूर्व अध्यक्षा एवं वरिष्ठ राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अवधेश दीदी जी की प्रथम पुण्य तिथि* श्रद्धा, स्नेह एवं आध्यात्मिक भाव के साथ *‘वरदानी दिवस’* के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर *मध्यप्रदेश के विभिन्न सेवाकेंद्रों से वरिष्ठ राजयोगिनी बहनें विशेष रूप से पधारीं* । शहर के *गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, उद्योगपतियों एवं पत्रकार बंधुओं ने भी उपस्थित* होकर अवधेश दीदी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

अवधेश दीदी जी का जीवन केवल एक सेवाधारी के रूप में नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, मातृवत स्नेह, आध्यात्मिक नेतृत्व और निरंतर ईश्वरीय सेवा की प्रेरणा के रूप में स्मरण किया गया। ब्रह्माकुमारीज के प्रकाशित विवरण के अनुसार, उन्होंने मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश में आध्यात्मिक सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा उनके मार्गदर्शन से अनेक सेवाकेंद्रों और समर्पित सेवाधारियों को दिशा मिली। वे भोपाल जोन की निदेशिका के साथ-साथ प्रशासक सेवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका के रूप में भी सेवाएं देती रहीं।

कार्यक्रम में *माउंट आबू से विशेष रूप से पधारीं वरिष्ठ राजयोगिनी बीके शारदा दीदी जी, राष्ट्रीय संयोजिका, महिला प्रभाग (RERF),* ब्रह्माकुमारीज, ने अवधेश दीदी जी के जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग, तपस्या, स्नेह और ईश्वरीय सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण था। उन्होंने कहा कि अवधेश दीदी जी ने अपना जीवन परमात्म सेवा और मानव कल्याण के लिए समर्पित किया। वे स्वयं श्रेष्ठ संस्कारों को धारण करती थीं और अपने संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भी श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देती थीं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि ईश्वरीय ज्ञान को केवल सुनना नहीं, बल्कि उसे जीवन में धारण कर अपने संपर्क में आने वाले लोगों के जीवन में भी प्रकाश फैलाना ही सच्ची सफलता है। उन्होंने कहा कि अवधेश दीदी जी जैसे तपस्वी जीवन से प्रेरणा लेकर हम भी अपने समय, संकल्प और शक्तियों को विश्व कल्याण की सेवा में लगा सकते हैं।

 *सीहोर से पधारीं वरिष्ठ राजयोगिनी बीके पंचशीला दीदी जी* ने अवधेश दीदी जी के प्रति अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि अपने जीवन को ईश्वरीय सेवा में समर्पित करने के संकल्प को दृढ़ बनाने में अवधेश दीदी जी की बहुत बड़ी भूमिका रही। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और सेवा के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणा देता रहा। उन्होंने कहा कि अवधेश दीदी जी स्वयं एक समर्पित जीवन का उदाहरण थीं और उन्होंने अनेक बहनों को भी ईश्वरीय सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि जब जीवन परमात्मा के प्रति समर्पित हो जाता है, तो प्रत्येक परिस्थिति सेवा और परिवर्तन का माध्यम बन जाती है।

 *मुरैना से पधारीं वरिष्ठ राजयोगिनी बीके रेखा दीदी जी* ने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि उन्हें बचपन से ही अवधेश दीदी जी की पालना और स्नेह प्राप्त हुआ। उनके मार्गदर्शन ने जीवन को सही दिशा देने और श्रेष्ठ संस्कारों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अवधेश दीदी जी का मातृवत स्नेह, आत्मिक दृष्टि और संस्कारों की पालना आज भी जीवन में प्रेरणा देती है। उनके साथ बिताए बचपन के अनुभवों ने जीवन को संवारने और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने में विशेष सहयोग दिया।


