नीमच। हनी ट्रेप गिरोह के मुख्य सरगना अविनाश जाजपुरा की कलेक्ट्रेट चौराहे के समीप ग्रीन बेल्ट की भूमि पर स्कीम नंबर३६ में लगी अवैध गुमटी को नगरपालिका प्रशासन ने शुक्रवार को हटा दिया। लंबे समय से अवैध गुमटी लगाकर आरोपी जाजपुरा यहां पर हनी ट्रेप सहित कई अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। बीज व्यापारी की शिकायत पर नीमच कैंट पुलिस ने हनी ट्रेप सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले में नरेंद्र गेहलोत सहित नौ आरोपी गिरफ्तार हो चुके है, लेकिन अविनाश जाजपुरा व दिलीप भारद्वाज व अन्य आरोपी अभी तक फरार है। सबसे बड़ी बात है कि अवैध तरीके से लंबे समय से इन लोगों ने गुमटी लगा रखी थी, लेकिन प्रशासन ने कभी इसको हटाने की जहमत नहीं उठाई।
नगर पालिका अधिकारी विश्वास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर हुई शिकायतों के चलते आज नगर पालिका द्वारा अवैध गुमटिया हटाने की कार्रवाई की है। नगर पालिका द्वारा जवाहर नगर एवं 36 नंबर ग्रीन बेल्ट के समीप से लगभग 4 गुमटिया हटाई है। यह कार्यवाही शाम तक जारी रहेगी, जसमें अन्य गुमटिया भी हटाई जानी है। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका के स्वस्थ अधिकारी विश्वास शर्मा, राजस्व अधिकारी दिनेश चांदना,ओपी परमार सहित बड़ी संख्या में नपाकर्मी स्कीम नंबर- 36 स्थित मुख्य चौराहे पर पहुंचे थे। जिसके बाद यहां मौजूद एक लाइन से जमी गुमटियों को जसीबी की मदद से हटाया गया, और ट्रैक्टर में लोड कर नियत स्थान पर पहुंचाया गया।
हनी ट्रेप के मामले में आरोपी नरेंद्र गहलोत सहित पांच जेल में बंद
नीमच जिले में हनी ट्रेप में लोगों को फंसाकर पैसे वसूलने का गंदा खेल खेलने वाले एवं ब्लैकमेलिंग कर लोगों से वसूली करने वाले तीन फर्जी पत्रकारों के गिरोह के मुख्या नरेंद्र गेहलोत व दो महिला आरोपी सहित पांच को गिरफ्तार कर कैंट पुलिस ने सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। जिन्हें न्यायालय ने २६ अक्टूबर को जेल भेज दिया। आपको बता दें कि दिनांक 30 सितंबर २०21 की शाम करीब 6 बजे सांध्य दैनिक जय मालवा के पत्रकार अरूण पिता रमेशचन्द्र यादव जाति जाटव को आरोपी नरेन्द्र पिता हरीराम गेहलोत अपनी कार पर सवार होकर होटल भारत पेलेस के पास से बहला फुसला कर बिठा कर इंदिरा नगर के पीछे सांवरिया कॉलोनी निवास पर ले गया था। जहां पहले से मौजुद आरोपीगण अविनाश पिता कुबैरकांत जाजपुरा एवं दिलीप पिता मनोहर भारद्वाज पत्रकार अरूण यादव को कमरे में बंधक बनाकर मारपीट करते है। इतने में कमरे में पहले से मौजुद नरेन्द्र गेहलोत की तीन लड़किया भी अरूण यादव के हाथ पकड़ लेती है, और बलात्कार के झुठे आरोप में फंसाने की धमकी देती है और दिलीप भारद्वाज अपने मोबाईल से अरूण यादव के साथ कारीत घटनाक्रम का वीडियो भी बनाता है और धमकी देता है कि आज तुझे यही जान से खत्म कर देंगे। इतने में नरेन्द्र गेहलोत घर में रखी पिस्टल अपनी लडक़ी से मंगवाता है और अरूण यादव के सर पर तान देता है। अविनाश और दिलीप भारद्वाज, अरूण यादव को अभद्र और जातिसूचक गालिया देते है। जिसके बाद अरूण यादव के मोबाईल पर उनके मित्र का कॉल आता है, डरी सहमी आवाज में अरूण यादव नरेन्द्र गेहलोत के घर जल्दी आने की बात अपने मित्र से कहते है, इतने में नरेन्द्र गेहलोत की ल?