![]() |
विभागीय योजनाओं का नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें - संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह |
सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे (https://timesofcrime.com/ ) जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036
जबलपुर. संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संभाग के सभी कलेक्टरों से शासन के कार्यक्रमों एवं प्राथमिकता अभियानों के संबंध में चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस बिंदुओं के पालन प्रतिवेदन पर विस्तार से चर्चा कर प्रगति का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने राजस्व एवं सामान्य प्रशासन से जुड़े मामलों, जिसमें राजस्व न्यायालयों के लंबित प्रकरण, सीएम हेल्पलाईन, सीपीग्राम, सीएम तथा सीएस मॉनिट, लोक सेवा गारंटी, जीएडी, लोकायुक्त कार्यालय से प्राप्त शिकायतों, लंबित विभागीय जांचों, अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन प्रकरणों पर समीक्षा कर इन्हें समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मनरेगा योजना की समीक्षा के दौरान निर्धारित लेबर बजट एवं विगत वर्षों के अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत स्वीकृत एवं पूर्ण आवासों की जिले वार समीक्षा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कृषि एवं कृषि संबद्ध विभागों की कृषि वर्ष 2026 की कार्ययोजना की जिलेवार समीक्षा की गई। जिसमें मुख्य रूप से पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, हिरण्यगर्भा अभियान एवं क्षीरधारा ग्राम योजना के अलावा मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने की समीक्षा की गई। साथ ही धान उपार्जन उपरांत उपार्जित धान के भंडारण एवं परिवहन के साथ रबी सीजन के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज एवं खाद की उपलब्धता की भी समीक्षा की।
नगरीय प्रशासन विभाग अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में एसबीएम 2.0 और अमृत 2.0 प्रोजेक्ट अंतर्गत लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये गये। उन्होंने उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान डीएलसीसी बैठक अंतर्गत चिन्हित विभिन्न योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संभागायुक्त श्री सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की विभागीय योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान जिले के कलेक्टर्स एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी वर्चुअली रूप से सम्मलित रहे।


No comments:
Post a Comment