भारत में 2014 में प्रवेश कर चुका है, और शिक्षा और तकनीक के विकास के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। समाज में बेटों के साथ बेटियां भी हर कदम पर अपनी पहचान बना रही है। समाज की बेटियां ना सिर्फ लड़कों के साथ कदम मिला कर चल रही है, बल्कि उनसे आगे निकल रही है। लेकिन आज भी समाज की कुछ प्रथाएं लड़कियों को आगे नहीं निकलने देना चाहती। हर लड़की का सपना होता है की उसकी शादी धूम-धाम से हो।
हमारे यहां शादी का मतलब सात जन्मों का बंधन होता है। शादी से सिर्फ दो लोग ही नहीं बल्कि दो परिवार जुड़ जाते हैं। लेकिन हमारे देश के हर हिस्से में कुछ अनोखी लोक परंपराएं प्रचलित हैं ये परंपराएं ऐसी हैं जो कई बार तो इतनी अजीब होती हैं कि समझ ही नहीं आता कि इन्हे अंधविश्वास माने या परंपरा। झारखंड के ग्रामीण इलाकों में कुछ ऐसी ही परंपरा प्रचलित है। इस परंपरा के अंतर्गत लड़की की शादी इंसान से नहीं कुत्ते से करवाई जाती है।
अंधविश्वास की इस कहानी में एक छोटी से बच्ची की शादी इसलिए कुत्ते से करा दी जाती है क्योकि वहां रहने वाले लोग मानते हैं की बचपन से बदसूरत होने का कारण किसी तरह के भूत का साया है। जिससे छुटकारा दिलाने के लिए ऐसी प्रथा चली आ रही है।
ashish khanna shujalpur

