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गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों को भव्य और गरिमामय स्वरूप में मनाने के निर्देश |
गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन भव्य स्वरूप में हो – कलेक्टर
गणतंत्र दिवस की तैयारी को लेकर बैठक संपन्न
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गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों को भव्य और गरिमामय स्वरूप में मनाने के निर्देश |
गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन भव्य स्वरूप में हो – कलेक्टर
गणतंत्र दिवस की तैयारी को लेकर बैठक संपन्न
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30 करोड़ रूपये की लागत से कम्पनी ने प्लांट का किया जीर्णोद्धार, अब प्लांट की आयु 20 साल बढ़ी : महापौर |
जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036
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| अंधी हत्या का खुलासा : आपसी रंजिश के चलते मोनू झारिया 18 वर्षिय युवक की हत्या करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार |
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जबलपुर. थाना सिविल लाईन अंतर्गत दिनांक 29/12/2025 की शाम मोनू झारिया उम्र 18 वर्ष निवासी मांडवा रामपुर थाना गोरखपुर जो संगम टेंट हाउस रामलला मेडिकल के पास अपने साथी के साथ खडे होकर बातचीत कर रहा था पर दो गाडी में मुहँ पर कपड़ा बांधकर हाथ में चाकू व बका लिये आये चार अज्ञात लडको ने गालीगलौज करते हुये शरीर में कई जगह चाकू मारे जिससे मोनू वही गिर गया और चारो लडके भाग गये। घायल मोनू झारिया को उपचार हेतु विक्टोरिया ले जाया गया जहॉ डाक्टर ने चैक कर मोनू झारिया को मृत घोषित कर दिया।
नाम पता गिरफ्तार आरोपी-
(1) आर्यन पिता स्व. विनोद कुचबंदिया उम्र 18 वर्ष निवासी कुचबंदिया मोहल्ला शीतलामाई घमापुर
(2) तुषार उर्फ रंगा उर्फ विरेन्द्र पिता ब्रजभान चौधरी उम्र 18 वर्ष निवासी कांचघर कुचबंदिया मोहल्ला घमापुर
(3) नवीन पिता सलाम गौरी उम्र 20 साल निवासी शीतलामाई तेलमिल कुचबंदिया मोहल्ला थाना घमापुर
(4) साहिल पिता मोहन चौधरी उम्र 20 साल निवासी छोटा पाठबाबा कुचबंधिया मोहल्ला
थाना घमापुर घटित हुई घटना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, सूचना पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री आयुष गुप्ता (भा.पु.से.), नगर पुलिस अधीक्षक ओमती श्री सोनू कुर्मी एवं एफएसएल अधिकारी श्री अजय सिंह मौके पर पहुंचे। पंचनामा कार्यवाही कर शव को पीएम हेतु भिजवाते हुये अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध धारा 103(1), 3(5) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा आरोपियों की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी हेतु आदेशित किये जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री आयुष गुप्ता (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक ओमती श्री सोनू कुर्मी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाईन श्री अनूप कुमार नामदेव के नेतृत्व में क्राईम ब्रांच तथा थाना ओमती संभाग की टीम गठित कर लगायी गयी।
गठित टीम द्वारा सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले गये एवं मुखबिरों को लगाया गया। मिले फुटेज के आधार पर चिन्हित करते हुये विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर (1) तुषार उर्फ रंगा उर्फ विरेन्द्र पिता ब्रजभान चौधरी उम्र 18 वर्ष निवासी कांचघर कुचबंदिया मोहल्ला थाना घमापुर (2) आर्यन पिता स्व. विनोद कुचबंदिया उम्र 18 वर्ष निवासी कुचबंदिया मोहल्ला शीतलामाई घमापुर (3) नवीन पिता सलाम गौरी उम्र 20 साल निवासी शीतलामाई तेलमिल कुचबंदिया मोहल्ला थाना घमापुर (4) साहिल पिता मोहन चौधरी उम्र 20 साल निवासी छोटा पाठबाबा कुचबंधिया मोहल्ला थाना घमापुर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पाया गया कि आर्यन की मोनू झारिया से पूर्व से बुराई थी, आर्यन पर दशहरा के समय प्राणघातक हमला हुआ था जिस कारण से आर्यन मोनू झारिया व उसके साथियों से रंजिश रखे हुये था रंजिश के चलते आर्यन अपने साथ बॉबी राजपूत के साथ एक एक्सिस एवं तुषार उर्फ रंगा, नवीन गौरी, साहिल ,वरूण कुचबंधिया, शुभम कुचबंधिया दो अन्य दुपहिया वाहन से मोनू के पास पहुंचे तथा आर्यन एवं बॉबी दोनो ने धारदार हथियार से मोनू पर हमला कर सभी वहॉ से भाग गये।
पकडे गये चारो आरोपियों की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त 1 चाकू, 02 एक्सिस स्कूटी जप्त करते हुये चारों को प्रकरण मे विधिवत गिरफ्तार किया गया। फरार आरोपी वरूण, शुभम एवं बॉबी की तलाश जारी है। अंधी हत्या का खुलासा कर आरोपियों को पकडने में थाना प्रभारी सिविल लाईन श्री अनूप कुमार नामदेव, उप निरीक्षक नीलेश्वरी काकोड़िया, सहायक उप निरीक्षक मो. इमरान खान, प्रधान आरक्षक राजेश, आरक्षक सुनील पारधी, ओमनाथ गुनगे, विनोद, शिवनारायण, महिला आरक्षक भारती झारिया, थाना बेलबाग के प्रधान आरक्षक अतुल राजवैद्य गोपीचंद, आरक्षक विनय एवं थाना ओमती के आरक्षक रामप्रवेश तथा घमापुर के प्रधान आरक्षक रविन्द्र सोनी, आरक्षक बबलू पाण्डे एवं थाना प्रभारी अपराध श्री शैलेन्द्र सिंह, क्राईम ब्रांच के सहायक उप निरीक्षक संतोष पाण्डेय, प्रशांत सोलंकी, प्रधान आरक्षक अटल जंघेला, आरक्षक विनय, जय प्रकाश, एवं साइबर सेल के उप निरीक्षक कपूर सिंह मरावी की सराहनीय भूमिका रही।
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इंदौर में 'जहर' बना पानी! 9 मौतें, सवालों के घेरे में सत्ता |
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इंदौर. देश का सबसे स्वच्छ, सबसे स्मार्ट और सबसे सक्षम शहर कहलाने वाला इंदौर आज दूषित पानी से हुई मौतों और सैकड़ों बीमार नागरिकों की कराह से शर्मसार है। करीब 1200 से 1300 लोगों का अस्पतालों में भर्ती होना और कई निर्दोष नागरिकों की जान जाना, किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही, प्रशासनिक निकम्मेपन और सत्ता की असंवेदनशीलता का नतीजा है।
विडंबना यह है कि यह भयावह घटना उस क्षेत्र में घटी है जो प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का गृह क्षेत्र है। यदि एक प्रभावशाली मंत्री के क्षेत्र में नागरिकों को शुद्ध पेयजल तक नहीं मिल पा रहा, तो यह सीधे-सीधे सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। क्या विकास केवल पोस्टरों और विज्ञापनों तक सीमित है? क्या आम जनता की जान की कोई कीमत नहीं?
