गर्भवती महिलाओं निजात मिल सकेगी
ब्यूरो प्रमुख // संतोष प्रजापति (बैतूल// टाइम्स ऑफ क्राइम)
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बैतूल. महज कमीशन के चक्कर में सीजर आपरेशन के लिए नीजी चिकित्सालयों को रिफर करने वाले चिकित्सको को अब एक सीजर आपरेशन के लिए अतिरिक्त राशी मिलेगी जिसके चलते अब वे किसी भी प्रसुतो को रिफर करने के बजाय स्वंय उसका आपरेशन करेगें। ऐसा करने से प्रसुता एवं उसके परिजनो को आर्थिक त्रासदी और अनावश्क्य भाग दौड़ से भी छुटकारा मिल सकेगा। अब सीजर आपरेशन करने वाले चिकित्सक को प्रति एक प्रसुता के लिए सरकारी मद से दो हजार सात सौ रूपए की अतिरिक्त राशी मिलेगी। सूत्रो ने बताया कि इस योजना से दुरस्थ ग्रामीण क्षेत्रो के सरकारी चिकित्सालों से बेवजह रैफर की जाने वाली गर्भवती महिलाओं निजात मिल सकेगी। चिकित्सको के रवैये एवं कमीशनबाजी से परेशान स्वास्थ्य विभाग अब खुद के स्टाफ से काम करवाने के लिए उन्हें प्रोत्साहन राशि भी देगा। उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत एक सीजर ऑपरेशन करने पर 2700 रुपए दिए जाएंगे। 1 नवंबर से योजना लागू हो चुकी है। इस योजना को प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में सीजर की जल्द शुरुआत हो इसलिए इस योजना को लागू किया जा रहा है। जहां से महिलाओं को अक्सर रैफर कर दिया जाता है। इसलिए ऐसे क्षेत्रों में स्टॉफ को प्रोत्साहन देने के लिए लागू किया गया है। नर्मदापुरम संभाग में इसे पहले चरण में बैतूल के मुलताई, घोड़ाडोंगरी और भैसदेही के विकासखण्ड स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रो में लागू किया जा चुका है। स्वास्थ विभाग केंद्र से मिले यह रुपए खुद के स्टाफ पर खर्च करेगा जो कि वेतन भी हासिल कर रहा हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मप्र में यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है क्योंकि यहां पर सबसे ज्यादा हाई फोकस जिले हैं। योजना के तहत यदि एक चिकित्सालय में औसतन एक प्रसूति भी सीजर से हुई तो 120 संस्थाओं में प्रतिदिन 120 सीजर ऑपरेशन होंगे। यानी प्रतिदिन 3 लाख 24 हजार रुपए खर्च होंगे। इस लिहाज से हर माह 97 लाख 20 हजार रुपए खर्च आएगा।