 *राजयोग भवन भोपाल की प्रभारी एवं सुख-शांति भवन की निदेशिका, वरिष्ठ राजयोगिनी आदरणीय नीता दीदी जी* ने अवधेश दीदी जी के साथ अपने आत्मीय संबंधों को भावपूर्ण ढंग से स्मरण करते हुए कहा कि वे और अवधेश दीदी जी बचपन से ही एक-दूसरे के संपर्क में थीं। सिंगरौली से शुरू हुआ उनका यह संबंध समय के साथ जीवनभर के आध्यात्मिक स्नेह, प्रेरणा और सहयोग में बदल गया। उन्होंने बताया कि उस समय पत्र-व्यवहार के माध्यम से भी अवधेश दीदी जी उन्हें लगातार प्रेरणा देतीं, प्रोत्साहित करतीं और जीवन में आगे बढ़ने के लिए हिम्मत देती थीं।

 नीता दीदी जी ने कहा कि अवधेश दीदी जी की विशेषता थी कि वे सामने वाले की विशेषताओं को पहचानती थीं और उसे आगे बढ़ने का अवसर देती थीं। उनका व्यक्तित्व ऐसा था कि उनके संपर्क में आने वाले अनेक लोगों को सेवा, समर्पण और आत्मिक उन्नति की नई दिशा मिली। उन्होंने कहा कि अवधेश दीदी जी का स्नेह केवल शब्दों तक सीमित नहीं था, बल्कि आवश्यकता के समय उनका विश्वास और प्रोत्साहन सामने वाले को भीतर से शक्ति देता था।

उन्होंने कहा कि अवधेश दीदी जी ने स्वयं अपना जीवन ईश्वरीय सेवा में लगाकर अनेक स्थानों पर आध्यात्मिक सेवाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके स्नेह, विश्वास और प्रोत्साहन ने अनेक सेवाधारियों को जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति दी। उन्होंने कहा कि अवधेश दीदी जी का जीवन आज भी यही प्रेरणा देता है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, परमात्मा की सेवा और मानव कल्याण के कार्य में सदैव उमंग-उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए। उनकी स्मृति को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके द्वारा दिए गए संस्कारों और सेवा की प्रेरणा को अपने जीवन में धारण कर आगे बढ़ाया जाए।


कार्यक्रम में *सतना से वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मीना दीदी जी* , *उमरिया से बीके निशा दीदी जी* , *कटनी से बीके भगवती दीदी जी* सहित विभिन्न सेवाकेंद्रों से पधारीं वरिष्ठ राजयोगिनी बहनों ने भी अवधेश दीदी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सेवामयी जीवन को स्मरण किया।


इस अवसर पर शहर के गणमान्य अतिथियों में *ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के अध्यक्ष विनोद गौतम, हर्ष एक्सप्रेस भोपाल के एमडी कमल पंजवानी, सेंट्रल बैंक ऑफिसर्स ट्रेनिंग सेंटर के प्रिंसिपल राजेश गौरा सहित शहर के जाने-माने उद्योगपति, समाजसेवी, पत्रकार एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक उपस्थित* रहे। सभी ने अवधेश दीदी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके प्रेरणादायी जीवन को नमन किया।

कार्यक्रम का *कुशल मंच संचालन वरिष्ठ राजयोगी बीके रामकुमार भाई* जी ने किया। 

कार्यक्रम के पश्चात सभी ने *ब्रह्मा भोजन* ग्रहण किया।

अवधेश दीदी जी की प्रथम पुण्य तिथि पर आयोजित वरदानी दिवस उनके स्नेह, श्रेष्ठ संस्कारों, त्याग, तपस्या और ईश्वरीय सेवाओं को स्मरण करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा के साथ संपन्न हुआ। उपस्थित जनों ने उनके जीवन से प्राप्त आध्यात्मिक प्रेरणाओं को आगे बढ़ाने तथा मानव कल्याण और विश्व सेवा के कार्यों में अपना योगदान देने का भाव रखा।

Thursday, August 20, 2026

कथित फर्जी पत्रकार अवधेश भार्गव और वकील यावर खान पर साजिश का आरोप: दबाव देकर पत्रकार अनूप सक्सेना पर दर्ज कराया 354 का झूठा केस


कथित फर्जी पत्रकार नटवरलाल अवधेश भार्गव

अधिक जानकारी के लिए संपर्क : 9893221036

*"कथित फर्जी पत्रकार अवधेश भार्गव और वकील यावर खान पर साजिश का आरोप: दबाव देकर पत्रकार अनूप सक्सेना पर दर्ज कराया 354 का झूठा केस"* 

