Saturday, November 5, 2016

पुलिस मुठभैड़ और आन्तरिक सुरक्षा



Image may contain: 1 person
TOC  NEWS @ BHOPAL 

भोपाल एनकाउन्टर पर मप्र पुलिस के जबांज और विलक्षण प्रतिभा के धनी आईपीएस अधिकारी श्री पवन जैन ने क्या शानदार लिखा है। हमने इसे राष्ट्रीय हिन्दी मेल में छापा है। आप भी पढिए : -
पुलिस मुठभैड़ और आन्तरिक सुरक्षा
- पवन जैन
आजकल मध्यप्रदेश की जेल में प्रहरी की जघन्य हत्या कर फरार हुए 8 अपराधियों की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने पर तमाम मीडिया, जनवादी संगठनों, राजनेताआें, राष्ट्रवादी और मौका परस्तों द्वारा घटना के तथ्यों की मनचाही विवेचना कर निष्कर्ष पर पहुंचने की होड़ मची हुई है।निन्दा, आलोचना, दोषारोपण, तोहमत और कालिख लगाने के लिये पुलिस से बेहतर लक्ष्य कोई दूसरा नहीं हो सकता है।
यूं तो पानी, बिजली, सड़क, भ्रष्टाचार,मंहगाई, बेरोजगारी, तमाम समस्याएं हैं, जुलूस, धरने,आंदोलन और प्रदर्शन के लिये, पुलिस न तो इन समस्याआें के कारण में है और न समाधान में, इतना जरूर है कि जब भी इन प्रदर्शनों में जमा भीड़ बेकाबू होती है और हिंसा, तोड़-फोड़ तथा आगजनी पर उतारू हो जाती है तो कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये पुलिस को कमान संभालनी पड़ती है। हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिये पुलिस को कभी लाठी, कभी अश्रु गैस और कभी गोलीबारी का सहारा लेना पड़ता है। मूल समस्याएं तो उतर जाती हैं लोगों के दिमाग से और पुलिस की ज्यादती जांच का मुद्दा बन जाती है। समस्याआें से ध्यान हटाने का और पुलिस के सिर कालिख पोतने का यह नुस्खा, जो अग्रेजों ने हिन्दुस्तान में आजमाया था, कमोवेश आज भी जारी है।चूक किसी की भी हो, खामियाज़ा पुलिस को ही भुगतना पड़ता है।
भोपाल में भी जेल प्रहरी की निर्मम हत्या कर केन्द्रीय जेल की ऊंची दीवारें फलांग कर फरार हुए इन दुर्दांत अतातायियों को पकड़ने की जिम्मेदारी भी दीपावली की उस रात थकी-हारी पुलिस की ही थी। जघन्य अपराध के आदी इन क्रूर हत्यारों को पकड़ने में पुलिस ने कोई कोताही नहीं बरती और कुछ घण्टों में ही उन्हें धराशायी भी कर दिया। 
अब सवाल यह है कि अपराधी असली थे और पुलिस भी असली तो फिर मुठभेड़ फर्जी कैसे हो सकती है?जहां जान का आसान्न खतरा हो, वहां क्या पुलिस समुचित बल का प्रयोग भी नहीं कर सकती? जब इस देश में एक कानून का तंत्र, लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं, मानव अधिकार के संगठन और स्वतंत्र न्यायपालिका है तो हर कोई अपना निर्णय क्यों सुना रहा है?
पुलिस हमारी आन्तरिक सुरक्षा की पहली दीवार है। आतंकवाद हो या नक्सलवाद, कानून व्यवस्था की चुनौती हो या आपदा की कोई तीज त्यौहार हो या साम्प्रदायिक तनाव, ऐसी तमाम विषम परिस्थितियों की पहली मार पुलिस ही झेलती है। पिछले 60 सालों में 35000 से ज्यादा पुलिस के जवानों ने मादरे-वतन की राह में कर्तव्य की बलवेदी पर बलिदान किया है - कवि नीरज जी के शब्दों में-
’’जली हैं आग में जब जब भी शहर की सड़कें,
मेरे ही पांव के छालों ने तब नमी की है।’’
पुलिस मुठभेड़ की राष्ट्रव्यापी बहस के तमाम कानूनी पहलू भी हैं। एक संत से सवाल किया गया कि समाज में ऋषि, मुनियों और संतों की जरूरत कब तक है? तो उन्होंने जवाब दिया कि जब तक दुर्जन और पापी लोग समाज में हैं। निश्चित रूप से वह एक आदर्श समाज होगा, जहां पुलिस न हो, अपराध न हो, समस्याएं न हों, लेकिन जब तक समाज में अपराधी हैं, तब तक पुलिस की जरूरत भी रहेगी। मुठभेड़ पर जैसे चाहे, अनचाहे, मनचाहे सवाल कीजिए, पर आन्तरिक सुरक्षा की पहली दीवार को ध्वस्त करने की कोशिश मत कीजिये।
लेखक मप्र के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं
Image may contain: 1 person

