Friday, January 16, 2026

भ्रष्टाचार के मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की कोई आवश्यकता नहीं : माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया


भ्रष्टाचार के मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की कोई आवश्यकता नहीं  : माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया

जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036


भ्रष्टाचार के मामले में प्रारंभिक जांच जरूरी नहीं :- माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया

(भ्रष्टाचार में लिप्त लोक सेवकों के विरुद्ध तेजी से होगी कार्रवाई लगेगी भ्रष्टाचार पर लगाम)

शक्ति उजाला

SUPREME COURT OF INDIA

विनोद कुमार गौत्रा

SUPREME COURT OF INDIA

CRIMINAL APPELLATE JURISDICTION

CRIMINAL APPEAL

NO(S) 5001 OF2024

(ARISING OUT OF SLP(CRIMINAL)NO(S) 13264 OF 2024

केस टाइटल स्टेट ऑफ कर्नाटक सरकार, टी एन सुधाकर रेड्डी

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की कोई आवश्यकता नहीं, भ्रष्टाचार के मामले में किसी लोक सेवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रारभिक जाँच जरूरी नहीं न सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश न दीपांकर दत्ता और संदीप मेहता की खंडपीठ ने कर्नाटक सरकार बनाम टी एन सुधाकर रेड्डी पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। इसके साथ सिर्फ अदालत ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने से पहले किसी आरोपी के पास प्रारंभिक जांच का दावा करने का कोई कानूनी अधिकार भी नहीं हो सकता। 

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश उन सभी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा झटका है जो भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच करने का बहाना बनाकर अपने खिलाफ कार्रवाई से बचा करते थे। हालाकि PC Act के तहत आने वाले मामलों सहित कुछ श्रेणियां के मामलों में प्रारंभिक जाँच वांछनीय है लेकिन यह न तो आरोपी का निहित अधिकार है और न ही आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए अनिवार्य शर्त है, अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कुछ मामलों में प्रारंभिक जाँच वांछनीय है, लेकिन आपराधिक मामला दर्ज करने की है कोई शर्त अनिवार्य नहीं है। भ्रष्टाचारः इसके अलावा भ्रष्टाचार के मामलों में एफआईआर दर्ज करने से पहले और आरोपी को प्रारभिक जांच का दावा करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कुछमामलों में प्रारंभिकजांच में

उस घटित हैलेकिन आपराधिक मामला दर्ज करने की है तो कोई शर्त अनिवार्य नहीं है न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि प्रारंभिक जांच का उद्देश्य प्राप्त सूचना की सत्यता की पुष्टिकरना नहीं है बल्कि केवल यह पता लगाना है कि क्या सूचना से किसी संज्ञेय अपराध के होने का पता चलता है पीठ ने 17 फरवरी को अपने फैसले में यह भी कहा कि यदि किसी वरिष्ठ अधिकारी केद्वारा पास विस्तृत एवं तर्कपूर्ण सूचना और इसके बारे में कोई भी विवेकशील व्यक्ति यह विचार कर सकता है की प्रथम दृष्टि यह संज्ञेय अपराध का खुलासा करती है तो प्रारंभिक जांच से बचा नहीं जा सकता है। 

कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (PCAct) के तहत विशेष रूप से धारा 13 (1) (बी) और धारा 12 के साथ धारा 13 (2) के तहत उनके खिलाफ FIR दर्ज की। कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऋकफ खारिज की, जिसके कारण कर्नाटक राज्य ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। पिछले कुछ निर्णय का हवाला दियाः शीर्ष अदालत ने कर्नाटक सरकार की याचिका पर अपना फैसला सुनाया याचिका 04 मार्च 2024 हाईकोर्ट कर्नाटका AT BANGALURU, CRIMINAL PETITION NO. 13460 OF 2023 के फैसले को चुनौती दी गई थी, हाई कोर्ट ने कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस थाने के एक अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार के तहत दर्ज प्राथमिकी को खारिज कर दिया था, लोकायुक्त पुलिस थाने के अफसर पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि इन सिद्धांतों को इस मामले के लागू करने पर यह स्पष्ट है कि

भ्रष्टाचार के आरोपी अफसर के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए प्रारंभिक जांच करना अनिवार्य नहीं है। हाईकोर्ट के निर्णय को निरस्त करते हुए जस्टिस मेहता द्वारा लिखित निर्णय ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो बनाम थोम्मांडू हन्ना विजयलक्ष्मी के निर्णय में निर्धारित कानून को दोहराया, जिसमें कहा गया कि जब ऋकफ रजिस्ट्रेशन के लिए सूचना के स्रोत से संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो आरोपी प्रारंभिक जांच को अधिकार के रूप में नहीं मान सकता।

 न्यायालय ने प्रतिवादी द्वारा ललिता कुमारी के मामले पर भरोसा करना गलत पाया, क्योंकि ललिता कुमारी के मामले में भ्रष्टाचार सेसंबंधित मामलों में प्रारंभिक जांच अनिवार्य नहीं थी, बल्कि मामले के तथ्यों या परिस्थितियों के आधार पर जांच एजेंसी के विवेक पर छोड़ दिया गया, जब सूचना के स्रोत से संज्ञेय मामले का खुलासा नहीं होता।

