जिला अनूपपुर : राम मनोहर सिंह
राजेन्द्रग्राम:- आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र पुष्पराजगढ़ में भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वालितकर किया गया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ में मरीजों को फल वितरण कर मनाया गया।

क्रांतिकारी महामानव बिरसा मुंडा के शहादत दिवस कार्यक्रम के अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्षता रघुबीर सिंह मरावी मुख्य अतिथि सुरेंद्र सिंह उइके मुख्य कार्यपालन अधिकारी नगर पंचायत अमरकंटक विशिष्ट अतिथि डॉ टी.आर.चौरसिया, सेवानिवृत्त तहसीलदार अशोक मरावी,जिला पंचायत उपाध्यक्ष राम सिंह आर्मो, आर पी धुर्वे,बृजेन्द्र सोनवानी जिला अध्यक्ष भीम सेना एवं आदिवासी विकास संगठन के पदाधिकारियों सहित क्षेत्र के आम जनमानस कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिए भगवान बिरसा मुंडा के पद चिन्हों में चलते हुए हमें अपनी विरासत एवं कला संस्कृति जल जंगल जमीन की लड़ाई को जारी रखेंगे अपने उलगुलान में उनका नारा था अबुआ ढिशुम अबुआ राज अक्टूबर 1894 को नौजवान नेता के रूप में सभी मुंडाओं को एकत्र कर इन्होंने अंग्रेजो से लगान माफी के लिये आन्दोलन किया।

1895 में उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और हजारीबाग केन्द्रीय कारागार में दो साल के कारावास की सजा दी गयी। लेकिन बिरसा और उसके शिष्यों ने क्षेत्र की अकाल पीड़ित जनता की सहायता करने की ठान रखी थी और अपने जीवन काल में ही एक महापुरुष का दर्जा पाया। उन्हें उस इलाके के लोग "धरती बाबा" के नाम से पुकारते है और पूजा करते है। उनके प्रभाव की वृद्धि के बाद पूरे इलाके के मुंडाओं में संगठित होने की चेतना जागी एवं आज पूरे भारत वर्ष में भगवान बिरसा मुंडा को भगवान के रूप मानते है। एवं जल,जंगल जमीन की लड़ाई को आगे ले जाने हेतु लोगों को शिक्षित बनो एवं संगठित रहने का प्रेणा मिलता है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अरविंद सिंह सचिव उमेन्द्र उइके बीरेंद्र मसराम रामसूरत मोती साकेत रविन्द्र साकेत चमन आदि।

No comments:
Post a Comment