पानी जीवन है—यह कोई नारा नहीं, बल्कि बुनियादी सच्चाई है। फिर भी इंदौर में वही पानी मौत का कारण बन गया। नगर निगम, जल प्रदाय विभाग और स्वास्थ्य विभाग—तीनों की भूमिका संदेह के घेरे में है। क्या जल की नियमित जांच नहीं होती? क्या दूषित पानी की जानकारी समय रहते नहीं मिली? और यदि मिली, तो उसे छिपाया क्यों गया?
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया भी उतनी ही चिंताजनक रही है जितनी घटना स्वयं। न तत्काल चेतावनी, न वैकल्पिक जल व्यवस्था, न ही जिम्मेदारी तय करने की तत्परता। मौतों के बाद औपचारिक बयान, खानापूर्ति जांच और आश्वासनों की राजनीति—क्या यही सुशासन है?
स्वच्छता पुरस्कारों और स्मार्ट सिटी टैग के पीछे छिपा यह कड़वा सच अब सामने आ चुका है। चमकते शहर के भीतर बुनियादी व्यवस्थाएं खोखली हैं। यह घटना उन तमाम दावों को बेनकाब करती है, जिनके सहारे सरकारें अपनी पीठ थपथपाती रही हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि अब तक किसी ने नैतिक जिम्मेदारी क्यों नहीं ली? क्या किसी अधिकारी ने इस्तीफा दिया? क्या किसी मंत्री ने सार्वजनिक रूप से जवाबदेही स्वीकार की? या फिर यह मान लिया गया है कि जनता सब कुछ सह लेगी?
यह केवल इंदौर का मामला नहीं, यह पूरे प्रदेश की चेतावनी है। यदि आज दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, यदि जल आपूर्ति प्रणाली की संपूर्ण समीक्षा नहीं की गई, और यदि जवाबदेही तय नहीं हुई—तो कल किसी और शहर में यही त्रासदी दोहराई जाएगी।
जनता को अब संवेदनाहीन बयान नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए। उसे जानना है कि मौतों का जिम्मेदार कौन है, दोषियों को सजा कब मिलेगी, और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठाएगी।
इंदौर की यह घटना सत्ता के अहंकार और प्रशासनिक विफलता का आईना है। यदि सरकार सच में जनता के प्रति जवाबदेह है, तो उसे अब शब्दों से नहीं, कार्यवाही से प्रमाण देना होगा—क्योंकि इतिहास गवाह है, जब जनता का सब्र टूटता है, तो सत्ता का सिंहासन भी डगमगाता है।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में फैली जल त्रासदी की सबसे दुखद तस्वीर सामने आई है.
दूषित पानी ने ले ली 5 माह के मासूम अव्यान की जान
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जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित |
कटनी – जिले की बाल विकास परियोजनाओं में पूर्णतः अस्थाई एवं मानसेवी आधारित 20 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं 34 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों पर पात्र महिलाओं की भर्ती हेतु एमपी ऑनलाईन द्वारा तैयार "चयन पोर्टल" के माध्यम से लिये आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।
इच्छुक एवं पात्र महिलायें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों हेतु अपना आवेदन पत्र 10 जनवरी 2026 तक केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। जबकि संशोधन की सुविधा 12 जनवरी 2026 तक रहेगी। ऑफलाइन आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि कटनी शहरी परियोजना के अंतर्गत 4 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 5 आंगनबाड़ी सहायिका, परियोजना ढीमरखेड़ा के अंतर्गत 6 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 11 आंगनबाड़ी सहायिका, बड़वारा परियोजना के अंतर्गत 2 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 1 आंगनबाड़ी सहायिका, बहोरीबंद परियोजना के अंतर्गत 1 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 4 आंगनबाड़ी सहायिका, मुरवारा परियोजना के अंतर्गत 6 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 8 आंगनबाड़ी सहायिका, रीठी परियोजना के अंतर्गत 3 आंगनबाड़ी सहायिका और विजयराघवगढ़ परियोजना के अंतर्गत 1 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 2 सहायिका के पदो पर भर्ती की जायेगी।
*नियुक्ति हेतु पात्रता एवं शर्तें*
जिस ग्राम या नगरीय क्षेत्र के वार्ड में रिक्त पद की पूर्ति की जानी है, आवेदिका ग्रामीण क्षेत्र में उसी राजस्व ग्राम एवं शहरी या नगरीय क्षेत्र में उसी वार्ड की निवासी होना अनिवार्य है। अन्य ग्राम या वार्ड की महिला आवेदन हेतु पात्र नहीं होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सहायिका के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता हायर सेकण्डरी (12वी उत्तीर्ण) अनिवार्य है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सहायिका के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु 1 जनवरी 2025 की स्थिति में आयु 18 से 35 वर्ष होना अनिवार्य है।
नियुक्ति से संबंधित नियम, निर्देश, शर्तें, आवेदन का प्रारूप, शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य अर्हताओं से संबंधित जानकारी एमपी ऑनलाईन द्वारा तैयार "चयन पोर्टल' (https://chayan.mponline.gov.in) एवं विभागीय वेबसाइट पोर्टल mpwedmis.gov.in पर प्राप्त की जा सकती है।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने किया बेकरी विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण, एक का लाइसेंस निलंबित, खाद्य पदार्थों के कारोबार पर भी रोक लगाई |
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जबलपुर. नववर्ष के अवसर पर नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण केक एवं बेकरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार की जा रही कारवाई के तहत आज मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कई बेकरी निर्माण एवं विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया।
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जबलपुर के ज्ञान संजीवनी भवन में होगा व्यसन-मुक्त साधकों का भव्य सम्मान समारोह 04 जनवरी 2026 को |
