Times of Crime Bhopal

Times of Crime Bhopal

C

C

Tuesday, June 13, 2017

यह आंदोलन , वह आंदोलन  ....!!

मंदसौर KISAN के लिए चित्र परिणाम
TOC NEWS // तारकेश कुमार ओझा
इसे संयोग ही मानता हूं कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में जिस दिन पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई, उसी रोज कभी मध्य प्रदेश का हिस्सा रहे छत्तीसगढ़ से मैं अपने गृहप्रदेश पश्चिम बंगाल लौटा था। मानवीय स्वभाव के नाते शुक्र मनाते हुए मैं खुद को भाग्यशाली समझने लगा कि इस मुद्दे पर विरोधियों की ओर से आयोजित बंद की चपेट में आने से पहले ही मैं ट्रेन से अपने गृहनगर लौट आया।
वर्ना क्या पता रास्ते में किस प्रकार की तकलीफें सहनी पड़ती। मंदसौर की घटना अभी राष्ट्रीय राजनीति को मथ ही रही थी कि मेरे गृह प्रदेश पश्चिम बंगाल की शांत वादियों के लिए पहचाने जाने वाले दार्जलिंग में भी इसी प्रकार की हिंसा भड़क उठी, वह भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तमाम कैबिनेट मंत्रियों की उपस्थिति में। देखते ही देखते अनेक वाहन आग के हवाले कर दिया। पथराव में अनेक पुलिसकर्मी घायल हुए। नौबत सेना बुलाने तक की आ गई। सरकारी तंत्र इतने बड़े आंदोलन की भनक तक न पा सका।
इंटिलीजेंस फेल्यूर की यही घटना तो शायद मंदसौर में भी हुई। इन घटनाओं के मद्देनजर मैं सोच में पड़ गया कि आखिर यह कैसा आंदोलन है जो देखते ही देखते बेकाबू हो जाता है। पीड़ितों के लिए वाहनों को आग लगाना या पुलिस पर हमले करना क्या इतना आसान है। सोच – विचार के बीच राज्य व राष्ट्रीय राजनीति में आरोप – प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हुआ।
सत्तापक्ष इसे विरोधियों की साजिश करार दे रहा था, तो विरोधी इसे सरकार की विफलता करार देते हुए खुद को किसान व प्रदर्शनकारियों के हिमायती के तौर पर पेश करने में एड़ी – चोटी को जोर लगाने में लगे थे। जैसा इस प्रकार के हर  हिंसक आंदोलन या धरना प्रदर्शन के बाद होता है। वैसे कलमकार के नाते मुझे अनेक ऐतिहासिक आंदोलनों के दौरान घटनास्थल का मुआयना करने का अवसर मिला है। ऐसे मौकों का गवाह बन कर हमेशा सोच में पड़ता रहा कि क्या सचमुच ऐसे आंदोलन पीड़ित – मजबूर करते हैं।
बेशक दुनिया में बड़े परिवर्तन और सुधार आंदोलनों से ही संभव हो पाया है। लेकिन अराजक व हिंसक आंदोलन के पीछे  क्या सचमुच पीड़ितों की नाराजगी ही प्रमुख कारक होती है। या इसके पीछे कुछ और ताकतें भी सक्रिय रहती है। हालांकि  यह भी सच है कि देश – समाज में न राजनैतिक आरोप – प्रत्यारोप कभी खत्म होंगे और न धरना – प्रदर्शन और आंदोलन। किसी के चाहने या न चाहने से यह रुकने वाला नहीं। लेकिन ऐसे मामलों में दो उदाहरण मैं दुनिया के सामने रखना चाहूंगा।
मेरे क्षेत्र में एक बार पुलिस ने चोरी की बड़ी वारदात के सिलसिले में एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया। बेशक अपराधी के गांव वाले या परिजनों के लिए यह मामूली बात थी। क्योंकि उसका जेल आना – जाना लगा रहता था। अपराधी को जीप में बिठाने के दौरान परिजनों ने पुलिस वालों से कहा भी कि ले तो जा रहे हैं ... लेकिन ऐसी व्यवस्था कीजिएगा कि बंदे को आसानी से जमानत मिल जाए। पुलिस ने केस फारवर्ड किया तो अदालत ने उसकी जमानत याचिका नामंजूर करते हुए आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बस फिर क्या था। आरोपी के गांव में कोहराम मच गया।
लोगों ने पास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर पथावरोध  कर ट्रैफिक जाम कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो उन्हें दौड़ा – दौड़ा कर पीटा। पुलिस वाहनों को तालाब में धकेल दिया गया। इसके बिल्कुल विपरीत वाकया मेरे पड़ोसी राज्य में हुआ। दरअसल एक छोटे से कस्बे के कुछ व्यापारी एक ऐसी ट्रेन का अपने स्टेशन पर ठहराव चाहते थे जो उनके यहां नहीं रुकती थी। तय कार्यक्रम के तहत उन लोगों ने रेलवे ट्रैक पर धरना तो दिया, लेकिन पहले रोकी गई ट्रेन के यात्रियों से माफी मांगी।
यात्रियों के खाने – पीने से लेकर बच्चों के दूध तक की भरपूर  व्यवस्था पहले से करके रखी गई थी। उनके आंदोलन के तरीके से मार्ग में फंसे यात्री दंग रह गए। उन्हें प्रदर्शनकारियों से सहानुभूति हो गई। प्रदर्शनकारियों की बात मान ली गई। तो ट्रेन के रवाना होने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर तकलीफ के लिए यात्रियों से क्षमा याचना की। मेरे ख्याल से देश में इस दूसरे तरीके से धरना – प्रदर्शन और आंदोलन हो तो यह सभी के हित में होगा।  
लेखक पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में रहते हैं और वरिष्ठ पत्रकार हैं।
तारकेश कुमार ओझा,
भगवानपुर, जनता विद्यालय के पास वार्ड नंबरः09 (नया) खड़गपुर ( प शिचम बंगाल) पिन ः721301 जिला प शिचम मेदिनीपुर संपर्कः 09434453934 , 9635221463
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