No comments:

Post a Comment

dhamaal Posts

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

ANI NEWS INDIA

‘‘ANI NEWS INDIA’’ सर्वश्रेष्ठ, निर्भीक, निष्पक्ष व खोजपूर्ण ‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया ऑनलाइन नेटवर्क’’ हेतु को स्थानीय स्तर पर कर्मठ, ईमानदार एवं जुझारू कर्मचारियों की सम्पूर्ण मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले एवं तहसीलों में जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों / संवाददाताओं की आवश्यकता है।

कार्य क्षेत्र :- जो अपने कार्य क्षेत्र में समाचार / विज्ञापन सम्बन्धी नेटवर्क का संचालन कर सके । आवेदक के आवासीय क्षेत्र के समीपस्थ स्थानीय नियुक्ति।
आवेदन आमन्त्रित :- सम्पूर्ण विवरण बायोडाटा, योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के स्मार्ट नवीनतम 2 फोटोग्राफ सहित अधिकतम अन्तिम तिथि 30 मई 2019 शाम 5 बजे तक स्वंय / डाक / कोरियर द्वारा आवेदन करें।
नियुक्ति :- सामान्य कार्य परीक्षण, सीधे प्रवेश ( प्रथम आये प्रथम पाये )

पारिश्रमिक :- पारिश्रमिक क्षेत्रिय स्तरीय योग्यतानुसार। ( पांच अंकों मे + )

कार्य :- उम्मीदवार को समाचार तैयार करना आना चाहिए प्रतिदिन न्यूज़ कवरेज अनिवार्य / विज्ञापन (व्यापार) मे रूचि होना अनिवार्य है.
आवश्यक सामग्री :- संसथान तय नियमों के अनुसार आवश्यक सामग्री देगा, परिचय पत्र, पीआरओ लेटर, व्यूज हेतु माइक एवं माइक आईडी दी जाएगी।
प्रशिक्षण :- चयनित उम्मीदवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण भोपाल स्थानीय कार्यालय मे दिया जायेगा, प्रशिक्षण के उपरांत ही तय कार्यक्षेत्र की जबाबदारी दी जावेगी।
पता :- ‘‘ANI NEWS INDIA’’
‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया नेटवर्क’’
23/टी-7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, प्रेस काम्पलेक्स,
नीयर दैनिक भास्कर प्रेस, जोन-1, एम. पी. नगर, भोपाल (म.प्र.)
मोबाइल : 098932 21036


क्र. पद का नाम योग्यता
1. जिला ब्यूरो प्रमुख स्नातक
2. तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / हायर सेकेंडरी (12 वीं )
3. क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
4. क्राइम रिपोर्टरों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
5. ग्रामीण संवाददाता हाई स्कूल (10 वीं )

SUPER HIT POSTS

TIOC

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

''टाइम्स ऑफ क्राइम''


23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1,

प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011

Mobile No

98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।

http://tocnewsindia.blogspot.com




यदि आपको किसी विभाग में हुए भ्रष्टाचार या फिर मीडिया जगत में खबरों को लेकर हुई सौदेबाजी की खबर है तो हमें जानकारी मेल करें. हम उसे वेबसाइट पर प्रमुखता से स्थान देंगे. किसी भी तरह की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा.
हमारा mob no 09893221036, 8989655519 & हमारा मेल है E-mail: timesofcrime@gmail.com, toc_news@yahoo.co.in, toc_news@rediffmail.com

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1, प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011
फोन नं. - 98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।





Followers

toc news