पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल ने मंगलवार शाम यहां आत्महत्या कर ली थी। वे एक रैंक एक पेंशन के लिए आंदोलन करने वाले पूर्व सैनिकों में शामिल थे। उनका शव पोस्टमार्टम के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। राहुल गांधी और सिसोदिया वहीं गए थे। दोनों को हिरासत में लेने की जानकारी स्पेशल कमिश्नर एमके मीणा ने दी। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में प्रदर्शन की इजाजत नहीं होती, इसीलिए दोनों को हिरासत में लिया गया।
स्पेशल कमिश्नर एमके मीणा ने कहा कि हॉस्पिटल में प्रदर्शन और राजनेताओं से मिलने की वजह से सैन्यकर्मी के परिवार को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मतलब ये नहीं होता कि काम-काज में व्यवधान खड़ा किया जाए। पुलिस अफसर ने कहा कि राजनेताओं को ये बात समझनी चाहिए।
न मिलने दिए जाने पर भड़के राहुल
आत्महत्या करने वाले सैन्यकर्मी के परिवार से न मिलने दिए जाने पर राहुल गांधी भड़क गए। राहुल ने कहा कि एक अलग तरह का हिंदुस्तान बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में पहली बार सेना के परिवारवालों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इस देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है। राहुल ने इसके बाद ट्वीट भी किया कि मैं पीएम से अपील करता हूं कि वो वन रैंक वन पेंशन को अर्थपूर्ण तरीके से लागू करें।
आत्महत्या करने वाले सैन्यकर्मी के परिवार से न मिलने दिए जाने पर राहुल गांधी भड़क गए। राहुल ने कहा कि एक अलग तरह का हिंदुस्तान बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में पहली बार सेना के परिवारवालों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इस देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है। राहुल ने इसके बाद ट्वीट भी किया कि मैं पीएम से अपील करता हूं कि वो वन रैंक वन पेंशन को अर्थपूर्ण तरीके से लागू करें।
सिसोदिया ने किया ट्वीट-
सिसोदिया ने ट्वीट किया, "एक पूर्व सैनिक ने केंद्र सरकार की कार्रवाई की वजह से आत्महत्या कर ली और मुझे उसके परिवार से बात करने पर हिरासत में ले लिया गया। यह तो अति है।" सिसोदिया ने कहा, "प्रधानमंत्री जवानों की बहादुरी का श्रेय लेने में व्यस्त हैं और आज एक पूर्व सैनिक ने आत्महत्या कर ली। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? "
सिसोदिया ने ट्वीट किया, "एक पूर्व सैनिक ने केंद्र सरकार की कार्रवाई की वजह से आत्महत्या कर ली और मुझे उसके परिवार से बात करने पर हिरासत में ले लिया गया। यह तो अति है।" सिसोदिया ने कहा, "प्रधानमंत्री जवानों की बहादुरी का श्रेय लेने में व्यस्त हैं और आज एक पूर्व सैनिक ने आत्महत्या कर ली। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? "
केजरीवाल ने गुंडागर्दी का आरोप लगाया
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिसोदिया को हिरासत में लिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना लगाया। केजरीवाल ने कहा, "मनीष सिसोदिया को हिरासत में लिया गया? वह मृतक राम किशन जी के परिवार से मिलने गए थे। वह एक चुने हुए उप मुख्यमंत्री हैं। आपके साथ क्या समस्या है मोदी जी? इतना असुरक्षित?" केजरीवाल ने कहा, "क्या एक उप मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया जाएगा जब वह अपने राज्य के एक मृतक के परिवार से शोक संवेदना जताने गया हो? यह गुंडागर्दी की सीमा है, मोदी जी?"
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिसोदिया को हिरासत में लिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना लगाया। केजरीवाल ने कहा, "मनीष सिसोदिया को हिरासत में लिया गया? वह मृतक राम किशन जी के परिवार से मिलने गए थे। वह एक चुने हुए उप मुख्यमंत्री हैं। आपके साथ क्या समस्या है मोदी जी? इतना असुरक्षित?" केजरीवाल ने कहा, "क्या एक उप मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया जाएगा जब वह अपने राज्य के एक मृतक के परिवार से शोक संवेदना जताने गया हो? यह गुंडागर्दी की सीमा है, मोदी जी?"
पार्क में जहर खाकर की आत्महत्या
सशस्त्र बलों के लिए वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की मांग के लिए प्रदर्शन में शामिल एक पूर्व सैन्यकर्मी ने मंगलवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी के एक पार्क में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बुधवार को बताया कि राम किशन ग्रेवाल ने आत्महत्या से संबंधित एक चिट्ठी लिखी है, लेकिन उसमें क्या लिखा है, यह पता नहीं चला है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "वह अन्य पूर्व सैन्य कर्मियों के साथ मिलकर कल (मंगलवार) लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को एक ज्ञापन सौंपने गए थे। बाद में एक पार्क में उन्होंने जहर खा लिया।"
रक्षा मंत्री को लिखा था पत्र
उन्होंने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को 31 अक्टूबर को एक पत्र लिखा था, जिसके अनुसार ग्रेवाल सूबेदार थे और उन्होंने छह सालों तक 105 इंफैंटरी बटालियन (टी.आर.) राजस्थान राइफल्स में सेवा की थी। उन्होंने पत्र में लिखा था, "वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत हमसे (पूर्व सैन्यकर्मियों) जो वादा किया गया था, वह हमें नहीं दिया गया। न ही हमें छठे और सातवें वेतन आयोग के लाभ मिले हैं।"
सशस्त्र बलों के लिए वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की मांग के लिए प्रदर्शन में शामिल एक पूर्व सैन्यकर्मी ने मंगलवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी के एक पार्क में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बुधवार को बताया कि राम किशन ग्रेवाल ने आत्महत्या से संबंधित एक चिट्ठी लिखी है, लेकिन उसमें क्या लिखा है, यह पता नहीं चला है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "वह अन्य पूर्व सैन्य कर्मियों के साथ मिलकर कल (मंगलवार) लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को एक ज्ञापन सौंपने गए थे। बाद में एक पार्क में उन्होंने जहर खा लिया।"
रक्षा मंत्री को लिखा था पत्र
उन्होंने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को 31 अक्टूबर को एक पत्र लिखा था, जिसके अनुसार ग्रेवाल सूबेदार थे और उन्होंने छह सालों तक 105 इंफैंटरी बटालियन (टी.आर.) राजस्थान राइफल्स में सेवा की थी। उन्होंने पत्र में लिखा था, "वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत हमसे (पूर्व सैन्यकर्मियों) जो वादा किया गया था, वह हमें नहीं दिया गया। न ही हमें छठे और सातवें वेतन आयोग के लाभ मिले हैं।"
पत्र में उन्होंने लिखा था, "मैंने राजस्थान राइफल्स की 105 इंफैंटरी बटालियन (टी.आर.) में छह सालों तक सेवा की और वहां से मुक्त होने के बाद रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) में शामिल हो गया। मेरा पूरा कार्यकाल 30 साल नौ महीने और 26 दिनों का है। मेरे जैसे हजारों सैन्यकर्मी, जिन्होंने इन दो जगहों पर काम किया है, उन्हें पिछले दो वेतन आयोगों के लाभ नहीं मिले हैं।"
No comments:
Post a Comment