कीया अरूण यादव का मोबाईल छीन लेती है और नरेन्द्र गेहलोत घर में पड़ी बियर की बोटल को फोडक़र अरूण यादव के पेट के करीब लाकर डराता-धमकाता है। उक्त घटना के बीच जब अरूण यादव के मोबाईल पर जिस मित्र का फोन आता है उन्हे वहां हो रही चिल्लाचोट की आवाज से आभास हो जाता है कि अरूण यादव के साथ कुछ तो घटनाक्रम घटित हो रहा है। आनन-फानन में अरूण यादव के मित्र नरेन्द्र गेहलोत के निवास पर पहुंचते है, लेकिन घर के बाहर पहले से मौजूद नरेन्द्र की लडकी उन्हे भी डरा-धमका कर वहां से रवाना कर देती है। अरूण यादव के मित्र के वहां से चले जाने से अविनाश जाजपुरा और दिलीप भारद्वाज कहते ही कि आज तो इसे छोड़ दो, अगली बार हत्थे चढ़ा तो जान से मार देंगे। इतने में नरेन्द्र गेहलोत बोलता है कि पुलिस के पास जायेगा तो तेरे घर अफीम रखवा देंगे। इसलिए खेरियत में रहकर यहां से चुपचाप निकल जा, और घर के बाहर भी किसी को यहां के घटनाक्रम का पता नही चलना चाहिए, इसलिए गले मिलते हुए जा। इतने में नरेन्द्र एक लडक़ी भी घर के बाहर आती है और अरूण यादव को उनका मोबाईल हाथ में थमाकर अंदर चली जाती है। पत्रकार अरूण यादव घटनाक्रम वाले दिन ही नरेन्द्र के घर से कुछ दुर छुपकर डायल-100 बुलाते है ओर सिधे पुलिस थाने पहुंचकर सारे घटनाक्रम से अवगत करवाते है, तीनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया था। वहीं दिनांक ८ अक्टूबर २०२१ को बीज व्यापारी रविंद्र पालीवाल ने आरोपीगणों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कराया था कि यशोदा बाई उसके यहां बीज खरीदने आई और उससे परिचय बढ़ाकर नंबर लेकर गई थी। जिसके बाद फोन पर बातचीत करना शुरू कर दिया और मिलने बुलाया। इस दौरान उसका पति आ गया और उसकी पत्नी से बातचीत करने का आरोप लगाकर मारपीट करने लगा। तभी कथित पत्रकार नरेंद्र गेहलोत आया और दोनों पहचानते हुए समझौत की बात करते हुए पांच लाख की डिमांड रखी, जिसमें करीब १.९० लाख वसूल भी कर लिए। इस पर पुलिस ने हनीट्रेप और ब्लेकमेलिंग का प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।
फरारआरोपियों की संपत्ति कुर्क की तैयारी
हनी ट्रेप के माध्यम से लोगों से लाखों की वसूली करने एवं पत्रकार अरूण यादव के साथ मारपीट की घटना के मामले में फर्जी पत्रकार अविनाश जाजपुरा, दिलीप भारद्वाज लंबे समय से फरार है। नीमच कैंट पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दे रही है, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल रहा है। ऐसी स्थिति में पुलिस फरार आरोपियों की चल—अचल संपत्ति कोर्ट से कुर्क करवाने की तैयारी शुरू कर है। पुलिस ने आरोपी दिलीपसिंह पिता मनोहरसिंह भारद्वाज निवासी खेरमालिया छोटीसादडी की चल—अचल संपत्ति की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए ग्राम पंचायत खेरमालिया को पत्र भेजा है। इसी प्रकार अविनाश जाजपुरिया के लिए नीमच नगरपालिका व पंजीयक विभाग को सूचना पत्र भेजा है।
- राकेश मोहन शुक्ल, सीएसपी नीमच।
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