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आपने कई सुसाइड पॉइंट के बारें में तो सुना होगा जहां इंसान जाकर अपने जीवन का अंत कर लेता है लेकिन आज हम जिस सुसाइड पॉइंट के बारे में बता रहे हैं वो थोड़ी रहस्यमयी है। जापान के माउंट फूजी तलहटी में आवकिगोहारा का घने जंगल में जिस तरह से लोग आत्महत्या करने आते हैं ठीक उसी तरह जटिंगा में पक्षी आत्महत्या करने जाते हैं।

चारो तरफ से ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों से घिरी जाटिंगा वैली की प्राकृतिक खूबसूरती कुछ इस कदर है जैसे यह धरती नहीं किसी और लोक की जगह है। इस घाटी में हर साल हजारों प्रवासी पक्षी हर साल आकर खुदकुशी कर लेते हैं। यह सिलसिला सदियों से जारी है और पक्षी विज्ञानियों के लिए किसी रहस्य से कम नहीं । गुवाहाटी से जतिंगा 330 किमी दूर है। यहां परिंदों के जान देने का दृश्य देखकर सिहर उठेंगे आप। जतिंगा बर्ड सेंचुरी बाकी बर्ड सेंचुरी से इसलिए ही एकदम अलग है।
हर साल बड़ी संख्या में यहां पक्षी आत्महत्या कर लेते हैं। खासकर हर साल सितंबर से नवंबर महीने के बीच यहां पक्षियों की आत्महत्याएं ज्यादा होती हैं। ऐसा शाम सात से रात के दस बजे के बीच होता है।
हैरत की बात ये है कि पक्षी सामूहिक आत्महत्या करते हैं। देखने वाले कहते हैं कि एक रोशनी की ओर झुंड के झुंड पक्षी आते हैं और देखते ही देखते काल के गाल में समा जाते हैं।

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