भाई की गिरफ्तारी का बदला लिया पद का दुरूपयोग करके पहले
चोरी ऊपर से सीना जोरी कर अधीनस्थों को प्रताड़ित कर रही
( डॉ. नवीन जोशी )
भोपाल / मध्यप्रदेश की बहुचर्चित महिला आई.पी.एस. सोनाली मिश्रा ने व्यापम घोटाले के अपने आरोपी भाई की गिरफ्तारी का बदला लेने के लिए न केवल अपने पद का दुरूपयोग किया बल्कि सीक्रेसी एक्ट का उल्लंघन करते हुए सी.बी.आई. जैसी महत्वपूर्ण जाँच एजेन्सी की जासूसी कराकर ‘‘ अखिल भारतीय सिविल सेवा कंडक्ट रूल एण्ड अपील 1965 ’’ का मखौल भी उड़ाया है ।
अति गोपनीय सूत्रों के मुताबिक सोनाली मिश्रा (आई.जी. इंटेलीजेंस, पुलिस मुख्यालय) ने ‘‘ चोरी और ऊपर से सीना जोरी ’’ करते हुए पहले अपने अधिनस्थों से सी.बी.आई. की जासूसी कराई और जब उन अधिकारी और कर्मचारियों ने इन्कार किया तो उन्हें आर्थिक रूप से दण्डित किया और सेवा से पृथक करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी । पीड़ित पक्ष न्याय की गुहार के लिए डी.जी.पी. ऋषि कुमार शुक्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की शरण ले रहे हैं ।
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( डॉ. नवीन जोशी )
भोपाल / मध्यप्रदेश की बहुचर्चित महिला आई.पी.एस. सोनाली मिश्रा ने व्यापम घोटाले के अपने आरोपी भाई की गिरफ्तारी का बदला लेने के लिए न केवल अपने पद का दुरूपयोग किया बल्कि सीक्रेसी एक्ट का उल्लंघन करते हुए सी.बी.आई. जैसी महत्वपूर्ण जाँच एजेन्सी की जासूसी कराकर ‘‘ अखिल भारतीय सिविल सेवा कंडक्ट रूल एण्ड अपील 1965 ’’ का मखौल भी उड़ाया है ।
अति गोपनीय सूत्रों के मुताबिक सोनाली मिश्रा (आई.जी. इंटेलीजेंस, पुलिस मुख्यालय) ने ‘‘ चोरी और ऊपर से सीना जोरी ’’ करते हुए पहले अपने अधिनस्थों से सी.बी.आई. की जासूसी कराई और जब उन अधिकारी और कर्मचारियों ने इन्कार किया तो उन्हें आर्थिक रूप से दण्डित किया और सेवा से पृथक करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी । पीड़ित पक्ष न्याय की गुहार के लिए डी.जी.पी. ऋषि कुमार शुक्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की शरण ले रहे हैं ।
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जानकारों की मानें तो गम्भीर देशद्रोह से संबंधित भारतीय संविधान में उल्लेखित दिशा निर्देशों के विपरीत जिसके लिये सीक्रेसी एक्ट 1923 बनाया गया था उसका एक वरिष्ठ आई.पी.एस. अधिकारी द्वारा जानबूझकर बदले की नियत से किया गया यह कृत्य और अपने अधिनस्थों को प्रताड़ित करने का यह कारनामा अनुचित होकर अपराध की श्रेणी में आता है । आश्चर्य इस बात का है कि सुश्री मिश्रा को सिंहस्थ ज्योति मैडल से नवाज़ना भी यह बताता है कि इन्होंने सरकार से तथ्य छुपाए हैं ।
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यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि इनकी पदस्थापना कुछ दिनों के लिये राज्य गृह मंत्रालय में हुई थी तो वहाँ के अधिकारी और कर्मचारियों ने इनके विरूद्ध बगावत कर दी थी । हाल ही में इन्हें प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली का रास्ता दिखा दिया गया है । अवगत हों कि इनके करीबी रिश्तेदार संजय गुप्ता शहला मसूद हत्याकाण्ड में चर्चित नाम ध्रुवनारायण सिंह के खास सिपहसालार रहे हैं और व्यापम घोटाले के अन्य आरोपी पंकज त्रिवेदी और पियुष त्रिवेदी से भी इनकी पारिवारिक नातेदारी है ।
एक वरिष्ठ महिला आई.ए.एस. जो पहले गृह विभाग में थी और इन दिनों सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थ है वे इन्हें अपने पारिवारिक होने का लाभ दिलाती रही हैं । सी.बी.आई. की जासूसी के विषय में जब डी.जी.पी. ऋषि कुमार शुक्ला से दूरभाष पर चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि सोनाली मिश्रा के विषय में जो जानकारी दी जा रही है वह सच्चाई से परे है । वे ऐसा नहीं कर सकतीं । वे दिल्ली प्रतिनियुक्ति पर एस.ए.एफ. में जा रही हैं, इसलिये किसी ने द्वेषभावनावश यह प्रचार किया है ।