 ललिता कुमारी के मामले पर भरोसा करते हुए अदालत ने टिप्पणी की, यह माना गया कि यदि पुलिस अधिकारी/जांच एजेंसी द्वारा प्राप्त सूचना से संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो प्रारंभिक जांच अनिवार्य नहीं है। हालांकि, अगर प्रारंभिक जांच की जाती है तो इसका दायरा यह निर्धारित करने तक सीमित होता है कि क्या सूचना प्रथम दृष्टया किसी संज्ञेय अपराध के होने का खुलासा करती है। इसकी सत्यता की पुष्टि तक विस्तारित नहीं होती है। प्रारंभिक जांच की आवश्यकता प्रत्येक मामले के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, भ्रष्टाचार के मामले ऐसी श्रेणी में आते हैं, जहां प्रारंभिक जांच 'की जा सकती है'। 

इसके अलावा, इस बात की पुष्टि करते हुए कि स्रोत सूचना रिपोर्ट प्रारंभिक जांच का विकल्प हो सकती है, अदालत ने स्रोत सूचना रिपोर्ट का अध्ययन करने पर पाया कि यह प्रारंभिक जांच के रूप में काम करने के लिए पर्याप्त विस्तृत थी, क्योंकि इसमें प्रतिवादी की संपत्ति और आय विसंगतियों का व्यापक विवरण दिया गया। 

उपर्युक्त के संदर्भमें, अदालत ने राज्य की अपील को स्वीकार कर लिया और प्रतिवादी के खिलाफ ऋकफ बहाल की, जिसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। राष्ट्रीय शक्ति उजाला समाचार पत्र का विशेष प्रकाशन आमजन मानस को जानकारी एवं जनता में प्रचार प्रसार करना है

No comments:

Post a Comment

Popular Posts

dhamaal Posts

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

ANI NEWS INDIA

‘‘ANI NEWS INDIA’’ सर्वश्रेष्ठ, निर्भीक, निष्पक्ष व खोजपूर्ण ‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया ऑनलाइन नेटवर्क’’ हेतु को स्थानीय स्तर पर कर्मठ, ईमानदार एवं जुझारू कर्मचारियों की सम्पूर्ण मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले एवं तहसीलों में जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों / संवाददाताओं की आवश्यकता है।

कार्य क्षेत्र :- जो अपने कार्य क्षेत्र में समाचार / विज्ञापन सम्बन्धी नेटवर्क का संचालन कर सके । आवेदक के आवासीय क्षेत्र के समीपस्थ स्थानीय नियुक्ति।
आवेदन आमन्त्रित :- सम्पूर्ण विवरण बायोडाटा, योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के स्मार्ट नवीनतम 2 फोटोग्राफ सहित अधिकतम अन्तिम तिथि 30 मई 2019 शाम 5 बजे तक स्वंय / डाक / कोरियर द्वारा आवेदन करें।
नियुक्ति :- सामान्य कार्य परीक्षण, सीधे प्रवेश ( प्रथम आये प्रथम पाये )

पारिश्रमिक :- पारिश्रमिक क्षेत्रिय स्तरीय योग्यतानुसार। ( पांच अंकों मे + )

कार्य :- उम्मीदवार को समाचार तैयार करना आना चाहिए प्रतिदिन न्यूज़ कवरेज अनिवार्य / विज्ञापन (व्यापार) मे रूचि होना अनिवार्य है.
आवश्यक सामग्री :- संसथान तय नियमों के अनुसार आवश्यक सामग्री देगा, परिचय पत्र, पीआरओ लेटर, व्यूज हेतु माइक एवं माइक आईडी दी जाएगी।
प्रशिक्षण :- चयनित उम्मीदवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण भोपाल स्थानीय कार्यालय मे दिया जायेगा, प्रशिक्षण के उपरांत ही तय कार्यक्षेत्र की जबाबदारी दी जावेगी।
पता :- ‘‘ANI NEWS INDIA’’
‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया नेटवर्क’’
23/टी-7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, प्रेस काम्पलेक्स,
नीयर दैनिक भास्कर प्रेस, जोन-1, एम. पी. नगर, भोपाल (म.प्र.)
मोबाइल : 098932 21036


क्र. पद का नाम योग्यता
1. जिला ब्यूरो प्रमुख स्नातक
2. तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / हायर सेकेंडरी (12 वीं )
3. क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
4. क्राइम रिपोर्टरों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
5. ग्रामीण संवाददाता हाई स्कूल (10 वीं )

SUPER HIT POSTS

TIOC

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

''टाइम्स ऑफ क्राइम''


23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1,

प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011

Mobile No

98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।

http://tocnewsindia.blogspot.com




यदि आपको किसी विभाग में हुए भ्रष्टाचार या फिर मीडिया जगत में खबरों को लेकर हुई सौदेबाजी की खबर है तो हमें जानकारी मेल करें. हम उसे वेबसाइट पर प्रमुखता से स्थान देंगे. किसी भी तरह की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा.
हमारा mob no 09893221036, 8989655519 & हमारा मेल है E-mail: timesofcrime@gmail.com, toc_news@yahoo.co.in, toc_news@rediffmail.com

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1, प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011
फोन नं. - 98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।





Followers

toc news