क्राइम रिपोर्टर // असलम खान (शहडोल // टाइम्स ऑफ क्राइम)
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शहडोल । जला प्रशासन भू-माफियाओं से नजर हटाकर उनकी ओर ध्यान न देना यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन भू-माफियाओं को सह दे रहा है। जबकि पूर्व संभागायुक्त हीरालाल त्रिवेदी के समय ऐसा डरते थे जैसे गधे के सिर से सींग गायब हो जाने वाली कहावत चरितार्थ होती थी। परन्तु पूर्व आयुक्त के शहडोल से स्थानान्तरण के बाद फिर से भू-माफियाओं की बल्ले-बल्ले शुरू हो गयी है। संभागीय मुख्यालय की सरकारी जमीन जिसकी कीमत करोड़ो में है। आए दिन खुर्द-बुर्द कर दी जाती है। कुछ ऐसा ही हाल वार्ड क्रमांक 11 का है। जहां पर बेजा कब्जाधारी करोड़ों सें की, बेशकीमती जमीन देखते ही देखते निगल जो हैं। उक्त स्कूल के संचालक की देखा देखी के चलते कार्यालय के समीप एक दबंग प्रवृत्ति के व्यक्ति ने भी सरकारी जमीन मे अतिक्रमण करके उसमें सीमेंट के पोल खड़े करके उसे कंटीले तारों ंसे घेरवा दिया है। और अब धीरे-धीरे निर्माण सामग्री भी हवेली तानने के लिए गिरवाई जा रही है। अतिक्रमणकारियों का सम्राज्य वार्ड क्रमांक 11 में इस कदर स्थापित है कि रेशम कार्यालय के सामने स्थित एक और तालाब को पाटने का सिलसिला जोर-शोर के साथ चल रहा है। अभी इस तालाब की आधी सूख को अतिक्रमण कारियों ने बदल कर रख दिया है। इतना ही नहीं प्रतिदिन यहां पर निर्माण सामग्री काफी तादाद मे गिरवाई जा रही है। पुलिस लाइन क्षेत्र में स्थित पौनांग तालाब का अतिक्रमण हाल ही में स्थित सरकारी भूमि को माफिया प्रतिदिन अजगर की तरह निगल रहे हैं। जिस कारण प्रश्र यह उठता हेै कि एक ओर प्रशासन अतिक्रमण हटा रहा है और दूसरी ओर धड़ल्ले के साथ अतिक्रमण को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है।
नोटिस के बाद मामला दफन
वार्ड क्रमांक 11 मे स्थित सेन्ट्रल एकेडमी स्कूल के संचालक सहित आसपास के बेजा कब्जाधारियों को गत वर्ष सोहागपुर के तत्कालीन तहसीलदार धर्मेन्द्र मिश्रा द्वारा तालाब पर अतिक्रमण किये जाने के मामले में नोटिस जारी की गयी थी लेकिन समय के साथ नोटिस की कार्यवाई दफन हो कर रह गयी। इसके कारण अतिक्रमणकारियों के हौंसले सातवें आसमान पर पहुंच गये हैं।

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