*मानव तस्करी में वकील यावर खान भोपाल जेल में अवधेश भार्गव अभिमन्यु तस्करी के कांड में सम्मिलित है परंतु पुलिस की निगाहों से बचा हुआ है*


*भोपाल।* राजगढ़ के पत्रकार अनूप सक्सेना को बदनाम करने के लिए रची गई साजिश में अब भोपाल के चर्चित वकील *यावर खान* का नाम भी सामने आया है। नगर पुलिस अधीक्षक गोविंदपुरा की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कथित फर्जी पत्रकार *अवधेश भार्गव* और वकील *यावर खान* ने मिलकर दबाव और लालच देकर अनूप सक्सेना के खिलाफ धारा 354 का झूठा प्रकरण दर्ज कराया था।


*जांच रिपोर्ट में क्या है?*


नगर पुलिस अधीक्षक की 27 फरवरी 2014 की रिपोर्ट के अनुसार:

1. *साजिश के सूत्रधार*: फरियादिया कशिश नवलानी ने माना कि उसने *वकील यावर खान और अवधेश भार्गव* के कहने पर अनूप सक्सेना के खिलाफ झूठी शिकायत दी थी। उसे अनूप को जानती तक नहीं थी।

2. *गवाहों को लालच*: गवाह गौरव और बलराम ने बताया कि *यावर खान और अवधेश भार्गव* ने नौकरी और पैसे का लालच देकर उनसे झूठी गवाही दिलवाई।

3. *मोबाइल से साबित साजिश*: कशिश, अवधेश भार्गव और यावर खान के बीच घटना के आसपास लगातार कॉल डिटेल मिली है।

*वकील यावर खान कौन हैं?*

भोपाल में *Yawar Khan Law Associates, 19 करबला रोड* के नाम से 27 साल से प्रैक्टिस कर रहे वकील यावर खान कई गंभीर मामलों में भी चर्चा में रहे हैं: 

1. *POCSO और मानव तस्करी का मामला*: जबलपुर हाईकोर्ट ने हाल ही में वकील यावर खान की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि वो "आदतन अपराधी" हैं और वकालत के पेशे में रहते हुए बार-बार आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं।

    आरोप था कि उन्होंने और अन्य आरोपियों ने पीड़िता को मानव तस्करी के रैकेट में काम करने के लिए मजबूर किया और पहचान उजागर करने की धमकी दी।

2. *नाबालिग से रेप का मामला*: भोपाल जिला कोर्ट में यावर खान की जमानत सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में हंगामा हुआ था। 100 से ज्यादा वकील और समर्थक जुटे थे और 2 पत्रकारों पर हमला भी हुआ था। उन पर नाबालिग का अपहरण, रेप, वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी के गंभीर आरोप हैं।

3. *अवधेश भार्गव नमक कथित फर्जी पत्रकार 40 साल से भोपाल में पत्रकारिता की आड़ लेकर काले कारनामों को अंजाम दे रहा है। कई लड़कियों को बर्बाद कर चुका हैं।*

4. भोपाल के वकील यावर खान... जिन पर POCSO और मानव तस्करी के आरोप हैं... उन्हीं पर लगा आरोप कि उन्होंने पत्रकार को फंसाने के लिए 354 का झूठा केस कराया!" अय्याश अवधेश भार्गव की काली करतूते किसी से छुपी नहीं है। यह लंगड़ा  पत्रकारिता की आड़ लेकर बचता रहा।*

*पुलिस की सिफारिश*

जांच में पाया गया कि अनूप सक्सेना के खिलाफ केस पूरी तरह झूठा था और *सीएसपी के दबाव* में दर्ज हुआ था।


रिपोर्ट में सिफारिश है कि:

1. अपराध क्रमांक 33/14 को खारिज किया जाए

2. *अवधेश भार्गव, यावर खान, कशिश नवलानी* और झूठे गवाहों पर वैधानिक कार्रवाई हो


*पीड़ित पक्ष*

संगीता सक्सेना ने कहा "मेरे पति सच्चे पत्रकार हैं। *अवधेश भार्गव और यावर खान* जैसे लोग मिलकर उन्हें फंसाना चाहते थे। अब सच सामने है।"


*अगली स्टोरी* : 

