TOC NEWS, Nov 09, 2016,
नई दिल्ली। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बैंकों में पुराने 500 और 1,000 के नोट जमा कराने पर किसी तरह की ‘कर माफी’ नहीं मिलेगी और इस तरह के धन के स्रोत पर कर कानून लागू होगा।
सरकार ने मंगलवार को 500 और 1,000 के नोट बंद करने की घोषणा की थी। कालेधन, भ्रष्टाचार तथा जाली नोटों पर लगाम के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि ऊंचे मूल्य के नोटों को बैंक खातों में जमा कराकर ही नए और छोटे मूल्य के नोट हासिल किए जा सकते हैं। जेटली ने कहा कि यह पूरी तरह से साफ है कि यह कोई माफी योजना नहीं है।
इस राशि को जमा कराने पर कराधान से किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। ऐसे धन के स्रोत पर जरूरी कानून लागू होगा। वित्तमंत्री ने कहा कि यदि यह धन कानूनी तौर पर वैध है और इससे पूर्व में बैंक से निकाला गया है या कानूनी तरीके से कमाया गया और बचाया गया है, तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
जेटली ने डीडी न्यूज से कहा कि लेकिन यदि यह गैरकानूनी पैसा है तो इसके स्रोत का खुलासा करना होगा। यदि यह अपराध या रिश्वत की कमाई है तो यह परेशानी की बात है। वित्तमंत्री ने कहा कि गृहिणियों तथा किसानों, जिनकी बचत की जरूरत उचित है, उन्हें बैंक खातों में पैसा जमा कराने को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं करनी चाहिए।
नई दिल्ली। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बैंकों में पुराने 500 और 1,000 के नोट जमा कराने पर किसी तरह की ‘कर माफी’ नहीं मिलेगी और इस तरह के धन के स्रोत पर कर कानून लागू होगा।
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सरकार ने मंगलवार को 500 और 1,000 के नोट बंद करने की घोषणा की थी। कालेधन, भ्रष्टाचार तथा जाली नोटों पर लगाम के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि ऊंचे मूल्य के नोटों को बैंक खातों में जमा कराकर ही नए और छोटे मूल्य के नोट हासिल किए जा सकते हैं। जेटली ने कहा कि यह पूरी तरह से साफ है कि यह कोई माफी योजना नहीं है।
इस राशि को जमा कराने पर कराधान से किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। ऐसे धन के स्रोत पर जरूरी कानून लागू होगा। वित्तमंत्री ने कहा कि यदि यह धन कानूनी तौर पर वैध है और इससे पूर्व में बैंक से निकाला गया है या कानूनी तरीके से कमाया गया और बचाया गया है, तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
जेटली ने डीडी न्यूज से कहा कि लेकिन यदि यह गैरकानूनी पैसा है तो इसके स्रोत का खुलासा करना होगा। यदि यह अपराध या रिश्वत की कमाई है तो यह परेशानी की बात है। वित्तमंत्री ने कहा कि गृहिणियों तथा किसानों, जिनकी बचत की जरूरत उचित है, उन्हें बैंक खातों में पैसा जमा कराने को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं करनी चाहिए।
खास वीडियो इसे भी देखें – लविन डेविड का ” दीवाना ” वीडियो एलबम लॉन्च देखें ”मैं भी हूँ तेरा दीवाना ”नई दिल्ली। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बैंकों में पुराने 500 और 1,000 के नोट जमा कराने पर किसी तरह की ‘कर माफी’ नहीं मिलेगी और इस तरह के धन के स्रोत पर कर कानून लागू होगा।
सरकार ने मंगलवार को 500 और 1,000 के नोट बंद करने की घोषणा की थी। कालेधन, भ्रष्टाचार तथा जाली नोटों पर लगाम के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि ऊंचे मूल्य के नोटों को बैंक खातों में जमा कराकर ही नए और छोटे मूल्य के नोट हासिल किए जा सकते हैं। जेटली ने कहा कि यह पूरी तरह से साफ है कि यह कोई माफी योजना नहीं है।
इस राशि को जमा कराने पर कराधान से किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। ऐसे धन के स्रोत पर जरूरी कानून लागू होगा। वित्तमंत्री ने कहा कि यदि यह धन कानूनी तौर पर वैध है और इससे पूर्व में बैंक से निकाला गया है या कानूनी तरीके से कमाया गया और बचाया गया है, तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
जेटली ने डीडी न्यूज से कहा कि लेकिन यदि यह गैरकानूनी पैसा है तो इसके स्रोत का खुलासा करना होगा। यदि यह अपराध या रिश्वत की कमाई है तो यह परेशानी की बात है। वित्तमंत्री ने कहा कि गृहिणियों तथा किसानों, जिनकी बचत की जरूरत उचित है, उन्हें बैंक खातों में पैसा जमा कराने को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं करनी चाहिए।
नई दिल्ली। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बैंकों में पुराने 500 और 1,000 के नोट जमा कराने पर किसी तरह की ‘कर माफी’ नहीं मिलेगी और इस तरह के धन के स्रोत पर कर कानून लागू होगा।
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सरकार ने मंगलवार को 500 और 1,000 के नोट बंद करने की घोषणा की थी। कालेधन, भ्रष्टाचार तथा जाली नोटों पर लगाम के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि ऊंचे मूल्य के नोटों को बैंक खातों में जमा कराकर ही नए और छोटे मूल्य के नोट हासिल किए जा सकते हैं। जेटली ने कहा कि यह पूरी तरह से साफ है कि यह कोई माफी योजना नहीं है।
इस राशि को जमा कराने पर कराधान से किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। ऐसे धन के स्रोत पर जरूरी कानून लागू होगा। वित्तमंत्री ने कहा कि यदि यह धन कानूनी तौर पर वैध है और इससे पूर्व में बैंक से निकाला गया है या कानूनी तरीके से कमाया गया और बचाया गया है, तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
जेटली ने डीडी न्यूज से कहा कि लेकिन यदि यह गैरकानूनी पैसा है तो इसके स्रोत का खुलासा करना होगा। यदि यह अपराध या रिश्वत की कमाई है तो यह परेशानी की बात है। वित्तमंत्री ने कहा कि गृहिणियों तथा किसानों, जिनकी बचत की जरूरत उचित है, उन्हें बैंक खातों में पैसा जमा कराने को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं करनी चाहिए।

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