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व्यसन-मुक्त साधकों का भव्य सम्मान समारोह होगा : राजयोगिनी बी के भावना
जबलपुरः प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय केंद्र 'शिव स्मृति भवन' के सौजन्य से ज्ञान संजीवनी भवन में आगामी रविवार को एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। राजयोगिनी बी के भावना ने बताया की इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान के संपर्क में आने और 'राजयोग' के अभ्यास से अपने पुराने व्यसनों (नशों) का पूरी तरह से त्याग कर दिया है और अब एक श्रेष्ठ जीवन जी रहे हैं।
साथ ही मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ श्याम जी रावत, रिटा. सिविल सर्जन डॉ एस के पांडेय, डॉ पुष्पा पांडेय, डॉ लखन वैश्य, सिविल इंजी. परेश भी प्रेस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा रहें। जिन्होने इस विराट नशा मुक्त भारत अभियान पर प्रकाश डालते हुए विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि लोग अक्सर विशेष अवसरों (जैसे जन्मदिन या नव वर्ष) पर नशा छोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद पुनः उसके आदी हो जाते हैं। ब्रह्माकुमारी का 'राजयोग' एक ऐसा आध्यात्मिक मॉडल है, जिसे जीवन में अपनाकर व्यक्ति स्थायी रूप से व्यसन मुक्त हो सकता है।
प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति इस भव्य आयोजन में संस्थान के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे:
आदरणीय बनारसी भाई साहबः सेक्रेटरी, मेडिकल विंग (ब्रह्माकुमारी मुख्यालय, माउंट आबू)।
आदरणीय हेमा बहन जीः जोन इंचार्ज, इंदौर।
आदरणीय उषा बहन जीः जोन प्रभारी, मेडिकल विंग, इंदौर।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग मंत्री, आदरणीय राकेश सिंह जी होंगे। इसके साथ ही माननीय सांसद, महापौर एवं अन्य विशिष्ट जन भी उपस्थित रहेंगे।
डॉ श्याम जी रावत ने बताया की इस समारोह में क्षेत्रीय सहभागिता जबलपुर सहित सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट से भी वे भाई-बहन शामिल होंगे जिन्होंने राजयोग के माध्यम से नशा छोड़कर समाज को एक नई राह दिखाई है।
कार्यक्रम का विवरणः
दिनांक: 04 जनवरी 2026 को रविवार
समयः प्रातः 10:00 बजे से
स्थानः ज्ञान संजीवनी भवन, जबलपुर
राजयोगः व्यसन मुक्ति का स्थायी समाधान, जबलपुर
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अवैध कॉलोनियों का निर्माण कर धोखाधड़ी करने वाले 7 कॉलोनाइजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश |
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जबलपुर. कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले के ग्रामीण क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का निर्माण कर आम नागरिकों से धोखाधड़ी करने वाले सात कॉलोनाइजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिये हैं। कलेक्टर के आदेश पर इन अवैध कॉलोनाइजर्स के विरुद्ध एफआईआर सबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों द्वारा दर्ज कराई जायेगी।
अवैध कॉलोनी के निर्माण करने वाले जिन कॉलोनाइजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश कलेक्टर द्वारा दिये गये हैं उनमें, पनागर तहसील के ग्राम झुरझुरु निवासी गौरव शर्मा, खेरमाई मंदिर के पास पनागर निवासी आशीष कुमार पटेल, दारुल उलूम मस्जिद के बगल में मदार टेकरी जबलपुर निवासी मोहम्मद जिया उल हक, पूर्वी निवाड़गंज निवासी संतोष गुप्ता, बस स्टैंड मुख्य मार्ग कुंडम निवासी राजकुमार साहू, बाईपास रोड खिरियाकला निवासी फूल सिंह एवं बाईपास रोड खिरिया कला निवासी कुंवर लाल पटेल शामिल है।
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| अवैध कॉलोनियों का निर्माण कर धोखाधड़ी करने वाले 7 कॉलोनाइजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश |
कलेक्टर कार्यालय की कॉलोनी सेल शाखा के प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी से प्राप्त जानकारी के अनुसार गौरव शर्मा द्वारा अवैध कॉलोनी का निर्माण कर 27 भूखंड का विक्रय किया गया है। इसी प्रकार आशीष कुमार पटेल ने पिपरिया बनियखेड़ा में 66 भूखंडों का, मोहम्मद जिया उल हक द्वारा ग्राम खजरी में 30 भूखंडों का, संतोष गुप्ता द्वारा पनागर में 17 भूखंडों का, राजकुमार साहू द्वारा कुंडम में 26 भूखंडों का, फूल सिंह द्वारा पिपरिया बनियखेड़ा में 80 भूखंडों का तथा कुँवरलाल पटेल द्वारा पिपरिया बनियाखेड़ा में अवैध कॉलोनी का निर्माण कर 82 भूखंडों का विक्रय किया जा चुका है।
डिप्टी कलेक्टर श्री मरावी ने बताया कि सातों अवैध कॉलोनाइजर्स के खिलाफ कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण दर्ज थे। अवैध कॉलोनी का निर्माण करने का दोषी इन सातों कॉलोनाइजर्स के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
डिप्टी कलेक्टर श्री मरावी के मुताबिक जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 98 अवैध कोलनियों को चिन्हित किया गया है। इनमें से तीन के विरुद्ध पूर्व में ही एफआईआर दर्ज करने के आदेश कलेक्टर न्यायालय द्वारा पारित किये जा चुके हैं तथा आज सात और कॉलोनाइजर्स के विरुद्ध अवैध कॉलोनी के निर्माण करने पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश पारित हुये हैं।
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| लोक सूचना अधिकारी के दोषी होने के बावजूद उस पर जुर्माना न लगाने पर हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश, आयुक्त पर ₹25,000 का हर्जाना (Cost) लगाया |
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लोक सूचना अधिकारी के दोषी होने के बावजूद उस पर जुर्माना न लगाने पर हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश :
इसे न्याय दृष्टांत (नजीर/ साइटेशन) के रूप में आप सूचना आयोग के समक्ष पेश कर सकते हैं .