*1. अय्याशी करने गया था बीमा एजेंट बनकर, बांधकर कूटा, मूत पिलाया, हाथ पैर तोड़ लंगड़ा बना कर साकेत नगर नाले में फेंका, बाग सेवनिया थाने में हुआ था मुकदमा दर्ज*


*2. कौन है वह भतीजी भारती जो वल्लभ भवन में फर्जी मार्कशीट दस्तावेजों में कर रही है नौकरी, जिससे रेप करने की साजिश के मुकदमे चले, 3 साल की सजा पड़ी न्यायालय से।* 


*3. जनसंपर्क विभाग में फर्जी वेबसाइट एनालिसिस रिपोर्ट बनवाकर, अधिकारियों को ब्लैकमेल कर, फर्जी वेबसाइट दिखा कर लाखों रुपए के विज्ञापन लिए, मामला आर्थिक अपराध की जांच में।*


*5. कोहेफिजा के एक मकान को कैसे अपना बनाया फर्जी पत्रकार अवधेश भार्गव ने भोपाल न्यायालय में फर्जी दस्तावेज बनाकर पेश करके डिग्री करवाई, मामला कोहेफिजा थाने में पेंडिंग, खुलासा होते ही मकान छोड़कर भागा।*

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*#भोपाल #अवधेशभार्गव #फर्ज़ीपत्रकार #झूठाकेस*


Sunday, June 14, 2026

मध्य प्रदेश में RTI आवेदन सफल बनाने के लिए क्या करें और क्या न करें

 

✅ क्या करें - Do's

1. आवेदन तैयार करना

  • आवेदन निर्धारित फॉर्म में दें या सादे कागज पर स्पष्ट लिखें
  • जानकारी का विवरण साफ-साफ लिखें - कौन सा दस्तावेज, किस अवधि का, किस विषय से संबंधित है
  • अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जरूर लिखें ताकि जवाब मिल सके
  • आवेदन के साथ ID Proof लगाएं 

2. शुल्क का भुगतान

  • आवेदन के साथ ₹10/- शुल्क देना अनिवार्य है
  • नकद/डिमांड ड्राफ्ट/बैंकर्स चेक से भुगतान करें
  • BPL कार्ड धारकों को कोई शुल्क नहीं देना
  • अतिरिक्त जानकारी के लिए: A4/A5 पेज ₹2/- प्रति पेज, CD के लिए ₹50/-
  • फीस की रसीद आवेदन के साथ लगाएं 

3. सही जगह आवेदन भेजें

  • संबंधित विभाग के लोक सूचना अधिकारी PIO को भेजें
  • ऑनलाइन आवेदन के लिए: https://rtionline.gov.in/ या https://rti.mp.gov.in/
  • ईमेल से भेज रहे हैं तो 7 दिन के अंदर फीस जमा कर PIO को सूचित करें 

4. समय सीमा का ध्यान रखें

  • PIO को 30 दिन में जवाब देना होता है
  • अतिरिक्त शुल्क मांगा जाए तो वह अवधि 30 दिन में नहीं गिनी जाती
  • 30 दिन में जवाब न मिले तो कोई शुल्क नहीं लगेगा 

5. रिकॉर्ड रखें

  • आवेदन की कॉपी, फीस रसीद, स्पीड पोस्ट रसीद संभालकर रखें
  • 30 दिन में जवाब न आए या गलत जवाब आए तो प्रथम अपील करें 

❌ क्या न करें - Don'ts

1. आवेदन में ये गलतियां न करें

  • अस्पष्ट या बहुत व्यापक सवाल न पूछें - "सभी जानकारी दें" जैसा न लिखें
  • तीसरे पक्ष की निजी जानकारी, गोपनीयता से जुड़े सवाल न पूछें
  • काल्पनिक, अनुमान वाले सवाल न पूछें। RTI सिर्फ रिकॉर्ड में मौजूद जानकारी के लिए है
  • एक आवेदन में 15-20 अलग-अलग विषय न मिलाएं

2. प्रक्रिया संबंधी गलतियां

  • बिना शुल्क के आवेदन न भेजें - 7 दिन में फीस न पहुंची तो आवेदन वापस माना जाएगा
  • गलत विभाग को आवेदन न भेजें। पहले पता करें जानकारी किस विभाग के पास है
  • केंद्र सरकार के विभाग के लिए राज्य पोर्टल पर आवेदन न करें 

