TOC NEWS @ Nov 05, 2016, 03:20 IST
हिंदी न्यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन का बैन लगाए जाने को लेकर काफी विवाद हो रहा है। चैनल का कहना है कि उसने किसी तरह की गलत रिपोर्ट नहीं चलाई।
हिंदी न्यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन का बैन लगाए जाने को लेकर काफी विवाद हो रहा है। चैनल का कहना है कि उसने किसी तरह की गलत रिपोर्ट नहीं चलाई। पठानकोट हमले को लेकर जो रिपोर्ट सबने चलाई वही उन्होंने भी प्रसारित की। पत्रकारों की संस्था एडिटर्स गिल्ड और बीईए ने भी बैन की आलोचना की है और इसे हटाने की मांग की है।
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इसी बीच एनडीटीवी इंडिया के एंकर रवीश कुमार ने शुक्रवार को प्राइमटाइम में मूक कलाकारों के जरिए सरकार के फैसले पर तंज कसा। सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की काफी तारीफ हो रही है। शो के बाद से टि्वटर पर इस संबंध में अलग-अलग हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। शु्क्रवार रात को रवीश कुमार ट्रेंड कर रहे थे।
वहीं शनिवार सुबह #बागों_में_बहार_है ट्रेंड करने लगा। बता दें कि रवीश कुमार ने कार्यक्रम के दौरान व्यंग्यात्मक रूप से ‘बागों में बहार है’ लाइन का इस्तेमाल किया था। सोशल मीडिया यूजर इस पर मजेदार और सरकार की आलोचना में ट्वीट कर रहे हैं।
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वहीं कुछ लोग एनडीटीवी के विरोध में भी इस हैशटैग का इस्तेमाल कर रहे हैं। #बागों_में_बहार_है पर 18 हजार के करीब ट्वीट हो चुके हैं।
एक यूजर ने लिखा, ”#बागों_में_बहार_है नेता जी अपनी हरकतों से लाचार है, चल नहीं पायी जब चाय की दूकान, फर्जी राष्ट्रवादी का चोला ओठ बने नेता महान!” एक अन्य ने लिखा, ”रवीश ने भक्तों का सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया,बिना बोले ही इतना बोल दिया भक्त घायल हो गए,मोदी स्ट्रेचर पर पड़े कराह रहे है #बागों_में_बहार_है।”
एक अन्य ट्वीट के अनुसार, ”मोदी सरकार को क्राइम-वाइम से ज्यादा रविश कुमार का प्राइम-टाइम डेंजरस लग रहा है..!! #बागों_में_बहार_है।” एक यूजर ने लिखा, ”रविश कुमार के कल के शो के बाद एक कहावत याद आ गयी “सो सुनार की एक लुहार की” #बागों_में_बहार_है।”

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