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नई दिल्ली: गुरुवार को जहां एक तरफ हिंदू महासभा ने बीजेपी को झटका देते हुए यूपी विधानसभा चुनाव में बीएसपी को खुला समर्थन देने की बात कही है तो वहीं दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी ने भी बीएसपी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।
इस ऐलान के बाद समाजवादी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है क्योंकि चुनाव से पहले अभी मुस्लिम वोटरों को ज्यादातर समाजवादी पार्टी का वोटबैंक माना जा रहा था, लेकिन सैय्यद अहमद बुखारी के ऐलान के बाद ये साफ हो गया है कि कम से कम उनके समर्थक तो यूपी चुनाव में जरूर बीएसपी को ही वोट देंगे।
बीएसपी को समर्थन का ऐलान करने के साथ-साथ अहमद बुखारी ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने यूपी की बदहाली के लिए समाजवादी पार्टी को ही दोषी ठहराया। उन्होंने अपने समर्थकों से सपा के खिलाफ वोट करने की अपील की है। वहीं इससे पहले हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने बीएसपी को खुला समर्थन देने का ऐलान किया था। साथ ही उन्होने बीजेपी पर भी हमला बोलते हुए पीएम मोदी को नटवरलाल बताया था।
वहीं बुखारी ने बीएसपी को समर्थन का ऐलान करने के साथ-साथ अखिलेश यादव से 5 सवाल भी किए हैं।
- सपा परिवार के एक करीबी नेता ने बताया कि अखिलेश को बैकफुट पर करने के लिए शिवपाल यादव, इमाम बुखारी से प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाकर वोट ने देने की अपील करेंगे।
- सूत्रों के मुताबिक, बुखारी को लखनऊ बुलाने और उनके यहां आने तक का पूरा खर्च शिवपाल की तरफ से ही किया गया है।
- बुखारी से पहले उलेमा काउंसिल भी मायावती के समर्थन का एलान कर चुकी है। काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका एलान किया।
- काउंसिल ने भी कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने 5 साल के कार्यकाल में मुसलमानों के लिए कोई बेहतर काम नहीं किया।
2012 में सपा को किया था सपोर्ट
- बता दें, साल 2012 के चुनाव में शाही इमाम ने लखनऊ के एक पांच सितारा होटल में मुलायम सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सपा को समर्थन देने का एलान किया था।
- इसके एवज में समाजवादी पार्टी ने शाही इमाम के दामाद को विधान परिषद का अध्यक्ष भी बनाया था।

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