3. अपील में देरी न करें

  • प्रथम अपील 30 दिन के अंदर करें
  • अपील में नए सवाल न जोड़ें - सिर्फ मूल आवेदन से जुड़े बिंदु रखें

मप्र में RTI के लिए मुख्य संपर्क

  • हर विभाग में PIO, सहायक PIO और प्रथम अपीलीय अधिकारी नियुक्त हैं
  • उदाहरण: MPPCB, IIM Indore, MP Bhawan, CM Helpline सभी के पास अलग PIO हैं 

बोनस टिप: MP का ऑनलाइन पोर्टल rti.mp.gov.in पर आप आवेदन, भुगतान और स्टेटस ट्रैक तीनों कर सकते हैं। इससे आवेदन गुम होने की टेंशन नहीं रहती। 

Friday, June 12, 2026

जबलपुर: पानी के लिए 'त्राहि-त्राहि', घेराव की धमकी के बाद जागा प्रशासन, पार्षद ने भिजवाया एक टैंकर

जबलपुर- पानी के लिए 'त्राहि-त्राहि', घेराव की धमकी के बाद जागा प्रशासन, पार्षद ने भिजवाया एक टैंकर


Times of Crime जबलपुर ब्यूरो

महर्षि सुदर्शन वार्ड में पहले दो टाइम आता था पानी, अब एक टाइम; कलेक्टर के पत्र के बाद भी नहीं सुधरे हालात

घेराव की चेतावनी के बाद हरकत में आए

कल तक वार्डवासी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे थे। पानी न मिलने से गुस्साए रहवासियों ने क्षेत्रीय पार्षद संतोषी ठाकुर को मोबाइल फोन पर जमकर गुस्सा निकाला और चेतावनी दी कि यदि तुरंत पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो वे क्षेत्रीय कार्यालय और नगर निगम कार्यालय रांझी का घेराव करेंगे। रहवासियों के इस अल्टीमेटम के बाद आज पार्षद संतोषी ठाकुर द्वारा एक टैंकर पानी पहुंचाया है। टैंकर पर 'जल बचत मेरा नाम, जीवन सुरक्षा मेरा काम' लिखा है।

कलेक्टर के पत्र का भी नहीं हुआ असर

बताया जा रहा है कि जिला कलेक्टर ने भी जल संकट को लेकर एक पत्र जारी किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात नहीं सुधरे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले दो टाइम पानी आता था, अब सिर्फ सुबह एक टाइम कर दिया गया है, वो भी पर्याप्त नहीं है। वार्डवासियों का सवाल है कि क्या अब हर बार पानी के लिए घेराव और हंगामा करना पड़ेगा? फिलहाल टैंकर आने से लोगों को कुछ राहत मिली है, लेकिन स्थायी समाधान की मांग जोर पकड़ रही है।

पार्षद संतोषी ठाकुर और नगर निगम कमिश्नर की बाइट लेने की कोशिश

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Saturday, May 30, 2026

राज्य पर्यटन विकास निगम RTI की धज्जियां उड़ाने वाले PIO संजय मल्होत्रा और FAA संदेश यशलाहा पर होगी जल्द विभागीय/दंडात्मक कार्रवाई

 

सूचना आयोग पहुंचा कलचुरी होटल टेंट टेंडर मामला: PIO और FAA दोनों पर पेनाल्टी की मांग


टाइम्स ऑफ क्राइम // विनय डेविड : 9893221036

"कलचुरी होटल में टेंट घोटाला? RTI मांगने पर PIO ने पूछा- 'निजी हित है या जनहित', फिर खुद ही अपने आदेश को सही ठहराया"

"जबलपुर: MPTDC अफसरों का खेल बेनकाब - सूचना छुपाने के लिए 'कृत्य की श्रेणी' की धमकी, FAA ने भी आँखें मूंदीं"

"सूचना आयोग पहुंचा कलचुरी होटल टेंट टेंडर मामला: PIO और FAA दोनों पर पेनाल्टी की मांग"

