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| सूचना आयोग पहुंचा कलचुरी होटल टेंट टेंडर मामला: PIO और FAA दोनों पर पेनाल्टी की मांग |
टाइम्स ऑफ क्राइम // विनय डेविड : 9893221036
"कलचुरी होटल में टेंट घोटाला? RTI मांगने पर PIO ने पूछा- 'निजी हित है या जनहित', फिर खुद ही अपने आदेश को सही ठहराया"
जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अफसरों ने सूचना का अधिकार कानून को मजाक बनाकर रख दिया। होटल कलचुरी जबलपुर में "कौशिक टेंट हाउस" को दिए गए टेंडर की जानकारी मांगने पर पहले लोक सूचना अधिकारी ने गैर-कानूनी सवाल दागे, फिर प्रथम अपीलीय अधिकारी ने बिना कानून बताए फाइल बंद कर दी। अब मामला राज्य सूचना आयोग पहुंच गया है।
क्या है पूरा मामला?
PIO ने कानून तोड़ा, धमकी भी दी
RTI एक्ट की धारा 6(2) साफ कहती है कि आवेदक से जानकारी मांगने का कारण नहीं पूछा जा सकता। "कृत्य की श्रेणी" जैसा कोई शब्द कानून में है ही नहीं। ये सीधी-सीधी धमकी थी।
RTI के बड़े खेल: एक नजर में
- 06.01.2026: PIO ने पूछा - "निजी हित या जनहित?" - धारा 6(2) का उल्लंघन
- खुलासा: PIO और प्रबंधक कलचुरी एक ही अफसर - हितों का टकराव
- 08.05.2026: FAA का आदेश - "व्यवसायिक संस्था" बताकर इनकार, पर धारा नहीं बताई
- देरी: RTI का जवाब 3 दिन लेट, FAA का आदेश 61 दिन लेट
- 30.05.2026: द्वितीय अपील दायर, दोनों अफसरों पर पेनाल्टी की मांग
सबसे बड़ा खेल: PIO और प्रबंधक एक ही आदमी
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| जबलपुर: पर्यटन विकास निगम अफसरों का खेल बेनकाब - सूचना छुपाने के लिए 'कृत्य की श्रेणी' की धमकी, FAA ने भी आँखें मूंदीं |
FAA ने भी आँख मूंद ली
सवाल ये है कि जब MPTDC पर RTI लागू है तभी तो बिंदु 5 की जानकारी दी, फिर 1-4 के लिए कानून कैसे बदल गया? FAA ने आदेश में RTI की किसी धारा का हवाला तक नहीं दिया। ऊपर से 45 दिन की जगह 106 दिन में फैसला सुनाया।
अब सूचना आयोग में क्या मांग?
- PIO संजय मल्होत्रा पर धारा 20(1) के तहत ₹25,000 पेनाल्टी लगे, क्योंकि उन्होंने कानून तोड़ा, देरी की और हितों के टकराव में आदेश दिया।
- FAA संदेश यशलाहा पर धारा 20(2) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई हो, क्योंकि उन्होंने बिना विधिक आधार के अपील खारिज की।
- 10 दिन में सारी जानकारी निःशुल्क दी जाए।
क्यों जरूरी है ये मामला?
टाइम्स ऑफ क्राइम इस मामले की सुनवाई तक नजर रखेगा। सूचना आयोग अब तय करेगा कि अफसर कानून से ऊपर हैं या नहीं।
RTI के बड़े खेल: एक नजर में
- 06.01.2026: PIO ने पूछा - "निजी हित या जनहित?" - धारा 6(2) का उल्लंघन
- खुलासा: PIO और प्रबंधक कलचुरी एक ही अफसर - हितों का टकराव
- 08.05.2026: FAA का आदेश - "व्यवसायिक संस्था" बताकर इनकार, पर धारा नहीं बताई
- देरी: RTI का जवाब 3 दिन लेट, FAA का आदेश 61 दिन लेट
- 30.05.2026: द्वितीय अपील दायर, दोनों अफसरों पर पेनाल्टी की मांग


