Tuesday, December 13, 2011

कैसा हो लोकपाल कानून?


               
कैसा हो लोकपाल कानून?
     
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'
toc news internet channal

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि इस देश की रग-रग में भ्रष्टाचार समाया हुआ है और भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिये अन्य अनेक बातों के साथ-साथ सख्त कानून की दरकार है, जिसके लिये प्रस्तावित लोकपाल कानून को जरूरी बताया जा रहा है| अब तक की सभी केन्द्र सरकारों द्वारा किसी न किसी बहाने लोकपाल कानून को लटकाकर रखा है, जिसमें कॉंग्रेस भी शामिल है| चूँकि कॉंग्रेस ने सर्वाधिक समय तक देश पर शासन किया है, इस कारण कॉंग्रेस भ्रष्टाचार को पनपाने, रोकथाम नहीं कर पाने और भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों का क्रियान्वयन नहीं करवा पाने और, या लोकपाल कानून को नहीं बनवा पाने के लिये सर्वाधिक जिम्मेदार है| जिससे वह बच नहीं सकती है| यह अलग बात है कि केन्द्र की वर्तमान यूपीए सरकार लोकपाल कानून के बारे में बुरी तरह से फंस चुकी है| जानकारों का मानना है कि केन्द्र सरकार इस बारे में अन्ना हजारे और अन्ना हजारे के पीछे  खड़े राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को इस बात का श्रेय नहीं लेने देना चाहती कि उनके दबाव में लोकपाल कानून बनाया गया है| क्योंकि राजनीति में इस प्रकार के निर्णयों का चुनावों में असर होता है| लेकिन आम जनता को इस बात से क्या लेना देना है? 

कॉंग्रेस या यूपीए ने ऐसी स्थिति क्यों निर्मित होने दी कि अन्ना, आरएसएस या भाजपा या एनडीए या अन्य विपक्षी दलों को लोकपाल कानून बनवाने का श्रेय मिलने की स्थिति बनी! निश्‍चय ही यह वर्तमान यूपीए और कॉंग्रेस नेतृत्व की राजनैतिक असफलता है| जिसका फायदा दूसरे राजनैतिक उठाना चाहते हैं, तो उनका राजनैतिक अधिकार है| इसमें गलत भी क्या है? अब भी यदि कॉंग्रेस दुविधा से बाहर नहीं निकल पायी तो फिर उसे और यूपीए को होने वाले नुकसान की लम्बे समय तक भरपाई कर पाना सम्भव नहीं होगा| अत: बेहतर यही होगा कि केन्द्र सरकार न मात्र लोकपाल कानून को लाये ही, बल्कि सच्चे अर्थों में लोकपाल कानून बनाकर संसद में पेश करे| जिससे देश और देश की जनता को भ्रष्टाचार, अनाचार और गैर-कानूनी कुकृत्यों से मुक्ति मिल सके|

वर्तमान में इस बात की बहस भी चल रही है कि लोकपाल के दायरे में कौन हो और कौन नहीं हो| निश्‍चय ही यह महत्वपूर्ण और विचारणीय मुद्दा है| जिस पर राष्ट्रीय सोच और राष्ट्रहित के साथ-साथ देश के सभी वर्गों का विशेषकर कमजोर वर्गों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है| अत: प्रस्तावित लोकपाल कानून बनाते समय ध्यान रखा जावे कि-

1. बिना किसी किन्तु-परन्तु के देश का प्रत्येक लोक सेवक लोकपाल के दायरे में आना चाहिये| लोक सेवक के दायरे में छोटे से छोटे जनप्रतिनिधि से लेकर प्रधानमन्त्री और राष्ट्रपति तक हर एक उस व्यक्ति को आना चाहिये जो जनता से संग्रहित धन से वेतन लेता हो या जनता से संग्रहित धन को खर्चे करने के बारे में निर्णय लेने का कानूनी या संवैधानिक अधिकार रखता हो| जिसमें न्यायपालिका और सेना भी शामिल हों|