लोक सूचना अधिकारी के दोषी होने के बावजूद उस पर जुर्माना न लगाने पर हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश,
सूचना आयुक्त पर 25,000 का हर्जाना लगाया
सूचना के अधिकार (RTI) को मजबूत करने और सूचना आयोग की जवाबदेही तय करने के लिए नजीर (Precedent) माने जाने वाले हाई कोर्ट आदेश का विवरण -
केस का नाम : डॉ. आनंद राय विरुद्ध मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य (Dr. Anand Rai vs. State of M.P. & Others)
याचिका क्रमांक : Writ Petition No. 19307/2018
कोर्ट : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, इंदौर बेंच
न्यायाधीश : न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया
फैसले की तारीख : 20 अगस्त 2018
मामले की पृष्ठभूमि -
RTI आवेदन: याचिकाकर्ता (डॉ. आनंद राय) ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित जानकारी मांगी थी। जन सूचना अधिकारी (PIO) ने समय सीमा के भीतर जानकारी नहीं दी।
प्रथम अपील में भी न्याय नहीं हुआ। मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग द्वितीय द्वितीय अपील हुई।
आयोग का आदेश:
सूचना आयुक्त ने माना कि PIO ने जानकारी देने में देरी की है और लापरवाही बरती है। इसके बावजूद, आयुक्त ने PIO पर धारा 20 के तहत अनिवार्य जुर्माना (Penalty) नहीं लगाया और केवल 'चेतावनी' देकर या निर्देश देकर मामले को खत्म (Dispose) कर दिया।
अपीलार्थी ने आयोग के इस आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में रिट याचिका की। उसने तर्क दिया कि जब आयोग ने यह मान लिया है कि अधिकारी दोषी है, तो जुर्माना लगाना कानूनन अनिवार्य है, यह आयोग की मर्जी पर निर्भर नहीं है।
हाई कोर्ट ने सूचना आयोग के आदेश को निरस्त करते हुए बहुत सख्त टिप्पणी की -
1. धारा 20 विवेकाधीन नहीं, अनिवार्य है (Mandatory Provision) :
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि RTI एक्ट की धारा 20(1) में "होगा/करेगा (Shall)" शब्द का प्रयोग हुआ है। इसका अर्थ है कि यदि जन सूचना अधिकारी (PIO) बिना किसी उचित कारण के जानकारी देने में देरी करता है या जानकारी छुपाता है, तो आयोग के पास जुर्माना न लगाने का विकल्प नहीं है। आयोग को जुर्माना लगाना ही होगा।
2. कोर्ट ने पाया कि सूचना आयुक्त ने बिना कोई ठोस कारण बताए एक या दो लाइनों में आदेश पारित कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सूचना आयोग एक अर्द्ध-न्यायिक (Quasi-judicial) संस्था है। उसे अपने हर फैसले में यह विस्तार से लिखना होगा कि उसने जुर्माना क्यों लगाया या क्यों नहीं लगाया। "एक लाइन" के आदेश कानूनन मान्य नहीं हैं।
3. सूचना आयुक्त पर हर्जाना (Cost ) :
यह इस केस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था। कोर्ट ने कहा कि सूचना आयुक्त ने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया और कानून की अनदेखी की। इस खामी के लिए कोर्ट ने आयुक्त पर ₹25,000 का हर्जाना (Cost) लगाया।
यह हर्जाना याचिकाकर्ता को देने का आदेश दिया।
कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में अगर ऐसे लापरवाही भरे आदेश दिए गए, तो यह राशि संबंधित सूचना आयुक्त के वेतन से या व्यक्तिगत रूप से वसूली जा सकती है।
यह फैसला RTI कार्यकर्ताओं और आम जनता के लिए हथियार की तरह है। इसका उपयोग आप तब कर सकते हैं जब :
सूचना आयोग यह मान ले कि PIO ने गलती की है, लेकिन फिर भी उस पर जुर्माना न लगाए।
आयोग बिना कारण बताए (Non-speaking order) आपकी अपील को खारिज कर दे।
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नव वर्ष 2026 आयोजन को लेकर पुलिस अधीक्षक जबलपुर कार्यालय में होटल, बार एवं पब संचालकों की ली गई बैठक |
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जबलपुर. पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के निर्देश पर आज शाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री आयुष गुप्ता (भा.पु.से.) द्वारा नववर्ष के आगमन के पूर्व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शहर के होटल, बार, पब संचालकों की बैठक आयोजित की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री आयुष गुप्ता द्वारा आयोजकों को निर्धारित समय-सीमा, क्षमता से अधिक भीड़ एकत्र न करने, तेज आवाज में संगीत न बजाने, महिला सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने, नाबालिगों को शराब न परोसने, शराब सेवन के पश्चात वाहन न चलाने, पार्किंग व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, अग्नि सुरक्षा, सुरक्षित विधुत कनेक्शन एवं शालीनता बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाने संबंधी निर्देशों से अवगत कराया गया साथ ही किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अश्लीलता अथवा अवैधानिक कृत्य पर पूर्ण प्रतिबंध एवं नियम के उल्लंघन पर कड़ी वैधानिक कार्यवाही करने हेतु कहा गया।
बैठक के दौरान सभी आयोजकों से पुलिस प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के अक्षरशः पालन हेतु शपथ पत्र भी लिये गये एवं स्पष्ट किया कि नववर्ष के दौरान शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतत निगरानी एवं सघन चेकिंग की जाएगी।
बैठक का उद्देश्य नववर्ष के अवसर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना, शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी प्रकार की अवैधानिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। पुलिस द्वारा सभी संचालकों से सहयोग की अपील की गई ताकि नववर्ष का उत्सव शांति, सौहार्द एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।
