Monday, April 1, 2013

हिन्दू युवकों से शादी करने पर मुस्लिम माताओं ने किया बेटियों का कत्ल


यूपी के बागपत में हुई दो गरीब युवतियों की दर्दनाक हत्या : बेवा माएं बोलीं, काफिरों से शादी करना जुर्म है, हमें पछतावा नहीं : हत्यारी माँ बोली, हमारे समुदाय के लिए शर्म की बात थीं लड़कियां ..
toc news internet channal

नई दिल्ली: देश के उत्तरी शहर में दो मुस्लिम माताओं ने हिंदू पुरुषों के साथ भाग कर शादी करने के लिए रोंगटे खड़ी करने वाला कृत्य कर दिया। परिवार के अपमान के लिए अपनी इन बेटियों को इन मुस्लिम महिलाओं ने मार डाला। कत्ल की गयीं इन युवतियों का नाम 19 बरस की जाहिदा और 26 बरस की हुस्ना है। मारी गयीं युवतियों की बेवा मांओं ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है और बोली हैं कि काफिरों से शादी करना सबाब है और हमने सबाब कमा लिया है। पुलिस ने हत्या के आरोपों में इनकी दोनों विधवा माताओं को गिरफ्तार कर लिया है।

honor killing
यूपी के बागपत में रविवार को हुए इन हादसों की खबर ने सबको हिला दिया क्योंकि इस हादसे को दो महिलाओं ने ही अंजाम देकर ऑनर किलिंग वाली मानसिकता को मजबूती दी है. पुलिस का कहना है कि जाहिदा और हुस्ना ने यह शादी कर ली थी और शादी के बाद वे अपने घर मायके चली गयीं थीं। इन युवतियों ने हिन्दू युवकों से विवाह किया था।
दरअसल, हिंदुओं और मुसलमानों के बीच शादियां भारत में आम नहीं हैं। इतना ही नहीं, ऐसे रिश्ते आमतौर पर हत्या और आजीवन रंजिश का कारण बनते रहे हैं। हालांकि हिन्दू लड़कियों की शादी को तो मुसलमान समुदाय अपने घर में स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन हिन्दू युवकों से मुसलमान लड़कियों से शादी करना तो कल्पनातीत ही है। भले ही यह किसी भी समुदाय के शिक्षित क्षेत्र का हो या अनपढ़ों के बीच। शहरी क्षेत्र में तो भारत के बीच अंतर-धार्मिक विवाह के अधिक उदाहरण हैं, कई विवाह अभी भी परिवारों द्वारा व्यवस्थित भी हो रहे हैं। लेकिन बढ़ती अर्थव्यवस्था और अधिक महिलाओं के कार्य बल में प्रवेश के बावजूद धार्मिक मामलों में यह अभी भी असम्भव ही माना जाता है। हालांकि, सदियों पुरानी जाति और समुदाय बाधाओं में अभी भी इसे लागू करने अथवा उसे मानने में ज्यादा दिक्कत नहीं आती है। उत्तरी भारत भर में हाल के वर्षों में “सम्मान हत्याओं” में भारी उछाल दिया जाता है।

burka-girlsजाहिदा और हुस्ना युवतियां यूपी के बागपत की हैं। गरीब परिवार है, जहां अमूमन बंदिशें ज्यादा होती हैं। इन मुस्लिम युवतियों का प्रेम यहीं के दो निर्माण-कार्य में जुटे श्रमिकों से हो गया। पीछे थीं खूंखार बंदिशें। शादी लेकर जब वे अपने मायके लौटीं तो मानो कहर ही टूट गया। पूरा का पूरा ख़ानदान आगबबूला था।
दिक्कत की बात यह थी कि इन परिवारों की माताएं बेवा यानी विधवा थीं। महिलाओं के मुस्लिम परिवार इस रिश्ते को हर्गिज मानने को तैयार नहीं थे। उनकी माताएं यानी दोनों विधवा बेहद गुस्से में थीं। पुलिस अधिकारी किशन ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इन दोनों की मांओं ने एक-दूसरे की मदद करते हुए ऐसा कांड कर दिया जिसे देख कर पूरा समाज हमेशा के लिए दहल जाएगा। इन विधवाओं ने अपनी बेटियों को गला घोंट डाला। वे बोलीं:- “हमने उन्हें मार डाला क्योंकि वे हमारे समुदाय के लिए शर्म की बात बन चुकी थीं। आखिरकार हम किसी हिंदू के साथ रिश्ता कैसे कर सकती थीं। इन महिलाओं का कहना है कि उन्हें ऐसी काफिरों से शादी करने वाली लड़कियों की हत्या का कोई पछतावा नहीं है”।