2. सभी औद्योगिक घराने, गैर-सरकारी संगठन (चाहे सरकारी अनुदान लेते हों या नहीं), सभी गैर-सरकारी शिक्षण या अन्य संस्थान, खेल संघ और ऐसा प्रत्येक सरकारी या गैर सरकारी या निजी निकाय या उपक्रम जिसके पास जनता से किसी भी कारण से किसी भी रूप में धन संग्रहित करने और उसे खर्च करने का हक हो उसे बिना किसी भी किन्तु-परन्तु के प्रस्तावित लोकपाल कानून के दायरे में होना ही चाहिये|

3. सभी प्रकार की ऐसी जॉंच ऐजेंसियॉं, जिन्हें किसी भी प्रकार के मामले की जॉंच करने का हक हो उन्हें भी प्रस्तावित लोकपाल कानून के दायरे में होना चाहिये| जिनमें नीचे से ऊपर तक सभी लोक सेवकों की नियुक्ति, पदोन्नति और बर्खास्तगी का अधिकार केवल लोकपाल के पास ही होना चाहिये|

4. प्रस्तावित लोकपाल कानून में भ्रष्टाचार की परिभाषा को विस्तिृत और सुस्पष्ट करने की जरूरत है| जिसमें प्रत्येक ऐसे गैर-कानूनी कृत्य को जिसमें धन, बजट, अनुदान, शुल्क बजट,विज्ञापन, कर आदि को किसी भी प्रकार से धन समावेश हो वह मामला भ्रष्टाचार से सम्बन्धित होने के कारण प्रस्तावित लोकपाल कानून के दायरे में आना चाहिये| इसके अन्तर्गत समस्त प्रकार का मीडिया, बजट का मनमाना और गैर-कानूनी उपयोग करने वाले लोक सेवकों को शामिल किया जाना बेहद जरूरी है| इससे मीडिया की मनमानी और ब्यूराक्रेसी की भेदभावपूर्ण कुनीतियों पर भी अंकुश लग सकेगा|

5. प्रस्तावित लोकपाल कानून में यह स्पष्ट रूप से व्यवस्था होनी चाहिये कि इसमें देश के सभी सम्प्रदायों और वर्गों को बारी-बारी से अवसर मिलेंगे| इसमें कम से कम 50 फीसदी स्त्रियों सहित, अल्पसंख्यकों, पिछड़ा वर्ग और दलित-आदिवासी वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सशक्त हिस्सेदारी देने की सुनिश्‍चित व्यवस्था भी होनी चाहिये|

6. लोकपाल की औपचारिक नियुक्ति बेशक राष्ट्रपति द्वारा की जावे, लेकिन लोकपाल के चयन का अधिकार किसी भी राजनेता और पूर्व ब्यूरोक्रेट के पास नहीं होना चाहिये| बल्कि लोकपाल का चयन करने के लिये देश के निष्पक्ष कानूनविदों, न्यायविदों और सामाज के निष्पक्ष लोगों के संवैधानिक चयन मण्डल द्वारा होना चाहिये| बाद के चयनों में सेवा निवृत लोकपालों को भी शामिल किया जा सकता है|

7. लोकपाल को हटाने के लिये एक संवैधानिक निकाय होना चाहिये, जिसमें एक भी ऐसा व्यक्ति शामिल नहीं हो, जो लोकपाल के चयन मण्डल में भागीदार रहा हो| लोकपाल के अधीन सभी लोक सेवकों के विरुद्ध देश के हर एक व्यक्ति को कानूनी कार्यवाही प्रारम्भ कराने के लिये न्यायपालिका के समक्ष अर्जी देने का पूर्ण हक दिया जावे|

No comments:

Post a Comment

Popular Posts

dhamaal Posts

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / रिपोर्टरों की आवश्यकता है

ANI NEWS INDIA

‘‘ANI NEWS INDIA’’ सर्वश्रेष्ठ, निर्भीक, निष्पक्ष व खोजपूर्ण ‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया ऑनलाइन नेटवर्क’’ हेतु को स्थानीय स्तर पर कर्मठ, ईमानदार एवं जुझारू कर्मचारियों की सम्पूर्ण मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले एवं तहसीलों में जिला ब्यूरो प्रमुख / तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों / संवाददाताओं की आवश्यकता है।