"RTI की धज्जियां उड़ाने वाले PIO संजय मल्होत्रा और FAA संदेश यशलाहा पर होगी जल्द विभागीय/दंडात्मक कार्रवाई"



जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अफसरों ने सूचना का अधिकार कानून को मजाक बनाकर रख दिया। होटल कलचुरी जबलपुर में "कौशिक टेंट हाउस" को दिए गए टेंडर की जानकारी मांगने पर पहले लोक सूचना अधिकारी ने गैर-कानूनी सवाल दागे, फिर प्रथम अपीलीय अधिकारी ने बिना कानून बताए फाइल बंद कर दी। अब मामला राज्य सूचना आयोग पहुंच गया है।


क्या है पूरा मामला?

टाइम्स ऑफ क्राइम के संपादक विनय जी डेविड ने 4 दिसंबर 2025 को RTI लगाकर होटल कलचुरी में लगे टेंट के बिल, वर्क ऑर्डर और टेंडर की जानकारी मांगी थी। शिकायतें थीं कि टेंट के ठेके में भ्रष्टाचार हुआ है।

PIO ने कानून तोड़ा, धमकी भी दी

6 जनवरी 2026 को लोक सूचना अधिकारी श्री संजय मल्होत्रा ने जवाब भेजा। हैरानी की बात ये कि जवाब के साथ प्रबंधक कलचुरी का पत्र लगा था जिसमें लिखा था - "जानकारी निजी हित के लिए माँगी जा रही है या जनहित, ये स्पष्ट करो... वरना ये कृत्य की श्रेणी में आता है।"

RTI एक्ट की धारा 6(2) साफ कहती है कि आवेदक से जानकारी मांगने का कारण नहीं पूछा जा सकता। "कृत्य की श्रेणी" जैसा कोई शब्द कानून में है ही नहीं। ये सीधी-सीधी धमकी थी।


RTI के बड़े खेल: एक नजर में

  1. 06.01.2026: PIO ने पूछा - "निजी हित या जनहित?" - धारा 6(2) का उल्लंघन
  2. खुलासा: PIO और प्रबंधक कलचुरी एक ही अफसर - हितों का टकराव
  3. 08.05.2026: FAA का आदेश - "व्यवसायिक संस्था" बताकर इनकार, पर धारा नहीं बताई
  4. देरी: RTI का जवाब 3 दिन लेट, FAA का आदेश 61 दिन लेट
  5. 30.05.2026: द्वितीय अपील दायर, दोनों अफसरों पर पेनाल्टी की मांग


सबसे बड़ा खेल: PIO और प्रबंधक एक ही आदमी


जांच में सामने आया कि प्रबंधक कलचुरी रेसीडेंसी और क्षेत्रीय प्रबंधक/PIO जबलपुर - दोनों पदों का चार्ज श्री संजय मल्होत्रा के पास ही है। यानी उन्होंने पहले प्रबंधक बनकर गैर-कानूनी सवाल पूछा, फिर PIO बनकर अपने ही सवाल को सही ठहरा दिया। कानून कहता है - "कोई भी व्यक्ति अपने ही केस में जज नहीं हो सकता।"

जबलपुर: पर्यटन विकास निगम अफसरों का खेल बेनकाब -
सूचना छुपाने के लिए 'कृत्य की श्रेणी' की धमकी, FAA ने भी आँखें मूंदीं

FAA ने भी आँख मूंद ली

प्रथम अपील पर सुनवाई करते हुए FAA श्री संदेश यशलाहा ने 8 मई 2026 को आदेश दिया कि MPTDC "व्यवसायिक संस्था" है, इसलिए बिंदु 1 से 4 की जानकारी "व्यवसायिक दृष्टि से देना संभव नहीं"। मजे की बात ये कि इसी आदेश में बिंदु 5 की जानकारी देने को कहा गया।

सवाल ये है कि जब MPTDC पर RTI लागू है तभी तो बिंदु 5 की जानकारी दी, फिर 1-4 के लिए कानून कैसे बदल गया? FAA ने आदेश में RTI की किसी धारा का हवाला तक नहीं दिया। ऊपर से 45 दिन की जगह 106 दिन में फैसला सुनाया।


अब सूचना आयोग में क्या मांग?