इससे पहले इस सप्ताह भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सम्मान हत्याओं के लिए मौत की सजा की सिफारिश की है। देश में पेशेवर बर्बर और सामंती लोग और समुदाय ऐसी हत्याओं के अधिकांश पीड़ित रहे हैं जिनमें युवा वयस्क ज्यादा हैं जो प्यार में अपने परिवार की इच्छा के खिलाफ से शादी कर लेते हैं। ऐसे कुछ मामलों में, गांव परिषदों का आदेश ऐसे जोड़ों को मार डालने का होता है जो उनकी जाति या धर्म के बाहर शादी कर लेते हैं। हालांकि कोई आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं, लेकिन एक स्वतंत्र अध्ययन में पाया गया है कि हर साल 900 से ज्यादा अपने बड़े-बूढों या बुजुर्गों के आदेशों का पालन न करने पर भारत में मार डाले जाते हैं।
बहरहाल, बागपत में इन दो बेटियों के जीवन समाज के झूठे सम्मान के चलते आनर-किलिंग से खत्म हो गया। यह सम्मान-हत्याओं में इस बार पिता नहीं, बल्कि मां शामिल है। पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश में दो मुस्लिम महिलाओं ने एक-दूसरे की मदद में अपनी इन बेटियों के गले पर फांसी लगा दिया और इस तरह उनका दम घोंट दिया। अपनी बेटियों की जिन्दगी खत्म करने बाद लौटी इन विधवा महिलाओं ने पुलिस के सामने कहा कि उनका यह फैसला हिंदू युवकों से शादी करने के प्रति कड़ा प्रतिरोध करने के तौर पर था। “हमने उन्हें मार डाला क्योंकि वे हमारे समुदाय के लिए शर्म की बात थी।” ऐसी हत्यारी माताओं में से एक विधवा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया. ” हमारी कोई भी बेटी किसी हिन्दू के साथ कैसे भाग सकती है ? उनका करम ही ऐसा था कि वे मरतीं, तो वे मर गयीं है। उन्हें मारने के लिए हमें कोई भी कोई पछतावा नहीं है.”
(सौजन्य: मेरी बिटिया.कॉम)

No comments:

Post a Comment

CCH ADD

CCH ADD
CCH ADD

dhamaal Posts

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

ANI NEWS INDIA

‘‘ANI NEWS INDIA’’ सर्वश्रेष्ठ, निर्भीक, निष्पक्ष व खोजपूर्ण ‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया ऑनलाइन नेटवर्क’’ हेतु को स्थानीय स्तर पर कर्मठ, ईमानदार एवं जुझारू कर्मचारियों की सम्पूर्ण मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले एवं तहसीलों में जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों / संवाददाताओं की आवश्यकता है।

कार्य क्षेत्र :- जो अपने कार्य क्षेत्र में समाचार / विज्ञापन सम्बन्धी नेटवर्क का संचालन कर सके । आवेदक के आवासीय क्षेत्र के समीपस्थ स्थानीय नियुक्ति।
आवेदन आमन्त्रित :- सम्पूर्ण विवरण बायोडाटा, योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के स्मार्ट नवीनतम 2 फोटोग्राफ सहित अधिकतम अन्तिम तिथि 30 मई 2019 शाम 5 बजे तक स्वंय / डाक / कोरियर द्वारा आवेदन करें।
नियुक्ति :- सामान्य कार्य परीक्षण, सीधे प्रवेश ( प्रथम आये प्रथम पाये )

पारिश्रमिक :- पारिश्रमिक क्षेत्रिय स्तरीय योग्यतानुसार। ( पांच अंकों मे + )

कार्य :- उम्मीदवार को समाचार तैयार करना आना चाहिए प्रतिदिन न्यूज़ कवरेज अनिवार्य / विज्ञापन (व्यापार) मे रूचि होना अनिवार्य है.
आवश्यक सामग्री :- संसथान तय नियमों के अनुसार आवश्यक सामग्री देगा, परिचय पत्र, पीआरओ लेटर, व्यूज हेतु माइक एवं माइक आईडी दी जाएगी।
प्रशिक्षण :- चयनित उम्मीदवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण भोपाल स्थानीय कार्यालय मे दिया जायेगा, प्रशिक्षण के उपरांत ही तय कार्यक्षेत्र की जबाबदारी दी जावेगी।
पता :- ‘‘ANI NEWS INDIA’’
‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया नेटवर्क’’
23/टी-7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, प्रेस काम्पलेक्स,
नीयर दैनिक भास्कर प्रेस, जोन-1, एम. पी. नगर, भोपाल (म.प्र.)
मोबाइल : 098932 21036


क्र. पद का नाम योग्यता
1. जिला ब्यूरो प्रमुख स्नातक
2. तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / हायर सेकेंडरी (12 वीं )
3. क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
4. क्राइम रिपोर्टरों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
5. ग्रामीण संवाददाता हाई स्कूल (10 वीं )

SUPER HIT POSTS

TIOC

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

''टाइम्स ऑफ क्राइम''


23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1,

प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011

Mobile No

98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।

http://tocnewsindia.blogspot.com




यदि आपको किसी विभाग में हुए भ्रष्टाचार या फिर मीडिया जगत में खबरों को लेकर हुई सौदेबाजी की खबर है तो हमें जानकारी मेल करें. हम उसे वेबसाइट पर प्रमुखता से स्थान देंगे. किसी भी तरह की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा.
हमारा mob no 09893221036, 8989655519 & हमारा मेल है E-mail: timesofcrime@gmail.com, toc_news@yahoo.co.in, toc_news@rediffmail.com

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1, प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011
फोन नं. - 98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।





Followers

toc news