| बिजनौर के वर्धमान कॉलेज में भाजपा की रैली में युवाओं द्वारा तोड़ी गईं कुर्सियां। |
प्रधानमंत्री की जनसभा खत्म होने पर कुछ उत्पाती युवाओं ने मैदान में पड़ी कुर्सियों को तोड़ डाला। दो जगह कुर्सियां टूटी पड़ी थीं। मोदी के जाने के बाद कुछ युवाओं में कुर्सी तोड़ने की होड़ लगी रही। वे कुर्सियां क्यों तोड़ रहे थे, किसी को नहीं पता। चुनावी सभा खत्म होते ही युवाओं में मैदान से बाहर निकलने की होड़ लगी रही। कई युवा व भाजपा नेता मंच पर चढ़ गए और मोबाइल से जमकर सेल्फी ली।
भीड़ के सामने बौनी हुईं व्यवस्थाएं
बिजनौर में मोदी की जनसभा में उमड़ी भीड़ के सामने तमाम प्रशासनिक व्यवस्थाएं बौनी साबित हुईं। सभा के खत्म होने तक भीड़ का आना जारी था। सभा स्थल तक पहुंचने के लिए लोगों को दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। आधे शहरवासियों और चांदपुर-नूरपुर साइड से आने वालों को डीएवी कॉलेज के एक प्लाट में बने दो फिट के गेट से रेलवे ट्रैक से होकर सभास्थल तक जाना पड़ा।
सभास्थल में प्रवेश रेलवे रोड से दिया गया था। शहर की साइड में सभास्थल से पहले हेलीपैड से मंच तक प्रधानमंत्री के आने-जाने के लिए मार्ग बनाया गया था। उसके बाद सभास्थल की दीवार तोड़कर चार प्रवेश द्वार बनाए गए थे। नगीना से आने वाले लोग शुगर मिल और होकर रेलवे ट्रैक होकर सभास्थल पंहुचे। नजीबाबाद से आने वाले सेंट मैरी के पास से पैदल स्टेशन साइड से होकर सभास्थल पहुंचे। कई किलोमीटर चलने के बाद भी लोगों के हौसले कम नहीं हुए।
प्रधानमंत्री को 11:50 पर बिजनौर आना था, किंतु जनता एक बजे तक आती रही। प्रशासन को इतनी भीड़ का अंदाजा नहीं था। इसलिए रेलवे ट्रैक साइड में सभास्थल के बीच में बड़े-बड़े होर्डिंग लगवा दिए।
भीड़ इतनी उमड़ी कि होर्डिंग के पीछे का भी मैदान भर गया। रेलवे रोड माल गोदाम और रेलवे प्लटफार्म पर भी हजारों की भीड़ मोदी को देखने और उन्हें सुनने के लिए एकत्र थी। ये होर्डिंग उनके और मंच के बीच में आ रहे थे। सभा में युवाओं और महिलाओं की भी काफी भागीदारी थी। भीड़ इतनी थी कि मैदान कम पड़ गया था। रेलवे रोड पर हजारों की भीड़ थी। काफी लोग तो रेलवे ट्रैक पर ही बैठकर भाषण सुन रहे थे। प्लेटफार्म तक पर भी भीड़ जमा थी। रेलवे पुलिस ने अपने क्षेत्र से भीड़ को हटाने की कोशिश भी की, लेकिन भीड़ के सैलाब के सामने उसके प्रयास बौने साबित हुए।