विनय डेविड ने 30 मई 2026 को द्वितीय अपील दायर कर दी है। मांग की है कि:

  1. PIO संजय मल्होत्रा पर धारा 20(1) के तहत ₹25,000 पेनाल्टी लगे, क्योंकि उन्होंने कानून तोड़ा, देरी की और हितों के टकराव में आदेश दिया।
  2. FAA संदेश यशलाहा पर धारा 20(2) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई हो, क्योंकि उन्होंने बिना विधिक आधार के अपील खारिज की।
  3. 10 दिन में सारी जानकारी निःशुल्क दी जाए।


क्यों जरूरी है ये मामला?

सुप्रीम कोर्ट RBI vs Jayantilal Mistry केस में कह चुका है - "पारदर्शिता नियम है, गोपनीयता अपवाद है।" MPTDC 100% सरकारी कंपनी है। सरकारी पैसा, सरकारी जमीन पर बने होटल के टेंट का बिल "व्यापारिक गोपनीयता" कैसे हो सकता है? अगर बिल साफ है तो छुपा क्यों रहे हैं?

टाइम्स ऑफ क्राइम इस मामले की सुनवाई तक नजर रखेगा। सूचना आयोग अब तय करेगा कि अफसर कानून से ऊपर हैं या नहीं।



RTI के बड़े खेल: एक नजर में

  1. 06.01.2026: PIO ने पूछा - "निजी हित या जनहित?" - धारा 6(2) का उल्लंघन
  2. खुलासा: PIO और प्रबंधक कलचुरी एक ही अफसर - हितों का टकराव
  3. 08.05.2026: FAA का आदेश - "व्यवसायिक संस्था" बताकर इनकार, पर धारा नहीं बताई
  4. देरी: RTI का जवाब 3 दिन लेट, FAA का आदेश 61 दिन लेट
  5. 30.05.2026: द्वितीय अपील दायर, दोनों अफसरों पर पेनाल्टी की मांग

"सूचना आयोग पहुंचा कलचुरी होटल टेंट टेंडर मामला: PIO संजय मल्होत्रा और FAA दोनों पर पेनाल्टी की मांग"

सूचना आयोग पहुंचा कलचुरी होटल टेंट टेंडर मामला: PIO और FAA दोनों पर पेनाल्टी की मांग


टाइम्स ऑफ क्राइम // विनय डेविड : 9893221036

"कलचुरी होटल में टेंट घोटाला? RTI मांगने पर PIO ने पूछा- 'निजी हित है या जनहित', फिर खुद ही अपने आदेश को सही ठहराया"

"जबलपुर: MPTDC अफसरों का खेल बेनकाब - सूचना छुपाने के लिए 'कृत्य की श्रेणी' की धमकी, FAA ने भी आँखें मूंदीं"

"सूचना आयोग पहुंचा कलचुरी होटल टेंट टेंडर मामला: PIO और FAA दोनों पर पेनाल्टी की मांग"



जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अफसरों ने सूचना का अधिकार कानून को मजाक बनाकर रख दिया। होटल कलचुरी जबलपुर में "कौशिक टेंट हाउस" को दिए गए टेंडर की जानकारी मांगने पर पहले लोक सूचना अधिकारी ने गैर-कानूनी सवाल दागे, फिर प्रथम अपीलीय अधिकारी ने बिना कानून बताए फाइल बंद कर दी। अब मामला राज्य सूचना आयोग पहुंच गया है।


क्या है पूरा मामला?

टाइम्स ऑफ क्राइम के संपादक विनय जी डेविड ने 4 दिसंबर 2025 को RTI लगाकर होटल कलचुरी में लगे टेंट के बिल, वर्क ऑर्डर और टेंडर की जानकारी मांगी थी। शिकायतें थीं कि टेंट के ठेके में भ्रष्टाचार हुआ है।

PIO ने कानून तोड़ा, धमकी भी दी

6 जनवरी 2026 को लोक सूचना अधिकारी श्री संजय मल्होत्रा ने जवाब भेजा। हैरानी की बात ये कि जवाब के साथ प्रबंधक कलचुरी का पत्र लगा था जिसमें लिखा था - "जानकारी निजी हित के लिए माँगी जा रही है या जनहित, ये स्पष्ट करो... वरना ये कृत्य की श्रेणी में आता है।"