कार्य क्षेत्र :- जो अपने कार्य क्षेत्र में समाचार / विज्ञापन सम्बन्धी नेटवर्क का संचालन कर सके । आवेदक के आवासीय क्षेत्र के समीपस्थ स्थानीय नियुक्ति।
आवेदन आमन्त्रित :- सम्पूर्ण विवरण बायोडाटा, योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के स्मार्ट नवीनतम 2 फोटोग्राफ सहित अधिकतम अन्तिम तिथि 30 मई 2019 शाम 5 बजे तक स्वंय / डाक / कोरियर द्वारा आवेदन करें।
नियुक्ति :- सामान्य कार्य परीक्षण, सीधे प्रवेश ( प्रथम आये प्रथम पाये )

पारिश्रमिक :- पारिश्रमिक क्षेत्रिय स्तरीय योग्यतानुसार। ( पांच अंकों मे + )

कार्य :- उम्मीदवार को समाचार तैयार करना आना चाहिए प्रतिदिन न्यूज़ कवरेज अनिवार्य / विज्ञापन (व्यापार) मे रूचि होना अनिवार्य है.
आवश्यक सामग्री :- संसथान तय नियमों के अनुसार आवश्यक सामग्री देगा, परिचय पत्र, पीआरओ लेटर, व्यूज हेतु माइक एवं माइक आईडी दी जाएगी।
प्रशिक्षण :- चयनित उम्मीदवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण भोपाल स्थानीय कार्यालय मे दिया जायेगा, प्रशिक्षण के उपरांत ही तय कार्यक्षेत्र की जबाबदारी दी जावेगी।
पता :- ‘‘ANI NEWS INDIA’’
‘‘न्यूज़ एण्ड व्यूज मिडिया नेटवर्क’’
23/टी-7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, प्रेस काम्पलेक्स,
नीयर दैनिक भास्कर प्रेस, जोन-1, एम. पी. नगर, भोपाल (म.प्र.)
मोबाइल : 098932 21036


क्र. पद का नाम योग्यता
1. जिला ब्यूरो प्रमुख स्नातक
2. तहसील ब्यूरो प्रमुख / ब्लाक / हायर सेकेंडरी (12 वीं )
3. क्षेत्रीय रिपोर्टरों / प्रतिनिधियों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
4. क्राइम रिपोर्टरों हायर सेकेंडरी (12 वीं )
5. ग्रामीण संवाददाता हाई स्कूल (10 वीं )

SUPER HIT POSTS

TIOC

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

''टाइम्स ऑफ क्राइम''


23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1,

प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011

Mobile No

98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।

http://tocnewsindia.blogspot.com




यदि आपको किसी विभाग में हुए भ्रष्टाचार या फिर मीडिया जगत में खबरों को लेकर हुई सौदेबाजी की खबर है तो हमें जानकारी मेल करें. हम उसे वेबसाइट पर प्रमुखता से स्थान देंगे. किसी भी तरह की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा.
हमारा mob no 09893221036, 8989655519 & हमारा मेल है E-mail: timesofcrime@gmail.com, toc_news@yahoo.co.in, toc_news@rediffmail.com

''टाइम्स ऑफ क्राइम''

23/टी -7, गोयल निकेत अपार्टमेंट, जोन-1, प्रेस कॉम्पलेक्स, एम.पी. नगर, भोपाल (म.प्र.) 462011
फोन नं. - 98932 21036, 8989655519

किसी भी प्रकार की सूचना, जानकारी अपराधिक घटना एवं विज्ञापन, समाचार, एजेंसी और समाचार-पत्र प्राप्ति के लिए हमारे क्षेत्रिय संवाददाताओं से सम्पर्क करें।





Followers

toc news