TOC NEWS

TOC NEWS

TIOC

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

''टाइम्स ऑफ क्राइम''


23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1,

प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011

फोन नं. - 0755- 4078525,

98932 21036,08305703436

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।

http://tocnewsindia.blogspot.com




यदि आपको किसी विभाग में हुए भ्रष्टाचार या फिर मीडिया जगत में खबरों को लेकर हुई सौदेबाजी की खबर है तो हमें जानकारी मेल करें. हम उसे वेबसाइट पर प्रमुखता से स्थान देंगे. किसी भी तरह की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा.
हमारा mob no 09893221036, 09009844445 & हमारा मेल है E-mail: timesofcrime@gmail.com, toc_news@yahoo.co.in, toc_news@rediffmail.com

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1, प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011
फोन नं. - 0755- 4078525, 98932 21036, 09009844445

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।





appointment times of crime

appointment times of crime

Followers

add tocn

add tocn
आवश्यकता है ‘‘टाइम्स ऑफ क्राइम’’ भारत के सर्वश्रेष्ठ निर्भीक, निष्पक्ष व खोजपूर्ण साप्ताहिक समाचार पत्र ‘‘टाइम्स ऑफ क्राइम’’ हेतु सम्पूर्ण भारत में नगर/ब्लाक/पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय प्रतिनिधियों/संवाददाताओं की आवश्यकता है जो अपने गृह नगर क्षेत्र में समाचार/विज्ञापन/प्रसार सम्बन्धी नेटवर्क का संचालन कर सके। आवेदक के आवासीय क्षेत्र के समीपस्थ स्थानीय नियुक्ति। सम्पूर्ण विवरण योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के नवीनतम फोटोग्राफ सहित अधिकतम 25.07. 2013 तक डाक/कोरियर द्वारा आवेदन करें।

toc news

प्रतिनिधियों/संवाददाताओं की आवश्यकता है

review:


म.प्र., छ.ग.के समस्त नगर/ ब्लाक/ ग्राम पंचायत स्तर/ वार्ड में संवाददाता बनाना है


भारत के सर्वश्रेष्ठ निर्भीक, निष्पक्ष व खोजपूर्ण साप्ताहिक समाचार पत्र ‘‘टाइम्स ऑफ क्राइम’’ हेतु सम्पूर्ण भारत में नगर/ब्लाक/पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय प्रतिनिधियों/संवाददाताओं की आवश्यकता है जो अपने गृह नगर क्षेत्र में समाचार/विज्ञापन/प्रसार सम्बन्धी नेटवर्क का संचालन कर सके। आवेदक के आवासीय क्षेत्र के समीपस्थ स्थानीय नियुक्ति। सम्पूर्ण विवरण योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के नवीनतम फोटोग्राफ सहित अधिकतम 30.10. 2016 तक डाक/कोरियर द्वारा आवेदन करें।




टाइम्स ऑफ क्राइम

23/टी-7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, पे्रस काम्पलेक्स,

जोन-1, एम. पी. नगर भोपाल (म.प्र.) दूरभाष क्र.-0755-4078525

मोबाइल 098932 21036, 08305703436



आवेदन पत्र का प्रारूप


1. आवेदक का नाम...................................

2. आवेदित पद........................................

3. कार्य क्षेत्र...........................................

4. पिता/पति का नाम .................................

5. जाति, धर्म एवं राष्ट्रीयता...........................

6. जन्म तिथि .........................................

7. वर्तमान तथा स्थायी पता.............................

8. शैक्षणिक योग्यता..................................

9. पूर्व अनुभव(यदि कोई हो).........................

10. फोन/मोबाइल नं..................................

11.आवेदन के तिथि...................................


सहित हस्ताक्षर