RTI एक्ट की धारा 6(2) साफ कहती है कि आवेदक से जानकारी मांगने का कारण नहीं पूछा जा सकता। "कृत्य की श्रेणी" जैसा कोई शब्द कानून में है ही नहीं। ये सीधी-सीधी धमकी थी।


RTI के बड़े खेल: एक नजर में

  1. 06.01.2026: PIO ने पूछा - "निजी हित या जनहित?" - धारा 6(2) का उल्लंघन
  2. खुलासा: PIO और प्रबंधक कलचुरी एक ही अफसर - हितों का टकराव
  3. 08.05.2026: FAA का आदेश - "व्यवसायिक संस्था" बताकर इनकार, पर धारा नहीं बताई
  4. देरी: RTI का जवाब 3 दिन लेट, FAA का आदेश 61 दिन लेट
  5. 30.05.2026: द्वितीय अपील दायर, दोनों अफसरों पर पेनाल्टी की मांग


सबसे बड़ा खेल: PIO और प्रबंधक एक ही आदमी


जांच में सामने आया कि प्रबंधक कलचुरी रेसीडेंसी और क्षेत्रीय प्रबंधक/PIO जबलपुर - दोनों पदों का चार्ज श्री संजय मल्होत्रा के पास ही है। यानी उन्होंने पहले प्रबंधक बनकर गैर-कानूनी सवाल पूछा, फिर PIO बनकर अपने ही सवाल को सही ठहरा दिया। कानून कहता है - "कोई भी व्यक्ति अपने ही केस में जज नहीं हो सकता।"

जबलपुर: पर्यटन विकास निगम अफसरों का खेल बेनकाब -
सूचना छुपाने के लिए 'कृत्य की श्रेणी' की धमकी, FAA ने भी आँखें मूंदीं

FAA ने भी आँख मूंद ली

प्रथम अपील पर सुनवाई करते हुए FAA श्री संदेश यशलाहा ने 8 मई 2026 को आदेश दिया कि MPTDC "व्यवसायिक संस्था" है, इसलिए बिंदु 1 से 4 की जानकारी "व्यवसायिक दृष्टि से देना संभव नहीं"। मजे की बात ये कि इसी आदेश में बिंदु 5 की जानकारी देने को कहा गया।

सवाल ये है कि जब MPTDC पर RTI लागू है तभी तो बिंदु 5 की जानकारी दी, फिर 1-4 के लिए कानून कैसे बदल गया? FAA ने आदेश में RTI की किसी धारा का हवाला तक नहीं दिया। ऊपर से 45 दिन की जगह 106 दिन में फैसला सुनाया।


अब सूचना आयोग में क्या मांग?


विनय डेविड ने 30 मई 2026 को द्वितीय अपील दायर कर दी है। मांग की है कि:

  1. PIO संजय मल्होत्रा पर धारा 20(1) के तहत ₹25,000 पेनाल्टी लगे, क्योंकि उन्होंने कानून तोड़ा, देरी की और हितों के टकराव में आदेश दिया।
  2. FAA संदेश यशलाहा पर धारा 20(2) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई हो, क्योंकि उन्होंने बिना विधिक आधार के अपील खारिज की।
  3. 10 दिन में सारी जानकारी निःशुल्क दी जाए।


क्यों जरूरी है ये मामला?

सुप्रीम कोर्ट RBI vs Jayantilal Mistry केस में कह चुका है - "पारदर्शिता नियम है, गोपनीयता अपवाद है।" MPTDC 100% सरकारी कंपनी है। सरकारी पैसा, सरकारी जमीन पर बने होटल के टेंट का बिल "व्यापारिक गोपनीयता" कैसे हो सकता है? अगर बिल साफ है तो छुपा क्यों रहे हैं?

टाइम्स ऑफ क्राइम इस मामले की सुनवाई तक नजर रखेगा। सूचना आयोग अब तय करेगा कि अफसर कानून से ऊपर हैं या नहीं।



RTI के बड़े खेल: एक नजर में

  1. 06.01.2026: PIO ने पूछा - "निजी हित या जनहित?" - धारा 6(2) का उल्लंघन
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जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

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