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छत्तीसगढ़ का शासकीय चार्टर विमान पंडित धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर उर्फ़ ‘पर्ची बाबा’ को लाने के लिए सतना भेजा, बाबा को सरकारी विमान क्यों |
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रायपुर। देखिए किस तरह छत्तीसगढ़ के संसाधनों को बाबाओं पर लुटाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का शासकीय चार्टर विमान बागेश्वर उर्फ़ ‘पर्ची बाबा’ को लाने के लिए सतना भेजा गया। चूँकि बागेश्वर उर्फ़ पर्ची इस सुविधा के लिए नियमानुसार पात्र नहीं था, इसलिए औपचारिकता निभाने के लिए एक मंत्री को उस विमान में बैठाया गया।
विमान सुबह 9:30 बजे सतना एयरपोर्ट पर उतरा और बागेश्वर उर्फ़ पर्ची को बैठाकर ठीक 10:00 बजे रायपुर के लिए रवाना हो गया।
सरकारी विमान का इस्तेमाल सरकारी सेवा या संवैधानिक पदों पर आसीन लोग कर सकते हैं। लेकिन बागेश्वर बाबा को किस हैसियत से सरकारी विमान दिया गया है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि क्या धार्मिक कार्य के लिए सरकारी विमान का उपयोग करना सही है। ऐसे में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि राज्य सरकार के एक मंत्री मध्य प्रदेश से बाबा को लेने आए थे।
गौरतलब है कि सरकारी नियमों के अनुसार, बाबा बागेश्वर को शासकीय विमान में यात्रा करने की पात्रता नहीं है। इसी कारण, उन्हें लाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को विशेष रूप से मध्य प्रदेश के सतना भेजा गया था। विमान सुबह करीब साढ़े नौ बजे सतना हवाई अड्डे पर उतरा और लगभग आधे घंटे बाद, दस बजे रायपुर के लिए रवाना हो गया।
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर सरकारी विमान से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां ड्यूटी पर लगे थाना प्रभारी को बाबा के पैर छूना भारी पड़ गया है। ऑन-ड्यूटी TI मनीष तिवारी का पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात के दौरान पैर छूने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो के सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए TI मनीष तिवारी को लाइन अटैच कर दिया गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद रायपुर SSP लाल उमेद सिंह ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस विभाग के सेवा नियमों और आचार संहिता के अनुसार, ड्यूटी के दौरान वर्दीधारी अधिकारी को पूर्णत: निष्पक्ष, तटस्थ और मर्यादित आचरण का पालन करना होता है। किसी भी धार्मिक, राजनीतिक या व्यक्तिगत आस्था का सार्वजनिक प्रदर्शन ड्यूटी के समय वर्दी में करना नियमों के विरुद्ध माना जाता है। इसी आधार पर TI मनीष तिवारी को लाइन अटैच कर दिया गया है।
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'अ' हटाकर किया 65 लाख रुपए का घोटाला, अ'स्वीकृत लोन को अप्रूव कर सरकारी बैंक में मैनेजर ने लगाया 65 लाख का चूना |
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मंडला: जिले में सहकारी बैंक में हुए एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। यहां शब्दों के हेरफेर से 38 लाख रुपये के लोन को 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी में बदल दिया गया। आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस मामले में तत्कालीन महाप्रबंधक सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला अल्प बचत साख सहकारी समिति मर्यादित, मंडला से जुड़ा है, जहां जमाकर्ताओं के पैसे नहीं लौटाए जा रहे थे और नियमों को ताक पर रखकर लोन स्वीकृत किए जा रहे थे।
EOW को शिकायत मिली थी कि मंडला की अल्प बचत साख सहकारी समिति अपने जमाकर्ताओं को पैसे वापस नहीं कर रही है। साथ ही, नियमों को तोड़कर लोन दिए जा रहे थे और उनकी वसूली में भी बड़ी लापरवाही बरती जा रही थी। इस शिकायत के बाद EOW ने जांच शुरू की।
EOW की जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन महाप्रबंधक नरेंद्र कोरी ने 8 नवंबर 2011 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मंडला की ऋण उप समिति की बैठक ली थी। इसमें अल्प बचत साख सहकारी समिति पर 38 लाख रुपए का पुराना ऋण बकाया होने के न कारण नए ऋण आवेदन को अस्वीकृत कर दिया गया था। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने बैठक के दस्तावेजों में कूटरचना कर तत्कालीन महाप्रबंधक नरेंद्र कोरी ने अस्वीकृत शब्द से 'अ' अक्षर को मिटा दिया, जिससे वह पढ़ने में स्वीकृत नजर आने लगा। दस्तावेज की अंतिम पंक्ति में अतिरिक्त शब्द जोड़कर 65 लाख रुपए की अल्प अकृषि ऋण साख सीमा को स्वीकृत दर्शा दिया।
मामले तत्कालीन महाप्रबंधक नरेंद्र कोरी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। बैठक के तीन दिन बाद ही 12 नवंबर को महाप्रबंधक कोरी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कृषि शाखा मंडला को आदेश जारी कर दिया। आदेश में 65 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत बताते हुए राशि सदस्यों में वितरित करा दी गई। इसके साथ ही वर्तमान प्रबंधक शशि चौधरी के कार्यकाल में भी नियमों की अनदेखी सामने आई है। समिति की उपविधि के विपरीत गैर-सदस्यों से 26 लाख 68 हजार 436 रुपए की राशि अवैध रूप से प्राप्त की जो धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।
EOW की जांच में यह भी सामने आया कि ऋण उप समिति के फैसले को जानबूझकर छिपाया गया और नियमों को दरकिनार कर पैसे जारी कर दिए गए। बाद में यह रकम तत्कालीन महाप्रबंधक नरेन्द्र कोरी, स्थापना प्रभारी एन.एल. यादव, लेखापाल अतुल दुबे और अल्प बचत साख सहकारी समिति की प्रबंधक शशि चौधरी ने आपस में बांट ली। जांच एजेंसी ने यह भी खुलासा किया कि वर्तमान में भी प्रबंधक शशि चौधरी ने गैर-सदस्यों से करीब 26.68 लाख रुपये अवैध रूप से वसूले, जो साफ तौर पर पद के दुरुपयोग और धोखाधड़ी का मामला है।
