
जबलपुर उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय ने बजट सत्र में उठाए क्षेत्र एवं प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दे
जबलपुर // विनय जी. डेविड : 9893221036
लीज-होल्ड मुक्ति, फायर सेफ्टी एक्ट, जबलपुर महोत्सव, पुजारियों के मानदेय सहित कई मांगें रखीं
जबलपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जबलपुर उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत विशाल बजट की सराहना करते हुए अपने क्षेत्र और प्रदेश के विभिन्न जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। डॉ. पाण्डेय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व को विकास भी और विरासत भी की संकल्पना को साकार करने वाला बताते हुए इसे सर्वांगीण विकास का बजट करार दिया।
आज जबलपुर में एक प्रेस वार्ता कर डॉ. अभिलाष पांडे ने जानकारी दी की बजट किसान, युवा, महिला और गरीब हर वर्ग पर फोकस रहा। डॉ. पाण्डेय ने कहा कि लगभग 4.38 लाख करोड़ रुपये का यह बजट पिछले बजट से अधिक है और यह प्रदेश की जनहितैषी सरकार की सोच को दर्शाता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के लिए 15 हजार शिक्षक एवं 22 हजार पुलिस भर्ती नौकरियों को बड़ी सौगात ओर ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए भारी-भरकम निवेश (31,953 करोड़ शिक्षा व 24,144 करोड़ स्वास्थ्य) से प्रदेश का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। इसके अलावा, तलाकशुदा एवं विधवा महिलाओं के लिए पेंशन की घोषणा को सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया। किसानों के हित में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित करने और कृषि क्षेत्र के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का भी उन्होंने स्वागत किया।
क्षेत्रीय विकास पर विशेष जोरः सीसी रोड, ओवरब्रिज और ई-बस
जबलपुर उत्तर मध्य विधानसभा के परिप्रेक्ष्य में विधायक डॉ. पाण्डेय ने बताया कि बजट में उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम मिला है:
मेहता पेट्रोल पंप से अग्रसेन चौक तक 17 करोड़ रुपये की लागत से सीसी रोड का निर्माण किया जाएगा, जिससे आवागमन में सुगमता होगी और ट्रैफिक दबाव कम होगा।
पिछले बजट में आई.टी.आई. से दीनदयाल ओवरब्रिज के लिए 371 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं, जिसका काम जल्द ही शुरू होगा।
प्रदेश सरकार द्वारा ई-बसों के संचालन की घोषणा से व्यापारिक केंद्र उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र में आवागमन को और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
लीज-होल्ड भूमि को फ्री होल्ड कराने में मिली बड़ी सफलता
डॉ. पाण्डेय ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न (क्र. 1411) के माध्यम से अपने क्षेत्र के सुभद्रा कुमार चौहान, भवानी प्रसाद तिवारी, स्वामी दयानंद सरस्वती एवं राममनोहर लोहिया वार्डों में निवासरत लगभग 5,000 परिवारों की लीज होल्ड भूमि की समस्या को प्रमुखता से उठाया। डॉ. पाण्डेय के इस मुद्दे पर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने आश्वासन दिया कि आगामी तीन माह के भीतर नियमों को सरल बनाते हुए लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड करने की कार्यवाही पूर्ण कर ली जाएगी। डॉ. पाण्डेय ने पिछले एक वर्ष से इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष किया था और इस निर्णय को क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत बताया।
फायर सेफ्टी एक्ट की मांग पर मिला आश्वासन
लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं को देखते हुए डॉ. पाण्डेय ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि घने बसाहट वाले क्षेत्रों जैसे बड़ा फुहारा, गढ़ाफटक, सराफा, कच्छियाना, मिलौनीगंज, निवाड़गंज आदि में फायर ब्रिगेड की पहुंच मुश्किल है, ऐसे में एक सुदृढ़ फायर सेफ्टी एक्ट और अनिवार्य फायर ऑडिट की अत्यंत आवश्यकता है एवं क्षेत्रीय आधार पर फायर स्टेशन को बनाने की मांग की इस मुद्दे पर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने आश्वासन दिया कि केंद्र के मॉडल एक्ट के आधार पर मध्यप्रदेश का फायर सेफ्टी एक्ट अगले 2-3 महीनों में लाकर प्रस्तुत कर दिया जाएगा। डॉ. पाण्डेय ने इसे प्रदेशवासियों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
विरासत संरक्षण और स्थानीय मांगें
डॉ. पाण्डेय ने प्रदेश सरकार द्वारा महाकाल लोक, ओरछा लोक, रानी दुर्गावती स्मारक (जबलपुर), संत रविदास मंदिर (सागर) और राम वन गमन पथ जैसी परियोजनाओं की सराहना की। उन्होंने जबलपुर से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगें रखींः
1. जबलपुर महोत्सवः हनुमानताल (बड़ी खेरमाई) पर दो दिवसीय श्जबलपुर महोत्सवश् के आयोजन का प्रस्ताव रखा।
2. नगर नामकरणः ऋषि जबालि की तपोस्थली होने के कारण जबलपुर का नाम श्जबालि ऋषिश के नाम पर किए जाने की मांग की।
3. मंदिरों में पुजारियों का मानदेयः प्रदेश के मंदिरों में नियुक्त पुजारियों और पंडितों के लिए उचित मानदेय की व्यवस्था किए जाने का सुझाव दिया।
सामाजिक सरोकार के विषय में ध्यानाकर्षण
बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक सरोकार के विषय को रखते डॉ अभिलाष पाण्डेय ने कहा कि आजकल कम आयु से ही बच्चों में मोबाइल की लत लगना आम बात हो गई है साथ ही कम आयु में बच्चों को आंखों में मायोपिया की समस्या होना आम बात बन चुकी हैं जिसके लिए डॉ पाण्डेय ने रिसर्च से हवाले से बताया कि गर्भावस्था के दौरान माताओं के द्वारा जिस प्रकार का व्यवहार और वातावरण में रहा जाता है उसका सीधा प्रभाव संतान पर होता है इसके लिए डॉ पाण्डेय ने महाभारत के अभिमन्यु का उदाहरण भी दिया इसलिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को स्क्रीन टाइम कम रखने को लेकर जागरूकता एवं एडवायजरी जारी करने की बात कही।
विगत सत्र में भी डॉ पाण्डेय के द्वारा जंक फूड एवं उनमें प्रयोग किए जाने वाले अजीनोमोटो के लिए जांच और सख्ती बरतने की मांग की थी जिसे लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में फूड सेफ्टी ऑफिसर की भर्ती निकली है।
औद्योगिक नीति पर चर्चाः रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की सफलता पर जोर
बजट पर चर्चा के दौरान डॉ. पाण्डेय ने औद्योगिक नीति निवेश प्रोत्साहन विषय उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू किए गए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के मॉडल को ऐतिहासिक नवाचार बताया, जिसकी सफलता को देखते हुए अब अन्य राज्य भी इसे अपना रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन कॉन्क्लेव के माध्यम से अब तक लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित हुआ है और 2.74 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केवल उत्पादन (प्रोडक्शन) का हब न बनकर प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) का हब बने, यही सरकार की परिकल्पना है।
विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय ने सभी मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाने और सकारात्मक आश्वासन मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा एवं सम्बंधित मंत्रियों का आभार व्यक्त किया।
