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भोपाल। जिस सेहतगंज में स्थित सोम डिस्टलरी के पीछे बहने वाले नाले के कारण सोम डिस्टलरी से निकलने वाले प्रदूषित पानी के कारण एक समय पगनेश्वर में जो प्रदूषण फैला था और जिसके कारण बेतवा प्रदूषण को लेकर राजनैतिक क्षेत्र में भूचाल मचा था और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब तत्कालीन विदिशा सांसद थे तो उस दौरान सोम डिस्टलरी के खिलाफ बेतवा प्रदूषण को लेकर सेहतगंज से लेकर राजधानी में स्थित प्रदूषण निवारण मण्डल के कार्यालय तक एक बाल्टी प्रदूषित पानी लेकर पदयात्रा की थी और जब वहां कोई अधिकारी नहीं मिला तो एक ईई का मुंह काला कर अपना विरोध दर्ज किया था लेकिन उसके बाद से यह बेतवा की क्या स्थिति है
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इस पर उन्होंने कभी ध्यान नहीं दिया और आज जब उनके हाथों इस सत्ता की कमान है और उन्हीं के राज्य में उसी बेतवा को जहां मंडीदीप में स्थापित कल कारखानों की वजह से तो बेतवा प्रदूषित हो ही रही है यही नहीं आज वर्षों बाद भी पगनेश्वर नाले पर स्थित सोम डिस्टलरी के द्वारा प्रदूषित किया जा रहा है लेकिन उस तरफ किसी का ध्यान नहीं है
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प्रदूषण की बात छोड़ो सेहतगंज में सोम डिस्टलरी के पास स्थित बहने वाले पगनेश्वर नाले पर आज खनिज माफियाओं द्वारा रात के अंधेरे में बेतवा नदी को छलनी किया जा रहा है बेतवा नदी से लगातार पत्थर निकाले जाने के कारण नदी के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बेतवा नदी के घाट पर बेतवा नदी को लेकर खनिज माफियाओं द्वारा रेत निकाली जा रही है
ऐसा नहीं है कि इस सबकी जनकारी रायसेन जिले के अधिकारियों और खासकर खनिज अधिकारियों को न हो लेकिन यह सब पूरी प्रदेश की तरह मिलीभगत और संरक्षण में यह कारोबार पनप रहा है। वहीं ग्राम पगनेश्वर में बेतवा नदी के बीचों बीच इन दिनों ईंटों के निर्माण के लिये भट्टा लगा दिया है वहीं बेतवा में खनिज माफियाओं द्वारा दिन-रात अवैध तरीके से उत्खनन जारी है। इस स्थिति की वजह से नर्मदा नदी मार्च में ही सूखने की कगार पर है।

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