EOW ने इस मामले में शासकीय पदों के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक को 65 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया है। थाना अपराध क्रमांक 168/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की धाराएं 409, 420, 467, 468, 471, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7(सी) में केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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बिना अनुमति सार्वजनिक गार्डन में कार्यक्रम करना पड़ गया भारी, स्कूल संचालक पर निगम प्रशासन ने लगाया 1 लाख का जुर्माना |
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जबलपुर। शहर के सार्वजनिक स्थलों और उद्यानों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर नगर निगम प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अपना रहा है। निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार को जैसे ही संज्ञान में आया कि अशासकीय स्कूल संचालक के द्वारा नगर निगम के शासकीय उद्यान में बिना अनुमति लिये कार्यक्रम कर रहा है, उसके तुरंत बाद ही निगमायुक्त श्री अहिरवार ने टीम भेजकर जॉंच करवाई और स्कूल संचालक के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान किये गए।
निगमायुक्त के निर्देश पर स्कूल संचालक के ऊपर मौके पर ही 1 लाख रूपये का जुर्माना लगाकर वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने नोटिस जारी किये गए। इस संबंध में निगमायुक्त श्री अहिरवार ने बताया कि नोटिस का संतोषजनक जबाव नहीं पाए जाने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जायेगी।
कार्रवाई के संबंध में उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि निगम की टीम ने गढ़ा वार्ड के संजीवनी नगर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी स्कूल पर 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।
उन्होंने बताया कि संजीवनी नगर स्थित लक्ष्मीकांत मेमोरियल स्कूल द्वारा सांईं कॉलोनी के सार्वजनिक गार्डन में वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा था, टेंट-पंडाल लग चुके थे और कार्यक्रम की तैयारियाँ जोरों पर थीं। नियमानुसार, किसी भी सार्वजनिक उद्यान में कार्यक्रम करने के लिए नगर निगम के उद्यान विभाग से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य है, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली थी।
जैसे ही बिना अनुमति कार्यक्रम की सूचना मिली, निगम उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। जाँच में पाया गया कि सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग बिना किसी कागजी प्रक्रिया और शुल्क के किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने तुरंत कार्यक्रम को रोका और स्कूल संचालक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया।
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जबलपुर. व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में आज एवीएनएल के सीएमडी श्री संजय द्विवेदी के मुख्य आतिथ्य में एवीएनएल चेयरमैन कप 2025 का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर श्रीमती रश्मि द्विवेदी, चेयरपर्सन महिला कल्याण समिति एवीएनएल तथा श्री सत्यब्रत मुखर्जी, डायरेक्टर ऑपरेशन एवं एच आर, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इसके अलावा एवीएनएल की सभी रक्षा इकाइयों के मुख्य महाप्रबंधक एवं सभी महिला कल्याण समितियों के चेयरपर्सन की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
श्री प्रवीण कुमार, मुख्य महाप्रबंधक व्हीएफजे ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का अभिनंदन किया तथा इस आयोजन के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि श्री संजय द्विवेदी, सीएमडी एवीएनएल ने सभी खेल प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए समस्त आयोजक मंडल को अपनी शुभकामनाएं दी तथा इस आयोजन को सभी खिलाड़ियों के बीच आपसी सद्भाव एवं भाईचारा बढ़ाने तथा टीम बिल्डिंग का एक शानदार मंच बताया।
इसके पहले श्री सत्यब्रत मुखर्जी, डायरेक्टर ऑपरेशन एवं एच आर एवीएनएल ने भी अपने उद्बोधन में एवीएनएल चेयरमैन कप के 2025 के सफल आयोजन के लिए पूरी व्हीएफजे टीम को अपनी शुभकामनाएं दी और इस पूरे आयोजन को सराहा।
व्हीएफजे में 13 दिसंबर से 18 दिसंबर तक कुल 08 प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई, इसके सभी विजेता खिलाड़ियों को समारोह के मुख्य अतिथि श्री संजय द्विवेदी ने पुरस्कृत किया।
इस पूरे आयोजन में व्हीएफजे के अलावा हैवी व्हीकल फैक्ट्री चेन्नई, इंजन फैक्ट्री चेन्नई, मशीन एवं प्रोटोटाइप फैक्ट्री अंबरनाथ महाराष्ट्र और ऑर्डनेंस फैक्ट्री मेडक के खिलाड़ी शामिल हुए।
इन खेल प्रतियोगिताओं के अंतर्गत टीम इवेंट में, क्रिकेट में आयुध निर्माणी मेडक की टीम, बॉस्केटबॉल में व्हीएफजे की टीम, शतरंज (टीम चैम्पियनशिप) में व्हीएफजे की टीम तथा बैडमिंटन (टीम चैम्पियनशिप) में एचवीएफ की टीम विजेता रही।
इसी प्रकार सिंगल्स में, टेबल टेनिस (महिला) में सुश्री एल वेनीला, टेबल टेनिस (पुरुष) में श्री एन बालासुब्रह्मण्यम विजेता रहे।
टेबल टेनिस (पुरुष युगल) में श्री आर दीनदरन एवं श्री बी कार्तिक विजेता रहे।
स्नूकर में श्री प्रशांत अहिरवार एवं बिलियर्ड्स में श्री टीवीएस नागराजू विजेता रहे।
शतरंज (पुरुष ओपन) में श्री राजेश दीवान तथा महिला ओपन में सुश्री के. कविता विजेता रहे।
कैरम (पुरुष) में श्री जयशीलन एवं महिला वर्ग में सुश्री लावण्या आर. विजेता रहे।
