
सर्दी जुखाम, वायरल बुखार, इन्फेक्शन और ठंड लगने के कारण अक्सर गले में कफ का बनना की शिकायत होने लगती है। लगातार नाक बहना, छाती (सीने) और गले में कुछ जमा हुआ महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ होना, गले में खराश खिचखिच रहना, छाती जाम होना, ये सब कफ के लक्षण होते है। गले की बलगम से छुटकारा पाने और बलगम वाली खांसी को दूर करने के लिए कुछ लोग दवा और सिरप का सहारा लेते है पर देसी इलाज और आयुर्वेदिक उपचार अपना कर आसान तरीके से कफ निकालने के घरेलू उपाय किये जा सकते है। छाती में कफ के लक्षण सांस लेने और खाँसने पर घरघराहट की आवाज आना गले में खराश रहना बलगम वाली खांसी होना! सीने में जकड़न और दर्द महसूस होना! लगातार छीकें आना और सांस लेने में तकलीफ होना1 1. गले की बलगम का देसी इलाज करने के लिए दो कप पानी में 30 काली मिर्च पीस कर उबालें, जब पानी एक चौथाई रह जाये तब इसे छान कर इसमें 1 चम्मच शहद मिलाये और सुबह शाम इसका सेवन करे। इस होम रेमेडीज से कफ वाली खांसी और कफ दोनों से छुटकारा मिलता है। 2. लहसुन खाने से गले में जमा कफ बाहर निकलता है, इस desi nuskhe से टी. बी. के रोग में भी राहत मिलती है। 3. अदरक छील कर इसका छोटा टुकड़ा मुंह में रख कर चूसने से कफ आसानी से बाहर निकल जाती है। 4. छोटे बच्चे की छाती में जमा कफ (baby cough) निकालने के लिए गाय के घी बच्चे की छाती पर मले। इस उपाय से जमा हुआ बलगम बाहर निकल जाता है। 5. एक चम्मच शहद और 2 चम्मच निम्बू का रस गर्म पानी में मिला कर पिए। इस उपाय से गला साफ़ होगा क्यूंकि नींबू बलगम को काटने का काम करेगा और शहद से गले को आराम मिलेगा। 6. कफ का आयुर्वेदिक रामबाण इलाज, गले में बलगम, खांसी, छाले, खराश, जलन, दर्द, टॉन्सिल और गले की कोई भी समस्या हो कच्ची हल्दी का रस मुंह खोल कर गले में डालें और कुछ समय चुप बैठे। जैसे ही ये रस गले से निचे उतरेगा परेशानी कम होने लगेगी। छोटे बच्चों को जब टॉन्सिल्स का दर्द हो तो ये उपाय जरूर करे। गले के रोग का उपचार के लिए ये अचूक दवा है।

No comments:
Post a Comment