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बालाघाट। ब्यूरो प्रशासनिक अमले ने शुक्रवार को जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक लिल्हारे के निज निवास पर अवैध तरीके से चल रहे नर्सिंग होम को सील बंद करने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान डॉक्टर अशोक लिल्हारे के मौके पर मौजूद न होने के कारण एसडीएम ने सील करने की कार्रवाई के बाद ताले की एक चाबी को डीआईओं डॉक्टर परेश उपलव को सौंप दी है। गुरुवार को कलेक्टर भरत यादव द्वारा डॉक्टर अशोक लिल्हारे के निवास स्थान पर चल रहे नर्सिंग होम को सील करने के आदेश के बाद डॉक्टर ने घर के बाहर एक चस्पा लगवा दिया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि डॉक्टर साहब बाहर हैं। 11 तारीख के बाद मिलेंगे। इसपर एसडीएम कामेश्वर चौबे ने कहा कि गलत काम करने के बाद गायब हुए है ऐसे में कार्रवाई तो करनी ही पड़ेगी। यह है पूरा मामला डॉ. अशोक लिल्हारे के निजी निवास में नर्सिग होम का संचालन करने की शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केके खोसला व बालाघाट एसडीएम कामेश्वर चौबे को जांच करने कहा गया था। जांच दल ने 23 सितबंर को डॉ.अशोक लिल्हारे के निजी निवास पर जांच के दौरान पाया था कि डॉ. अशोकर लिल्हारे अपने घर पर नियम विरुद्घ नर्सिंग होम का संचालन कर रहे हैं। इसपर 06 अक्टूबर को कलेक्टर ने डॉ. लिल्हारे के निवास पर संचालित नर्सिंग होम को सील बंदकरने का आदेश देकर एसडीएम कामेश्वर चौबे के नेतृत्व में तहसीलदार एसआर वर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक गौतम का दल गठन किया। उन्होंने डॉक्टर परेश उपलव की मौजूदगी में डॉक्टर अशोक लिल्हारे के निर्सिंग होम को सील करने की कार्रवाई की।

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