इसी प्रकार बैडमिंटन (एकल पुरुष) में श्री डी. सरावानन तथा युगल पुरुष में श्री डी. सरावानन एवं श्री एम राजावेल विजेता रहे।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ जिसमें शहर की "श्री जानकी रमन बैंड ऑफ वीमेन" एवं "कदम संस्था" के कलाकारों ने गीत संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में समा बांधा।
कार्यक्रम के अंत में श्री बी राजेश कन्ना, महाप्रबंधक ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
इस अवसर पर श्री प्रणव प्रियंक स्पोर्ट्स ऑफिसर, श्रीमती श्वेता जौहरी गुप्ता, श्रीमती आस्था श्रीवास्तव, श्रीमती देवश्री चक्रवर्ती उप महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी,कर्मचारी, यूनियन एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं कार्यसमिति व जेसीएम के सदस्य तथा सभी निर्माणियों के खिलाड़ी शामिल हुए।
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कट्टे की दम पर भूरा ज्वेलर्स के संचालक से लूट, पिता-बेटा दोनों हुए लहूलुहान, तीन बैग भरे ज़ेवर लेकर फरार |
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जबलपुर। पनागर के भूरा ज्वेलर्स के संचालकों के साथ मंगलवार की रात आठ बजे हुई कट्टे की नोंक पर लूट से पूरे क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। वारदात को अंजाम देने वाले तीन मोटरसाइकिल पर आए थे, जिन्हें भूरा ज्वेलर्स के संचालकों को ठीक उनके घर के रास्ते में घेर लिया और जेवरों के बैग छीन लिए।
बताया जाता है कि विरोध करनें पर दुकान संचालकों पर कट्टे की बट और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में दुकान संचालक के बेटे के हाथ पर चाकुओं के बार किए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद लुटेरे चार में से 3 बैगों के आभूषण लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रकरण दर्ज कर फरार आरापियों की तलाश में जुट गई है।
बताया गया कि रोजाना की तरह भूरा ज्वेलर्स पनागर के संचालक सुनील सोनी और उनका पुत्र संभव सोनी दुकान बंद करके घर जा रहे थे। उनके पास दुकान के सोने और चांदी के आभूषण के चार बैग थे। इसी बीच नकाबपोश रास्ते में दाखिल हुए और कट्टा दिखाकर बैग छीनने का प्रयास किया।
जब दुकान संचालक सुनील सोनी ने विरोध किया तो एक नकाबपोश ने उन पर हमला बोल दिया, जिससे संचालक बुरी तरह लहुलुहान हो गए। संभव के चिल्लाने पर एक अन्य नकाबपोश ने उसके हाथ पर चाकू से वार कर घायल कर दिया।
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भेड़ाघाट में सेल्फी लेते वक्त महिला स्वाति गर्ग नर्मदा में गिरी, मौत पति और बेटी के सामने हुआ हादसा |
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जबलपुर में सेल्फी ले रही एक महिला नर्मदा नदी में जा गिरी और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। महिला अपनी सालगिरह मनाने बेटी और पति के साथ भेड़ा घाट पहुंची थी जहां फोटो शूट के दौरान हादसा हो गया ...\
जबलपुर के पर्यटन स्थल न्यू भेड़ाघाट में मोबाइल से सेल्फी लेते वक्त एक महिला अपने पति और 10 साल की बेटी के सामने नर्मदा नदी में गिर गई। महिला की तलाश में घंटों तक गोताखोर जुटे रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। रविवार शाम को घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर स्वर्गद्वारी में महिला का शव बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतका की पहचान विजय नगर निवासी स्वाति गर्ग (36) के रूप में हुई है। बताया गया कि शनिवार को स्वाति की शादी की सालगिरह थी। इसे मनाने के लिए वह अपने पति, बेटी और सास के साथ न्यू भेड़ाघाट पहुंची थीं। इसी दौरान सेल्फी लेते समय उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गईं।
परिवार संग मनाने आई थीं शादी की सालगिरह
विजय नगर के रामेश्वरम कॉलोनी निवासी आशीष गर्ग ओएफके फैक्ट्री में जूनियर वर्क मैनेजर के पद पर पदस्थ हैं। शनिवार दोपहर फैक्ट्री से लौटने के बाद वह परिवार के साथ शादी की सालगिरह मनाने निकले थे। त्रिपुरी माता के दर्शन करने के बाद आशीष अपनी पत्नी स्वाति, 10 वर्षीय बेटी आगिका और मां के साथ न्यू भेड़ाघाट पहुंचे।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने किया बेकरी निर्माण केंद्रों और ठेलों, फास्ट फूड स्टॉल का निरीक्षण. गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल करने के निर्देश |
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गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल करने के निर्देश
जबलपुर. कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा प्रशासन की बेकरी निर्माण केन्द्रों तथा मुख्य मार्गों पर संचालित चाइनीज, फास्ट फूड स्टॉल के निरीक्षण की कार्यवाही सोमवार को भी जारी रही।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सोमवार को बिलहरी स्थित सोनू चाइनीज सेंटर से चिली सॉस, साई राम चाइनीज से पेटिस, ब्यौहारबाग हाईकोर्ट रोड स्थित ब्रदर्स फूड्स् प्वाइंट से चिकन टिक्का, नवाब कोरमा से चिकन सोरबा, रानीताल यादव कॉलोनी स्थित स्पेशलिस्ट चाइनीज सेंटर से नूडल्स एवं स्टैण्डर्ड फूड स्टॉल से पावभाजी की भाजी तथा शहपुरा स्थित जैन बेकरी से चॉकलेट एवं केक के नमूने लिये गये।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे के अनुसार निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को गुणवत्तापूर्ण सॉस, तेल, पाव, नूडल्स आदि का उपयोग करने के निर्देश दिये गये। साथ ही खाद्य पदार्थों के लेबल पर अंकित अवसान तिथि का विशेष ध्यान रखने की हिदायत भी दी गई। खाद्य पदार्थ का उपयोग अवसान तिथि व्यतीत होने के पश्चात करते पाये जाने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के प्रावधानों के अन्तर्गत वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी भी निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दी।
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जबलपुर जिले के पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिये तीन दिवसीय सही शिविर 17 दिसंबर से |
जबलपुर. संभागायुक्त धनंजय सिंह के निर्देश पर जबलपुर संभाग के प्रत्येक जिले में सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत संभाग के सभी जिलों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों की तारीखें भी तय कर ली गई हैं।
प्रभारी संभागीय पेंशन अधिकारी साकेत जैन के अनुसार संभागायुक्त की मंशा के अनुरूप पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये जबलपुर, कटनी, सिवनी, मंडला और डिंडौरी जिले में तीन-तीन दिवसीय शिविर लगाये जायेंगे। इन जिलों में शिविरों का आयोजन 17 से 19 दिसम्बर तक किया जायेगा। छिंदवाड़ा जिले में भी शिविर इन्हीं तारीखों के आसपास लगाया जाएगा। जबकि, बालाघाट और नरसिंहपुर जिले में पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिये 17 और 18 दिसम्बर को दो दिवसीय शिविर लगाये जा रहे हैं।
संभागीय पेंशन अधिकारी ने संभाग के सभी जिलों के आहरण संवितरण अधिकारियों को अपने कार्यालय से संबंधित पेंशन प्रकरणों का जिला पेंशन कार्यालयों में लगाये जा रहे शिविरों के माध्यम से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में निर्माणी के मुख्य महाप्रबंधक प्रवीण कुमार के मुख्य आतिथ्य में एवीएनएल चेयरमैन कप 2025 का भव्य शुभारंभ |
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जबलपुर. व्हीएफजे के स्पोर्ट्स ऑफिसर श्री प्रणव प्रियांक ने मुख्य अतिथि एवं उपस्थित अन्य सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और बताया कि व्हीएफजे में 13 दिसंबर से 18 दिसंबर तक कुल 08 प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल सत्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई।
उद्घाटन समारोह में व्हीएफजे के अलावा हैवी व्हीकल फैक्ट्री चेन्नई, इंजन फैक्ट्री चेन्नई, मशीन एवं प्रोटोटाइप फैक्ट्री अंबरनाथ महाराष्ट्र और ऑर्डनेंस फैक्ट्री मेडक के खिलाड़ी शामिल हुए। सभी इकाइयों के खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट किया और मुख्य अतिथि महोदय का अभिवादन किया।
एवीएनएल चेयरमैन कप के शुभारंभ अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए जिसमें महिला कल्याण समिति एवीएनएल द्वारा संचालित स्कूलों अंकुर विद्या मंदिर और विद्या मंदिर के बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दी। साथ ही व्हीएफजे के सांस्कृतिक कला परिषद के कलाकारों ने अपनी संगीतमय प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में समा बांधा।
इसी बीच मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ महिला अधिकारियों ने एक सांकेतिक मैच खेलकर और तत्पश्चात आसमान में गुब्बारे छोड़कर एवीएनएल चेयरमैन कप के अंतर्गत खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री प्रवीण कुमार जी ने एवीएनएल के अधीन कार्यरत विभिन्न रक्षा इकाइयों से आए खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन हेतु शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ये टूर्नामेंट सभी खिलाड़ियों के बीच पारस्परिक सहयोग बढ़ाने, टीम बिल्डिंग करने और उनके व्यक्तित्व विकास के लिए उत्कृष्ट मंच साबित होगा और सभी अपने स्वयं का तथा अपनी निर्माणियों के गौरव में वृद्धि करते हुए समग्र रूप से एवीएनएल का गौरव बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में श्री गौरव दीक्षित कार्य प्रबंधक ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
इस अवसर पर श्री टी डोलाशंकर महाप्रबंधक, श्री आशुतोष कुमार महाप्रबंधक, श्री रामेश्वर मीणा महाप्रबंधक, श्री बी राजेश कन्ना महाप्रबंधक, श्री प्रणव प्रियंक स्पोर्ट्स ऑफिसर, श्रीमती श्वेता जौहरी गुप्ता, श्रीमती आस्था श्रीवास्तव, श्रीमती देवश्री चक्रवर्ती उप महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी एवं यूनियन एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं कार्यसमिति व जेसीएम के सदस्य शामिल हुए।
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IAS संतोष वर्मा की जाएगी नौकरी? सीएम के निर्देश पर केंद्र को भेजेंगे बर्खास्तगी का प्रस्ताव |
* मुख्यमंत्री डा मोहन यादव द्वारा संतोष वर्मा प्रकरण का लिया संज्ञान.
* जीएडी को दिये सख़्त कारवाई के निर्देश.
* मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा लिये गये निर्णय-
1. राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिये पदोन्नति फ़र्ज़ी और जाली आदेश तैयार कर ली गई है. विभिन्न न्यायालय में आपराधिक प्रकरण लंबित है. फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों और धोखाधड़ी के आधार पर ली गई आईएएस की पदोन्नति ग़लत है. अतः आईएएस से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केन्द्र शासन को प्रेषित किया जा रहा है.
2. श्री वर्मा के विरूद्ध जाली और फ़र्ज़ी दस्तावेज़ के आधार पर संनिष्ठा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के आरोप के लिये विभागीय जांच अंतिम स्तर पर है. वर्तमान प्रकरण में संतोष वर्मा द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का प्रस्तुत जबाव संतोषजनक नहीं है. उनके द्वारा सतत मर्यादा विहीन वक्तव्य जारी किये जा रहे हैं. अतः उन्हें चार्जशीट जारी करने का निर्णय लिया गया.
3. राज्य शासन द्वारा श्री वर्मा को उप सचिव कृषि विभाग से हटाकर जीएडी पूल में बिना विभाग और बिना कार्य के अटैच करने का निर्णय लिया गया.
